Bihar News: एनआईए की नालंदा में छापेमारी, अवैध हथियार तस्करी केस की जांच तेज
एनआईए ने बिहार एसटीएफ के साथ मिलकर नालंदा जिले के दो ठिकानों पर गुरुवार तड़के अवैध हथियार तस्करी मामले में छापेमारी की, लेकिन कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली।
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अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़े एक संवेदनशील मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बिहार विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के सहयोग से गुरुवार तड़के नालंदा जिले के दो ठिकानों पर छापेमारी की। हालांकि, इस कार्रवाई में किसी तरह की आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हो सकी।
तड़के तीन बजे हुई कार्रवाई
एनआईए और एसटीएफ की संयुक्त टीम सुबह करीब तीन बजे नालंदा के दो स्थानों—बिहार थाना क्षेत्र के बारादरी मोहल्ले में मोहम्मद परवेज के घर और भागन बीघा ओपी क्षेत्र में राजेंद्र यादव के निवास—पर पहुंची। टीम ने दोनों जगहों पर विस्तृत तलाशी ली, लेकिन कोई हथियार या संदिग्ध सामान नहीं मिला। अधिकारियों ने केवल संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की।
छह महीने पहले मिला था कारतूस का बड़ा जखीरा
यह छापेमारी छह महीने पहले हुए उस बड़े ऑपरेशन से जुड़ी है जिसमें 23 जून 2025 को नालंदा पुलिस और एसटीएफ ने अवैध हथियार और गोली-बारूद तस्कर गिरोह के खिलाफ अभियान चलाया था। उस दौरान सोहसराय थाना क्षेत्र के आशा नगर में अभिजीत कुमार उर्फ रॉबिन यादव के किराए के मकान से विभिन्न बोर के 717 जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे।
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इसके अलावा, भागन बीघा स्थित उसके घर से 117 गोलियां मिली थीं, जहां से अभिजीत के पिता राजेंद्र यादव को गिरफ्तार भी किया गया था।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी से खुला था मामला
मामले का खुलासा तब हुआ जब एसटीएफ ने मुख्य आरोपी अभिजीत कुमार को उत्तर प्रदेश से लौटते समय कैमूर जिले के मोहनिया में पकड़ा था। उसकी कार से 3700 जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे, जिससे तस्करी के इस नेटवर्क की गंभीरता सामने आई थी।
एनआईए कर रही गहन जांच
मामले की संवेदनशीलता और इसके अंतरराज्यीय तारों को देखते हुए एसटीएफ ने यह केस एनआईए को सौंप दिया था। इसके बाद से एजेंसी इसकी गहन जांच कर रही है। सदर डीएसपी संजय कुमार जायसवाल ने बताया कि छह महीने पहले भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए थे। उसी मामले की कड़ी में आगे की जांच के लिए एनआईए की टीम नालंदा पहुंची थी।