Bihar: विभिन्न आयोजनों में भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए ‘गोल्ड कमांडर सिस्टम’ लागू होगा, जानें सब कुछ
Patna News: BSDMA के उपाध्यक्ष डॉ. उदय कांत ने कहा कि भगदड़ की घटनाओं को रोकने के लिए सतर्कता और पूर्व योजना सबसे जरूरी है। उन्होंने जोर दिया कि CCTV कैमरे, कंट्रोल पैनल, साउंड सिस्टम और पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती से सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिहार में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों के दौरान होने वाली भगदड़ की घटनाओं को रोकने और भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) के सभागार में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्राधिकरण के माननीय उपाध्यक्ष डॉ. उदय कांत ने की। बैठक में प्राधिकरण के सदस्य पी.एन. राय, कौशल किशोर मिश्र, नरेंद्र सिंह और प्रकाश कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
इस बैठक में गृह विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, परिवहन विभाग, पर्यटन विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, अग्निशमन सेवा, सिविल डिफेंस, नगर निगम पटना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के अधिकारियों ने शिरकत की। बैठक में राज्य में भगदड़ से बचाव और पूर्व तैयारी को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा मानकों, आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता, अफवाहों के खंडन, बजट प्रावधान, जागरूकता अभियानों और आपदा न्यूनीकरण जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया।
सुरक्षित आयोजनों के लिए प्रभावी रणनीति
बैठक में निर्णय लिया गया कि धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों में पूर्व नियोजित योजना और नियमित मॉक ड्रिल को अनिवार्य किया जाएगा। इसके अलावा, ‘गोल्ड कमांडर सिस्टम’ लागू करने का निर्णय लिया गया, जिसके तहत प्रत्येक आयोजन स्थल पर एक मुख्य कमांडर (Gold Commander) और डिप्टी कमांडर (Silver Commander) तैनात होंगे।
इस प्रणाली के तहत:-
- पुलिस, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग, जल आपूर्ति और आपातकालीन सेवाओं के बीच स्पष्ट समन्वय होगा।
- सुरक्षा मानकों को लागू करने के लिए CCTV कैमरों की निगरानी को प्रभावी बनाया जाएगा।
- कंट्रोल पैनल और साउंड सिस्टम के जरिए लोगों को सही समय पर सूचनाएं दी जाएंगी ताकि अफवाहों और भ्रम की स्थिति को रोका जा सके।
- आपातकालीन सेवाओं की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
तकनीकी और प्रशासनिक उपायों से भगदड़ की घटनाओं पर लगेगी रोक
बैठक में भगदड़ जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कई तकनीकी और प्रशासनिक उपायों पर भी चर्चा की गई। इसमें शामिल हैं:-
- पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती और उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाना।
- रिमोट सेंसिंग और मशीन लर्निंग जैसे एआई टूल्स के माध्यम से निगरानी और मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी।
- निकासी मार्ग (Exit Routes) को चिह्नित कर वैकल्पिक रास्तों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
- अफवाहों के खंडन के लिए डिजिटल और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग को मजबूत किया जाएगा।
- भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग और वैकल्पिक प्रवेश एवं निकास व्यवस्था को अनिवार्य किया जाएगा।
पूर्व की घटनाओं से सीख लेकर नई रणनीति तैयार
बैठक में पूर्व की भगदड़ घटनाओं का विश्लेषण कर नई रणनीति बनाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने निर्णय लिया कि:-
- राज्य में भीड़ प्रबंधन की सर्वोत्तम प्रक्रियाओं (Good Practices) को अपनाया जाएगा।
- स्थानीय स्वयंसेवकों और आपदा प्रबंधन टीमों को प्रशिक्षित कर आयोजनों में शामिल किया जाएगा।
- राज्य में दुर्गा पूजा, छठ पूजा, मुहर्रम और अन्य बड़े आयोजनों के दौरान सुरक्षा मानकों को कड़ाई से लागू किया जाएगा।
बैठक में अधिकारियों की महत्वपूर्ण टिप्पणियां
बैठक में माननीय उपाध्यक्ष डॉ. उदय कांत ने कहा कि भगदड़ की घटनाओं को रोकने के लिए सतर्कता और पूर्व योजना सबसे जरूरी है। उन्होंने जोर दिया कि CCTV कैमरे, कंट्रोल पैनल, साउंड सिस्टम और पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती से सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
माननीय सदस्य पी.एन. राय ने कहा कि सुरक्षा चक्र को मजबूत करने के लिए आयोजनों में सभी संभावित खतरों की पहचान करनी होगी। उन्होंने कहा कि फायर सेफ्टी, निकासी मार्ग और प्राथमिक चिकित्सा सेवाओं को सुनिश्चित करना आवश्यक है।
सिविल डिफेंस के महानिदेशक जितेंद्र सिंह गंगवार ने कहा कि भीड़ नियंत्रण और सुरक्षित आयोजन के लिए विभागों और हितधारकों के बीच स्पष्ट समन्वय जरूरी है। उन्होंने ‘गोल्ड कमांडर सिस्टम’ को प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
आगामी आयोजनों के लिए नई कार्ययोजना
बैठक के अंत में सभी हितधारकों ने राज्य में भीड़ प्रबंधन और आपदा न्यूनीकरण पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने, आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने के लिए बजट प्रावधान करने और सुरक्षा मानकों को कड़ाई से लागू करने के लिए मिलकर काम करने की सहमति जताई। इस अवसर पर बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव मो. वारिस खान, विभिन्न हितधारक विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी और प्राधिकरण के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का संचालन प्राधिकरण के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. जीवन कुमार ने किया।