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Happy Diwali : पूरे देश में दिवाली आज, लेकिन यहां एक दिन पहले ही लोगों ने मनाया दीपोत्सव; ऐसे शुरू हुई परंपरा

Sun, 12 Nov 2023 10:27 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा Published by: आदित्य आनंद Updated Sun, 12 Nov 2023 10:27 AM IST
सार

ग्रामीण गांव की मुख्य सड़कों की सफाई खुद करते हैं। दीपावली मनाने के लिए शाम को पहले ग्रामीण नवादा भगवती मंदिर पर जुटते हैं। यहां कोई प्रतिमा नहीं लगी है। सिर्फ पत्थर का एक सिंहासन है। इसकी पूजा के बाद ग्रामीण घर जाते हैं और दीप जलाते हैं।

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People celebrated Diwali a day before in these villages of Darbhanga; Diwali in Bihar, Diwali in Mithila
दिवाली की शुभकामनाएं - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पूरे देश में दिवाली आज है। लेकिन बिहार के दरभंगा जिले के नवादा गांव में दीपावली एक दिन पहले ही मनाई जाती है। करीब सवा सौ साल पुरानी यह परंपरा आज भी जीवित है। नवादा भगवती की विशेष पूजा भी होती है। हालांकि लक्ष्मी पूजन दीपावली के दिन ही होता है। यह परंपरा कई साल से चली जा रही है। 

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बताया जाता है कि करीब 10 हजार की आबादी वाले नवादा गांव का दरभंगा महाराज के घराने से काफी अच्छा संबंध था। दरभंगा महाराज के यहां एक दिन पहले दीपावली मनाने की परंपरा थी। महाराजा लक्ष्मीश्वर सिंह (1880-1898) के समय गांव के एक पहलवान सुखदेव पर विशेष कृपा थी। इसके अलावा यहां के कई ग्रामीणों का महाराज के यहां आना-जाना था। उन्हीं के समय से नवादा के ग्रामीणों ने दरभंगा महाराज की तरह एक पहले दीपावली मनाने की शुरुआत की। तब से यह परंपरा चली आ रही है।
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People celebrated Diwali a day before in these villages of Darbhanga; Diwali in Bihar, Diwali in Mithila
दरभंगा के नवादा गांव में एक दिन पहले ही मनाई गई दिवाली। - फोटो : अमर उजाला
उक्का-पाती को बुझाने के बाद खेत गाड़ दिया जाता है
ग्रामीण गांव की मुख्य सड़कों की सफाई खुद करते हैं। दीपावली मनाने के लिए शाम को पहले ग्रामीण नवादा भगवती मंदिर पर जुटते हैं। यहां कोई प्रतिमा नहीं लगी है। सिर्फ पत्थर का एक सिंहासन है। इसकी पूजा के बाद ग्रामीण घर जाते हैं और दीप जलाते हैं। इस अवसर पर हर घर से उक्का-पाती (खर की मशाल) जलाकर हर कमरे में ले जाया जाता था। इस दौरान पूर्वजों का स्मरण किया जाता है। माना जाता है कि इससे बुरी आत्माएं दूर होती हैं। समृद्धि आती है। इस उक्का-पाती को बुझाने के बाद खेत गाड़ दिया जाता है।
 

People celebrated Diwali a day before in these villages of Darbhanga; Diwali in Bihar, Diwali in Mithila
नवादा गांव में एक दिन पहले ही मनाई गई दिवाली। - फोटो : अमर उजाला
मुखिया बोले- हमारे बच्चे भी इसी परंपरा का पालन करेंगे
नवादा गांव के मुखिया प्रदीप कुमार यादव बताते हैं कि नवादा गांव में यह परंपरा करीब 500 साल से अधिक समय से चली आ रही है। इस मान्यता के कारण गांव में सदा समृद्धि व खुशहाली बनी रहती है। हमारे पूर्वजों से लेकर हम और आगे हमारे बच्चे भी इसी परंपरा का पालन करेंगे।
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