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बिहार में बालू पर बवाल, ट्रैफिक पुलिस चौकी में आग लगाई, पुलिस का लाठीचार्ज
टीम डिजिटल, अमर उजाला
Updated Wed, 20 Dec 2017 04:11 PM IST
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नई बालू नीति के विरोध में बिहार में कई जगह आगजनी
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बिहार सरकार की नई बालू नीति के खिलाफ मंगलवार को राज्य के अनेक जिलों में विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शकारियों ने सड़कों पर आगजनी की जिससे यातायात प्रभावित हो गई। राजधानी पटना के आसपास के क्षेत्रों में भी इस बंद का खासा असर देखा जा रहा है। प्रदर्शन के उग्र होने पर प्रदर्शनकारियों ने पटना के सगुना मोड़ स्थित यातायात पुलिस की चौकी में आग लगा दी। प्रदर्शनकारियों ने मैनपुरा से लेकर सगुना मोड़ तक दुकानों को जबरदस्ती बंद कराया और विरोध करने वाले दुकानदारों के सामान फेंक डाले।
यह भी पढ़ें: बिहार में गहराया बालू संकट, कोर्ट ने नई नियमों पर लगाई रोक
बिहार की राजधानी पटना के दानापुर में पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। दानापुर में भी प्रदर्शनकारियों ने सड़क किनारे दुकानों को बंद कराने की कोशिश की और दुकानों से सामान फेंकने लगे। जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस के बल प्रयोग के बाद ही प्रदर्शनकारी तितर-बितर हुए और यातायात सामान्य हुआ।
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प्रदर्शन की वजह से ट्रकों की लंबी कतार सड़कों पर लग गई। खबरों के मुताबिक मनेर में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव भी किया और मोटरसाइकिल में आग लगा दी।
प्रदर्शनकारी सड़क पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप-मुख्यमंत्री सुशील मोदी और खनन विभाग के प्रधान सचिव के.के. पाठक के पुतले रखकर सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे। ट्रक मालिकों का कहना है कि जब तक सरकार 1972 की पुरानी नीति के आधार पर बालू खनन को चालू नहीं करती है, तब तक चक्का जाम जारी रहेगा।
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बिहार की राजधानी पटना के दानापुर में पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। दानापुर में भी प्रदर्शनकारियों ने सड़क किनारे दुकानों को बंद कराने की कोशिश की और दुकानों से सामान फेंकने लगे। जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस के बल प्रयोग के बाद ही प्रदर्शनकारी तितर-बितर हुए और यातायात सामान्य हुआ।
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प्रदर्शन की वजह से ट्रकों की लंबी कतार सड़कों पर लग गई। खबरों के मुताबिक मनेर में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव भी किया और मोटरसाइकिल में आग लगा दी।
प्रदर्शनकारी सड़क पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप-मुख्यमंत्री सुशील मोदी और खनन विभाग के प्रधान सचिव के.के. पाठक के पुतले रखकर सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे। ट्रक मालिकों का कहना है कि जब तक सरकार 1972 की पुरानी नीति के आधार पर बालू खनन को चालू नहीं करती है, तब तक चक्का जाम जारी रहेगा।
बालू खनन का केस हाईकोर्ट में चल रहा है
नई बालू नीति के विरोध में बिहार में कई जगह हिंसक प्रदर्शन
सरकार की नई बालू नीति पर विरोध जताते हुए ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन ने सोमवार से बिहार बंद का ऐलान कर रखा है। सुबह से ही बालू मजदूरों और ट्रक मालिकों के साथ-साथ ट्रक चालकों ने पटना आने वाली सड़कों को जाम कर दिया। बिहटा के पास कोइलवर पुल को जाम कर दिए जाने से आरा-पटना मार्ग पर ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई।
दरअसल बिहार में अवैध बालू खनन पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने इस साल नए नियम बनाएं और इसे 10 अक्तूबर 2017 को बिहार गजट में प्रकाशित किया गया था। 14 नवंबर को बालू-गिट्टी का रेट जारी किया गया।
नई नियमावली का खनन कंपनियां और ट्रांसपोर्टर विरोध कर रहे थे। इससे राज्य में बालू संकट बना हुआ था और इसी बात को लेकर हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।
दरअसल बिहार में अवैध बालू खनन पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने इस साल नए नियम बनाएं और इसे 10 अक्तूबर 2017 को बिहार गजट में प्रकाशित किया गया था। 14 नवंबर को बालू-गिट्टी का रेट जारी किया गया।
नई नियमावली का खनन कंपनियां और ट्रांसपोर्टर विरोध कर रहे थे। इससे राज्य में बालू संकट बना हुआ था और इसी बात को लेकर हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।