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Bihar News: कागजों में मदरसा, हकीकत में गायब! सरकारी फंड घोटाले का बड़ा आरोप, कार्रवाई की उठाई मांग
Sat, 25 Apr 2026 08:14 PM IST
पूर्णिया ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, किशनगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, किशनगंज
Published by: पूर्णिया ब्यूरो
Updated Sat, 25 Apr 2026 08:14 PM IST
सार
किशनगंज के पौआखाली में मदरसा नौमानिया शीशागाछी के नाम पर फर्जी मदरसा चलाने और सरकारी पैसे के गबन का आरोप लगा है। ग्रामीणों ने पहले भी शिकायत की थी, लेकिन बिना जांच के भुगतान जारी रहा। मामले की शिकायत जिला प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री तक भेजी गई है और जांच व कार्रवाई की मांग की गई है।
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किशनगंज मे फर्जी मदरसा का मामला उजागढ़
- फोटो : credit
विस्तार
किशनगंज जिले के नगर पंचायत पौआखाली से एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां अध्यक्ष प्रतिनिधि अहमद हुसैन ने मदरसा नौमानिया शीशागाछी के नाम पर फर्जी मदरसा चलाने और सरकारी राशि के गबन का आरोप लगाया है। अहमद हुसैन ने शनिवार शाम प्रेस वार्ता कर बताया कि कुछ लोगों ने मदरसा नौमानिया शीशागाछी, थाना पौआखाली के नाम से एक फर्जी मदरसा दिखाकर बिहार राज्य मदरसा बोर्ड से प्रस्वीकृति हासिल कर ली है। इस मदरसे को मदरसा संख्या 1048 (पुराना संख्या-2452) दिया गया है।
जमीन पर नहीं है कोई मदरसा
उन्होंने दावा किया कि शीशागाछी में जमीन पर इस तरह का कोई मदरसा मौजूद ही नहीं है। इसके बावजूद कागजों में इसे चल रहा दिखाकर सरकारी राशि का गबन किया जा रहा है। उन्होंने इसमें विभागीय मिलीभगत का भी आरोप लगाया। अहमद हुसैन ने बताया कि इस मामले में ग्रामीणों ने वर्ष 2024 में संबंधित कार्यालय में आवेदन देकर शिकायत की थी। लेकिन शिकायत के बावजूद बिना स्थलीय जांच के मदरसे को मान्यता दे दी गई और सरकारी पैसे का भुगतान भी किया गया, जो गंभीर जांच का विषय है।
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जांच और कार्रवाई की मांग
अध्यक्ष प्रतिनिधि ने अधिकारियों से मांग की है कि इस मामले की जमीन पर जांच कराई जाए, मदरसे की प्रस्वीकृति रद्द की जाए और सरकारी पैसे के अवैध भुगतान को तुरंत रोका जाए। उन्होंने अपने आवेदन के साथ पहले दिए गए आवेदन की कॉपी भी संलग्न की है।
उच्च अधिकारियों को भेजी गई शिकायत
उन्होंने बताया कि इस मामले की जानकारी जिला पदाधिकारी किशनगंज, बिहार राज्य मदरसा बोर्ड के सचिव, शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव, बिहार सरकार के मुख्य सचिव, शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री को भी भेजी जा रही है, ताकि इस पर जल्द कार्रवाई हो सके। फिलहाल यह मामला चर्चा में है और अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है।
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जमीन पर नहीं है कोई मदरसा
उन्होंने दावा किया कि शीशागाछी में जमीन पर इस तरह का कोई मदरसा मौजूद ही नहीं है। इसके बावजूद कागजों में इसे चल रहा दिखाकर सरकारी राशि का गबन किया जा रहा है। उन्होंने इसमें विभागीय मिलीभगत का भी आरोप लगाया। अहमद हुसैन ने बताया कि इस मामले में ग्रामीणों ने वर्ष 2024 में संबंधित कार्यालय में आवेदन देकर शिकायत की थी। लेकिन शिकायत के बावजूद बिना स्थलीय जांच के मदरसे को मान्यता दे दी गई और सरकारी पैसे का भुगतान भी किया गया, जो गंभीर जांच का विषय है।
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अध्यक्ष प्रतिनिधि ने अधिकारियों से मांग की है कि इस मामले की जमीन पर जांच कराई जाए, मदरसे की प्रस्वीकृति रद्द की जाए और सरकारी पैसे के अवैध भुगतान को तुरंत रोका जाए। उन्होंने अपने आवेदन के साथ पहले दिए गए आवेदन की कॉपी भी संलग्न की है।
उच्च अधिकारियों को भेजी गई शिकायत
उन्होंने बताया कि इस मामले की जानकारी जिला पदाधिकारी किशनगंज, बिहार राज्य मदरसा बोर्ड के सचिव, शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव, बिहार सरकार के मुख्य सचिव, शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री को भी भेजी जा रही है, ताकि इस पर जल्द कार्रवाई हो सके। फिलहाल यह मामला चर्चा में है और अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है।