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Bihar Board Result: संघर्ष से सफलता तक! सिलाई कारीगर की बेटी साजिया ने इंटर आर्ट्स में हासिल किया तीसरा स्थान
Mon, 23 Mar 2026 03:58 PM IST
पटना ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा
Published by: पटना ब्यूरो
Updated Mon, 23 Mar 2026 03:58 PM IST
सार
नालंदा जिले की साजिया (सहज) अंसारी ने बिहार इंटरमीडिएट आर्ट्स परीक्षा 2026 में 477 अंक और 95.40 प्रतिशत के साथ पूरे राज्य में तीसरा स्थान हासिल किया। करायपरसुराय प्रखंड की यह छात्रा राजकीयकृत प्लस टू उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्रा हैं।
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साजिया (सहज) अंसारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हौसले बुलंद हों और इरादे नेक, तो संसाधनों की कमी कभी आड़े नहीं आती। इसे सच कर दिखाया है नालंदा जिले के सुदूरवर्ती करायपरसुराय प्रखंड की रहने वाली साजिया (सहज) अंसारी ने। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा घोषित इंटरमीडिएट आर्ट्स के नतीजों में साजिया ने पूरे राज्य में तीसरा स्थान (Rank 3) प्राप्त कर जिले का मान बढ़ाया है। राजकीयकृत प्लस टू उच्च माध्यमिक विद्यालय, करायपरसुराय की इस छात्रा ने 95.40 प्रतिशत अंक हासिल कर टॉपर्स की सूची में अपनी जगह पक्की की है।
साधारण परिवार से बड़ी उपलब्धि
साजिया की यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि काफी साधारण है। उनके पिता कर्नाटक में एक सिलाई कारीगर के रूप में काम करते हैं, जबकि माता शहनाज बानो एक कुशल गृहणी हैं। घर की आर्थिक चुनौतियों के बावजूद साजिया ने अपनी पढ़ाई को कभी प्रभावित नहीं होने दिया। अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को देते हुए साजिया ने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही मध्य विद्यालय डियामा से हुई और कड़ी मेहनत के बल पर आज उन्होंने राज्य स्तर पर यह मुकाम हासिल किया है।
ये भी पढ़ें- Bihar Board 12th Result OUT: बिहार बोर्ड 12वीं में 85.19% अभ्यर्थी पास, आर्ट्स और कॉमर्स में छात्राएं अव्वल
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भविष्य की योजना
भविष्य की योजनाओं के बारे में साजिया ने कहा कि उन्हें पढ़ना और पढ़ाना बेहद पसंद है। वे आगे चलकर एक शिक्षिका बनना चाहती हैं ताकि समाज की सेवा कर सकें और आने वाली पीढ़ियों को शिक्षित कर सकें। साजिया के अनुसार, समाज में शिक्षा का प्रसार ही सबसे बड़ी सेवा है।
जिले में खुशी का माहौल
कुल 477 अंक प्राप्त करने वाली साजिया की इस उपलब्धि से पूरे प्रखंड और जिले में हर्ष का माहौल है। विद्यालय के शिक्षकों और स्थानीय लोगों ने इसे गौरव का क्षण बताया है। साजिया की यह छलांग उन हजारों छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा है जो छोटे गांवों और सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं।
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साधारण परिवार से बड़ी उपलब्धि
साजिया की यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि काफी साधारण है। उनके पिता कर्नाटक में एक सिलाई कारीगर के रूप में काम करते हैं, जबकि माता शहनाज बानो एक कुशल गृहणी हैं। घर की आर्थिक चुनौतियों के बावजूद साजिया ने अपनी पढ़ाई को कभी प्रभावित नहीं होने दिया। अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को देते हुए साजिया ने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही मध्य विद्यालय डियामा से हुई और कड़ी मेहनत के बल पर आज उन्होंने राज्य स्तर पर यह मुकाम हासिल किया है।
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भविष्य की योजना
भविष्य की योजनाओं के बारे में साजिया ने कहा कि उन्हें पढ़ना और पढ़ाना बेहद पसंद है। वे आगे चलकर एक शिक्षिका बनना चाहती हैं ताकि समाज की सेवा कर सकें और आने वाली पीढ़ियों को शिक्षित कर सकें। साजिया के अनुसार, समाज में शिक्षा का प्रसार ही सबसे बड़ी सेवा है।
जिले में खुशी का माहौल
कुल 477 अंक प्राप्त करने वाली साजिया की इस उपलब्धि से पूरे प्रखंड और जिले में हर्ष का माहौल है। विद्यालय के शिक्षकों और स्थानीय लोगों ने इसे गौरव का क्षण बताया है। साजिया की यह छलांग उन हजारों छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा है जो छोटे गांवों और सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं।