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Biha News: चमकी बुखार का कहर, 4 साल की बच्ची ने इलाज के रास्ते में तोड़ा दम
Sat, 31 May 2025 04:20 PM IST
पूर्णिया ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया
Published by: पूर्णिया ब्यूरो
Updated Sat, 31 May 2025 04:20 PM IST
सार
पूर्णिया में चमकी बुखार की वजह से 4 साल की एक बच्ची की मौत हो गई। बच्ची को तेज बुखार था और उसे सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी। पहले उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, फिर हालत बिगड़ने पर जीएमसीएच पूर्णिया ले जाया गया।
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जांच में जुटी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विस्तार
पूर्णिया जिले में चमकी बुखार (AES) से एक 4 वर्षीय बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई। परिजन उसे बेहतर इलाज के लिए एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही बच्ची ने दम तोड़ दिया। मृतक बच्ची की पहचान चंपानगर थाना क्षेत्र के सिंघिया गांव निवासी मोनू कुमार साह की पुत्री दुर्गा कुमारी (4 वर्ष) के रूप में हुई है।
लीची खाने के बाद बिगड़ी थी तबीयत
बच्ची के पिता मोनू कुमार साह ने बताया कि वट सावित्री पूजा के दिन बच्ची ने लीची खाई थी, जिसके कुछ ही समय बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। उसे तेज बुखार, कमजोरी और सांस लेने में परेशानी होने लगी। पहले उसे लाइन बाजार स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, फिर वहां से जीएमसीएच पूर्णिया रेफर कर दिया गया।
यह भी पढ़ें: बिहार के दो जिलों में बनेंगे कैंसर अस्पताल, अन्य जिलों में सुविधाओं के साथ किये जाएंगे विशेष इलाज
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पूर्णिया से मुजफ्फरपुर ले जाते वक्त तोड़ा दम
जीएमसीएच पूर्णिया में बच्ची की हालत और खराब हो गई। दो घंटे के इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसे एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर रेफर कर दिया। परिजन उसे तुरंत एम्बुलेंस से लेकर चले, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पांच किलोमीटर पहले ही बच्ची की मौत हो गई। जीएमसीएच के चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. प्रेम प्रकाश ने बताया कि बच्ची को पिछले एक हफ्ते से तेज बुखार और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। वह एक निजी क्लिनिक में इलाज करा रही थी। जब बच्ची को अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती किया गया, तब उसकी हालत बहुत खराब हो चुकी थी। एक घंटे के अंदर ही उसे बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल भेज दिया गया। परिजन को बच्चे की मौत की खबर अस्पताल पहुंचने से पहले ही फोन पर मिल गई थी। बच्ची की मौत से परिवार में भारी दुख फैल गया है।
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लीची खाने के बाद बिगड़ी थी तबीयत
बच्ची के पिता मोनू कुमार साह ने बताया कि वट सावित्री पूजा के दिन बच्ची ने लीची खाई थी, जिसके कुछ ही समय बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। उसे तेज बुखार, कमजोरी और सांस लेने में परेशानी होने लगी। पहले उसे लाइन बाजार स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, फिर वहां से जीएमसीएच पूर्णिया रेफर कर दिया गया।
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पूर्णिया से मुजफ्फरपुर ले जाते वक्त तोड़ा दम
जीएमसीएच पूर्णिया में बच्ची की हालत और खराब हो गई। दो घंटे के इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसे एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर रेफर कर दिया। परिजन उसे तुरंत एम्बुलेंस से लेकर चले, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पांच किलोमीटर पहले ही बच्ची की मौत हो गई। जीएमसीएच के चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. प्रेम प्रकाश ने बताया कि बच्ची को पिछले एक हफ्ते से तेज बुखार और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। वह एक निजी क्लिनिक में इलाज करा रही थी। जब बच्ची को अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती किया गया, तब उसकी हालत बहुत खराब हो चुकी थी। एक घंटे के अंदर ही उसे बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल भेज दिया गया। परिजन को बच्चे की मौत की खबर अस्पताल पहुंचने से पहले ही फोन पर मिल गई थी। बच्ची की मौत से परिवार में भारी दुख फैल गया है।