Bihar News: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी उबाल, पूर्णिया में बवाल; लाठीचार्ज के जवाब में पथराव
मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी छात्र संगठनों का आंदोलन जारी है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में शनिवार को बिहार के पूर्णिया में आजाद समाज पार्टी, भीम आर्मी और विभिन्न छात्र संगठनों ने विशाल पैदल मार्च निकाला।
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नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी देशभर में छात्रों और विभिन्न संगठनों का आक्रोश थमता नजर नहीं आ रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर शनिवार को बिहार के पूर्णिया में बड़ा प्रदर्शन हुआ। आजाद समाज पार्टी, भीम आर्मी और विभिन्न छात्र संगठनों के संयुक्त आह्वान पर निकाला गया पैदल मार्च उस समय हिंसक हो गया, जब पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हो गया। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जबकि प्रदर्शनकारियों ने जवाब में पथराव शुरू कर दिया।
इंदिरा गांधी स्टेडियम से निकला विशाल पैदल मार्च
शनिवार को पूर्णिया के इंदिरा गांधी स्टेडियम में पूर्णिया, कटिहार, पटना समेत कई जिलों से बड़ी संख्या में आजाद समाज पार्टी, भीम आर्मी और विभिन्न छात्र संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और छात्र-छात्राएं जुटे। यहां से सभी ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर पैदल मार्च शुरू किया। प्रदर्शनकारी केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शहर के विभिन्न इलाकों से गुजरते हुए आगे बढ़े।
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आरएन साह चौक पर बिगड़े हालात
पैदल मार्च जब शहर के आरएन साह चौक पर पहुंचा तो माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। मौके पर मौजूद पूर्णिया के जिलाधिकारी (डीएम) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने प्रदर्शनकारियों से लगातार शांति बनाए रखने और बातचीत के जरिए अपनी बात रखने की अपील की। हालांकि, प्रदर्शनकारी लगातार आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे और माहौल धीरे-धीरे उग्र हो गया।
पुलिस ने किया लाठीचार्ज, प्रदर्शनकारियों ने किया पथराव
पुलिस के अनुसार, बार-बार समझाने के बावजूद जब स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी तो भीड़ को रोकने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया। लाठीचार्ज के बाद प्रदर्शनकारी भी उग्र हो गए और उन्होंने पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। पथराव और लाठीचार्ज के कारण आरएन साह चौक पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय का पुतला फूंकने की कोशिश
प्रदर्शनकारियों ने देशभर में सामने आए पेपर लीक मामलों, भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और छात्र आंदोलनों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का पुतला फूंकने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग उठाई गई।
आंदोलनकारियों ने रखीं कई मांगें
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग कर रहे छात्रों और युवाओं पर पुलिस बल का इस्तेमाल लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। आंदोलनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, गिरफ्तार छात्रों की बिना शर्त रिहाई, दर्ज मुकदमों की वापसी, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग करने, नई शिक्षा नीति वापस लेने और प्रतियोगी परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।
शहर में बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना के बाद शहर में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और पूरे इलाके में लगातार गश्त की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर पूरी तरह नजर रखी जा रही है और शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।