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पटना छात्र आंदोलन पर बड़ा एक्शन! सैकड़ों गिरफ्तार, परिवारों का आरोप- 'निर्दोषों को भी भेजा जेल'
Mon, 27 Jul 2026 06:27 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Mon, 27 Jul 2026 06:27 PM IST
सार
Bihar News: पटना में 22 और 25 जुलाई के छात्र प्रदर्शनों के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार कर बेऊर केंद्रीय कारा भेज दिया है। परिजनों का आरोप है कि कई निर्दोष युवकों को भी बिना पर्याप्त जांच के गिरफ्तार किया गया है, जबकि पुलिस का कहना है कि कार्रवाई वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर की गई है।
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मौके पर मौजूद पुलिस वैन और जवान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
22 और 25 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन के बाद राजधानी पटना में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में पुलिस ने सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार कर बेऊर केंद्रीय कारा भेज दिया है। गिरफ्तार लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस कार्रवाई के बाद गिरफ्तार लोगों के परिजनों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
परिजनों का आरोप- निर्दोष युवकों को भी भेजा जेल
गिरफ्तार लोगों के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने कार्रवाई के दौरान कई ऐसे युवकों को भी हिरासत में ले लिया, जिनका प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं था। उनका कहना है कि कई लोग उस समय अपने कार्यस्थल पर थे या घर लौट रहे थे, लेकिन उन्हें भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। परिजनों का आरोप है कि बिना पर्याप्त जांच के की गई कार्रवाई से निर्दोष लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
'12 धाराएं लगने से युवाओं का भविष्य खतरे में'
परिजनों का कहना है कि गिरफ्तार लोगों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 समेत कुल 12 धाराएं लगाई गई हैं। उनका आरोप है कि इतने गंभीर मामलों में नामजद किए जाने से युवाओं के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर निर्दोष लोगों को जल्द रिहा करने की मांग की है।
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"वीडियो और साक्ष्यों के आधार पर हुई कार्रवाई'
वहीं, पुलिस ने अपनी कार्रवाई को पूरी तरह कानून के दायरे में बताया है। अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा, सरकारी कार्य में बाधा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कानून-व्यवस्था भंग करने के मामलों में वीडियो फुटेज, सीसीटीवी और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की पहचान की गई है। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की गई है।
'निर्दोषों के साथ अन्याय नहीं होगा'
पुलिस का कहना है कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं किया जाएगा। यदि जांच के दौरान किसी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलते हैं तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस मामले को लेकर परिजनों में आक्रोश बना हुआ है और वे निष्पक्ष जांच तथा गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें: 'क्या छात्र आतंकवादी हैं?' AK-47 विवाद पर BJP पर बरसा विपक्ष, राहुल गांधी बोले- माफी मांगें PM मोदी
बेऊर जेल पहुंचीं आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा
इस बीच अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा सोमवार को पटना स्थित बेऊर केंद्रीय कारा पहुंचीं। उन्होंने हाल ही में छात्र आंदोलन के दौरान गिरफ्तार कर जेल भेजे गए छात्र नेताओं और छात्रों से करीब एक घंटे तक मुलाकात की। मुलाकात के दौरान उन्होंने बंद छात्रों का हालचाल जाना और आंदोलन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी प्रतिक्रिया भी दी।
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परिजनों का आरोप- निर्दोष युवकों को भी भेजा जेल
गिरफ्तार लोगों के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने कार्रवाई के दौरान कई ऐसे युवकों को भी हिरासत में ले लिया, जिनका प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं था। उनका कहना है कि कई लोग उस समय अपने कार्यस्थल पर थे या घर लौट रहे थे, लेकिन उन्हें भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। परिजनों का आरोप है कि बिना पर्याप्त जांच के की गई कार्रवाई से निर्दोष लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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'12 धाराएं लगने से युवाओं का भविष्य खतरे में'
परिजनों का कहना है कि गिरफ्तार लोगों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 समेत कुल 12 धाराएं लगाई गई हैं। उनका आरोप है कि इतने गंभीर मामलों में नामजद किए जाने से युवाओं के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर निर्दोष लोगों को जल्द रिहा करने की मांग की है।
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"वीडियो और साक्ष्यों के आधार पर हुई कार्रवाई'
वहीं, पुलिस ने अपनी कार्रवाई को पूरी तरह कानून के दायरे में बताया है। अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा, सरकारी कार्य में बाधा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कानून-व्यवस्था भंग करने के मामलों में वीडियो फुटेज, सीसीटीवी और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की पहचान की गई है। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की गई है।
'निर्दोषों के साथ अन्याय नहीं होगा'
पुलिस का कहना है कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं किया जाएगा। यदि जांच के दौरान किसी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलते हैं तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस मामले को लेकर परिजनों में आक्रोश बना हुआ है और वे निष्पक्ष जांच तथा गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग कर रहे हैं।
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बेऊर जेल पहुंचीं आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा
इस बीच अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा सोमवार को पटना स्थित बेऊर केंद्रीय कारा पहुंचीं। उन्होंने हाल ही में छात्र आंदोलन के दौरान गिरफ्तार कर जेल भेजे गए छात्र नेताओं और छात्रों से करीब एक घंटे तक मुलाकात की। मुलाकात के दौरान उन्होंने बंद छात्रों का हालचाल जाना और आंदोलन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी प्रतिक्रिया भी दी।