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Bihar News: 'बिहार में बेटियां असुरक्षित', पप्पू यादव का बड़ा हमला, लगाए पुलिस पर गंभीर लापरवाही के आरोप
Sun, 22 Mar 2026 03:51 PM IST
पूर्णिया ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया
Published by: पूर्णिया ब्यूरो
Updated Sun, 22 Mar 2026 03:51 PM IST
सार
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिहार में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर गहरा आक्रोश जताया। उन्होंने डगरूआ में हुई घटना का जिक्र करते हुए पुलिस और सरकार पर संवेदनहीनता के आरोप लगाए।
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प्रेस कॉन्फ्रेंस करते सांसद पप्पू यादव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने अर्जुन भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बिहार में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने डगरूआ प्रखंड में हाल ही में घटी हृदयविदारक घटना को लेकर पुलिस प्रशासन और सरकार की संवेदनहीनता पर तीखे सवाल खड़े किए।
“बिहार में बेटियां सुरक्षित नहीं”
सांसद ने स्पष्ट रूप से कहा कि बिहार में अब बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और पुलिस हर संगीन जुर्म को प्रेम प्रसंग का नाम देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेती है। सांसद ने डगरूआ की घटना का जिक्र करते हुए बताया कि यहां एक ही तरह की तीन सामूहिक बलात्कार की घटनाएं सामने आई हैं। हालिया मामले में एक बच्ची का 11 मार्च को अपहरण किया गया था, जिसकी लाश 20 मार्च को बरामद हुई।
एसिड से जलाकर पहचान मिटाने का आरोप
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि अपराधियों ने बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी और पहचान मिटाने के लिए शरीर पर एसिड छिड़ककर उसे पूरी तरह जला दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि 11 दिनों तक पुलिस क्या कर रही थी? अगर समय पर कार्रवाई होती, तो शायद बच्ची की जान बचाई जा सकती थी।
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पप्पू यादव ने पुलिस की प्रेम प्रसंग वाली थ्योरी पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि जब भी कोई बच्ची गायब होती है या उसके साथ अपराध होता है, तो पुलिस सबसे पहले उसे प्रेम प्रसंग से जोड़ देती है, ताकि मामले की गंभीरता को कम किया जा सके। पटना और दरभंगा के उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कई थाना प्रभारी बच्चियों के लापता होने पर ‘मौज-मस्ती’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, जो बेहद शर्मनाक और निंदनीय है।
नीट छात्रा मामला भी उठाया
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सांसद ने नीट छात्रा के मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक हॉस्टल संचालक के संरक्षण में अनैतिक गतिविधियां चलाई जा रही थीं।
ये भी पढ़ें: बिहार के पंकज का IPL में हुआ चयन, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बने नेट बॉलर
जांच की मांग, कई सफेदपोशों पर शक
उन्होंने मांग की कि मनीष नामक आरोपी के मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स की गहन जांच हो, जिससे कई सफेदपोश लोगों के चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। सांसद ने सवाल उठाया कि उस हॉस्टल में रह रही 62 लड़कियों में से कितनी वास्तव में पढ़ने वाली थीं और कितनी नेपाल या बंगाल से लाई गई थीं।
परिवारों से खुद सुरक्षा की अपील
व्यवस्था से हताश पप्पू यादव ने बिहार के हर परिवार से अपील की कि वे अपनी बेटियों और बहनों की सुरक्षा स्वयं करें। उन्होंने कहा कि समाज में ‘गिद्ध दृष्टि’ रखने वालों की कमी नहीं है, चाहे वह पड़ोसी हो या कोचिंग संस्थान। उन्होंने पूर्णिया आईजी से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की और कहा कि जिस भी थाना क्षेत्र में अपहरण की घटना हो, वहां के थाना प्रभारी की जवाबदेही तय होनी चाहिए। सांसद ने अंत में कहा कि जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होगी, तब तक बिहार में बेटियाँ सुरक्षित नहीं हो सकतीं।
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“बिहार में बेटियां सुरक्षित नहीं”
सांसद ने स्पष्ट रूप से कहा कि बिहार में अब बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और पुलिस हर संगीन जुर्म को प्रेम प्रसंग का नाम देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेती है। सांसद ने डगरूआ की घटना का जिक्र करते हुए बताया कि यहां एक ही तरह की तीन सामूहिक बलात्कार की घटनाएं सामने आई हैं। हालिया मामले में एक बच्ची का 11 मार्च को अपहरण किया गया था, जिसकी लाश 20 मार्च को बरामद हुई।
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एसिड से जलाकर पहचान मिटाने का आरोप
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि अपराधियों ने बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी और पहचान मिटाने के लिए शरीर पर एसिड छिड़ककर उसे पूरी तरह जला दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि 11 दिनों तक पुलिस क्या कर रही थी? अगर समय पर कार्रवाई होती, तो शायद बच्ची की जान बचाई जा सकती थी।
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पप्पू यादव ने पुलिस की प्रेम प्रसंग वाली थ्योरी पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि जब भी कोई बच्ची गायब होती है या उसके साथ अपराध होता है, तो पुलिस सबसे पहले उसे प्रेम प्रसंग से जोड़ देती है, ताकि मामले की गंभीरता को कम किया जा सके। पटना और दरभंगा के उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कई थाना प्रभारी बच्चियों के लापता होने पर ‘मौज-मस्ती’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, जो बेहद शर्मनाक और निंदनीय है।
नीट छात्रा मामला भी उठाया
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सांसद ने नीट छात्रा के मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक हॉस्टल संचालक के संरक्षण में अनैतिक गतिविधियां चलाई जा रही थीं।
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जांच की मांग, कई सफेदपोशों पर शक
उन्होंने मांग की कि मनीष नामक आरोपी के मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स की गहन जांच हो, जिससे कई सफेदपोश लोगों के चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। सांसद ने सवाल उठाया कि उस हॉस्टल में रह रही 62 लड़कियों में से कितनी वास्तव में पढ़ने वाली थीं और कितनी नेपाल या बंगाल से लाई गई थीं।
परिवारों से खुद सुरक्षा की अपील
व्यवस्था से हताश पप्पू यादव ने बिहार के हर परिवार से अपील की कि वे अपनी बेटियों और बहनों की सुरक्षा स्वयं करें। उन्होंने कहा कि समाज में ‘गिद्ध दृष्टि’ रखने वालों की कमी नहीं है, चाहे वह पड़ोसी हो या कोचिंग संस्थान। उन्होंने पूर्णिया आईजी से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की और कहा कि जिस भी थाना क्षेत्र में अपहरण की घटना हो, वहां के थाना प्रभारी की जवाबदेही तय होनी चाहिए। सांसद ने अंत में कहा कि जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होगी, तब तक बिहार में बेटियाँ सुरक्षित नहीं हो सकतीं।