फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Patna News ›   Sulabh International organisation founder Dr bindeshwar Pathak died in AIIMS Delhi after hoisting flag

Bihar News: पद्म भूषण बिंदेश्वर पाठक नहीं रहे, तीन दिन पहले अपने राज्य आकर की थी यह बातें

Tue, 15 Aug 2023 04:36 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: आदित्य आनंद Updated Tue, 15 Aug 2023 04:36 PM IST
सार

Sulabh International: बिहार की प्रसिद्ध शख्सियत पद्म भूषण डॉक्टर बिंदेश्वर पाठक का मंगलवार को दिल्ली में निधन हो गया। उन्होंने मानव मल का ऊर्जा के रूप में उपयोग और सुलभ शौचालय से देशभर में स्वच्छता की मुहिम शुरू की थी।

विज्ञापन
Sulabh International organisation founder Dr bindeshwar Pathak died in AIIMS Delhi after hoisting flag
बिंदेश्वर पाठक (फाइल फोटो)।) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक डॉक्टर बिंदेश्वर पाठक का मंगलवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली में निधन हो गया। 80 साल के डॉ. बिंदेश्वर पाठक पद्म भूषण से सम्मानित हो चुके थे। पिछले हफ्ते वे अपने गृह क्षेत्र बिहार आए थे और यहां साहित्य के कार्यक्रमों में शामिल भी हुए थे।

विज्ञापन


बिंदेश्वर पाठक का दुनियाभर में नाम

डॉ. बिंदेश्वर पाठक उस समय सुलभ शौचालय की अवधारणा लेकर आए, जब अगड़ी जातियों के लिए बिहार में या यहां तक कि देश में भी इस क्षेत्र में आना दुश्वारियां भरा होता था। पाठक ने सुलभ शौचालय के जरिए खुले में शौच को खत्म करने की मुहिम शुरू की। सुलभ शौचालय की मैला टंकियों में जमा हुए मल से ऊर्जा उत्पादन शुरू करने के बाद वे दुनिया भर में सुर्खियों में आए थे। 11 अगस्त की शाम को पटना के कालिदास रंगालय में पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में बिंदेश्वर पाठक आए थे।

विज्ञापन


बिहार में यह उनका अंतिम कार्यक्रम साबित हुआ
पटना के गांधी मैदान स्थित कालिदास रंगालय में शुक्रवार को डॉ. बिंदेश्वर पाठक सुविख्यात लोक कलाकार भिखारी ठाकुर के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित पुस्तक 'पिया गइले कलकतवा' के लोकार्पण समारोह में शामिल हुए थे। बिहार में यह उनका अंतिम कार्यक्रम साबित हुआ। यहां डॉ. पाठक ने कहा- “भिखारी ठाकुर ने भोजपुरी लोक कला और साहित्य को एक नई दिशा प्रदान की। वह जनमानस के कलाकार थे। उनके कार्य से प्रभावित होकर ही राहुल सांस्कृत्यायन ने उन्हें भोजपुरी का शेक्सपियर कहा था। किरणकांत वर्मा ने उनपर इस तरह की किताब लिखकर सराहनीय काम किया है। आने वाली पीढ़ी यह किताब पढ़ कर भोजपुरी लोक कला पर भिखारी ठाकुर के कार्यों को सही मायने में समझ सकेगी। उन्हें अपनी लोक-संस्कृति और लोक भाषा को जानने में सहूलियत होगी और वह अपनी विरासत पर गर्व कर सकेंगे।"
विज्ञापन
विज्ञापन


बिंदेश्वर पाठक के निधन पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जताया शोक
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक पद्म भूषण से सम्मानित बिंदेश्वर पाठक के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के वैशाली जिला के रहनेवाले बिंदेश्वर पाठक जी का स्वच्छता एवं सामाजिक कार्य के प्रति अहम योगदान था, जिसे भुलाया नहीं जा सकता है। उन्हें पद्म भूषण सहित कई राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। बिंदेश्वर पाठक जी वंचितों को सशक्त बनाने के साथ-साथ सामाजिक प्रगति के लिये लगातार काम करते रहे। स्वच्छता के प्रति उनका जुनून लोगों को प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा है कि बिंदेश्वर पाठक जी के निधन के समाचार से उन्हें गहरा दुख हुआ है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की चिर शान्ति तथा उनके परिजनों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed