{"_id":"66d6f9692383a98cfd0664b7","slug":"the-family-members-came-out-of-the-hospital-carrying-the-patient-in-their-arms-in-nalanda-2024-09-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"देख लो सरकार: मरीज को गोद में लेकर अस्पताल से निकले परिजन, स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही उजागर; नालंदा का मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देख लो सरकार: मरीज को गोद में लेकर अस्पताल से निकले परिजन, स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही उजागर; नालंदा का मामला
Tue, 03 Sep 2024 05:26 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Tue, 03 Sep 2024 05:26 PM IST
सार
Bihar: नालंदा जिले में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रहुई में एक ऐसा मामला सामने आया है, जो स्वास्थ्य सेवाओं की दयनीय स्थिति को उजागर करता है। यहाँ एक महिला मरीज को अपनी गोद में लेकर, हाथ में स्लाइन की बोतल थामे, अस्पताल से बाहर जाते देखा गया।
विज्ञापन
मरीज को गोद में लेकर जाता शख्स
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
घटना की जानकारी देते हुए मरीज की रिश्तेदार बेबी देवी ने बताया कि मरीज काजल कुमारी रहुई प्रखण्ड की उत्तरनावां गांव की रहने वाली हैं। वह डायरिया से पीड़ित थीं और उनका इलाज सीएचसी रहुई में चल रहा था। जब मरीज की हालत में सुधार नहीं हुआ, तो स्वास्थ्यकर्मियों ने उन्हें सदर अस्पताल बिहारशरीफ रेफर कर दिया।
विज्ञापन
लेकिन यहां चौंकाने वाली बात यह है कि रेफर करने के बाद भी मरीज को एम्बुलेंस की सुविधा नहीं दी गई। परिजनों को मजबूरन मरीज को गोद में उठाकर, स्लाइन की बोतल हाथ में लेकर अस्पताल से बाहर निकलना पड़ा। इस दौरान स्वास्थ्यकर्मी मूकदर्शक बने रहे और मरीज के परिजनों को नहीं रोक पाए। जब मरीज के परिजन सड़क पर वाहन का इंतजार कर रहे थे, तब वहाँ लोगों की भीड़ जमा हो गई। इस घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया।
विज्ञापन
बाद में, शायद अपनी गलती का अहसास होने पर, स्वास्थ्यकर्मियों ने एम्बुलेंस बुलवाई और मरीज को सदर अस्पताल ले जाया गया। इस मामले पर सीएचसी रहुई के डॉक्टर दयानंद कुमार का कहना है कि मरीज बहुत कमजोर थी, इसलिए उसे रेफर किया गया था। लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि एम्बुलेंस की व्यवस्था क्यों नहीं की गई।
विज्ञापन