Bihar: 'हमें गर्व है कि हम उस समाज से हैं, जिसमें बुद्धू नोनिया जैसे अमर शहीद ने जन्म लिया'; शिवराज सिंह चौहान
Bihar: अपने संबोधन में शिवराज सिंह ने यह भी कहा कि उन्हें नोनिया और चौहान समाज पर गर्व है। उन्होंने कहा कि जब देश की आन-बान-शान की बात आती है, तब ये समाज अपनी जान की बाजी लगा देता है।
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केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को पटना में आयोजित अमर शहीद बुद्धू नोनिया जी की जन्म शताब्दी समारोह में भाग लिया। इस मौके पर उन्होंने नोनिया समाज की वीरता और बलिदान को याद करते हुए कहा कि बुद्धू नोनिया जैसे क्रांतिकारी आजादी के असली नायक थे। उन्होंने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी, हमें उन पर गर्व है।
इस समारोह में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, केंद्रीय मंत्री रेणु देवी, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल और समाज के अनेक प्रमुख लोग मौजूद थे। मंच से शिवराज सिंह ने यह भी कहा कि पटना में बुद्धू नोनिया की प्रतिमा लगाई जाएगी और इसके लिए उन्होंने बिहार सरकार का आभार जताया।
शिवराज सिंह ने कहा कि अंग्रेजों ने आजादी हमें यूं ही नहीं दी, बल्कि हमारे वीरों ने उसे अपनी जान देकर हासिल किया। बुद्धू नोनिया जी ने नमक आंदोलन में हिस्सा लिया और जब उन्हें अंग्रेजों ने उबलते हुए नमक के कड़ाह में डाल दिया, तब भी उनके मुंह से 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम्' के नारे निकलते रहे। ऐसे वीरों की पूजा न की जाए तो वीरता भी बांझ हो जाएगी।
अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नोनिया और चौहान समाज पर गर्व है। उन्होंने कहा कि जब देश की आन-बान-शान की बात आती है, तब ये समाज अपनी जान की बाजी लगा देता है। इतिहास में दो प्रमुख विद्रोहों का जिक्र होता है, एक संन्यासी विद्रोह और दूसरा नोनिया विद्रोह। ये विद्रोह अंग्रेजों को खदेड़ने के लिए हुआ था।
शिवराज सिंह ने यह भी जानकारी दी कि गृह मंत्री अमित शाह ने इसी अवसर पर जातिगत जनगणना की तारीखों की घोषणा की है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि अब पिछड़े, गरीब और वंचित समाज को उनका हक सही आंकड़ों के आधार पर मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि रेणु देवी ने मांग रखी है कि यदि समाज के 95 प्रतिशत लोग अत्यंत गरीब हैं, तो उन्हें अनुसूचित जनजाति में शामिल किया जाए। सरकार इस पर गंभीरता से विचार करेगी।
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अपने भाषण में उन्होंने लालू यादव पर भी कटाक्ष किया और कहा कि जो लोग बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की तस्वीर पैरों के पास रखते हैं, उन्हें शर्म आनी चाहिए। देश ऐसे लोगों को कभी माफ नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने देश को संविधान दिया, और उनका अपमान किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
समारोह में जब शिवराज सिंह को सम्मानस्वरूप मुकुट पहनाया गया, तो उन्होंने वह मुकुट समाज को समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि जब किसी समाज की बेटी की शादी होगी, तो इस मुकुट की चांदी से उसकी बिछिया बनाई जाए। यह समाज के लिए उनका व्यक्तिगत उपहार होगा।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि दिल्ली आइए, आपके लिए दिल और घर दोनों के दरवाजे खुले हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने गरीबों, पिछड़ों और वंचितों के लिए जो ऐतिहासिक काम किए हैं, वैसा अब तक किसी सरकार ने नहीं किया। उन्होंने कहा कि जो हमारे लिए हैं, हम उनके लिए हैं, यही भावना लेकर हम सबको विकसित भारत के संकल्प में साथ चलना है।