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बिहार: कभी एसटीएफ तो कभी आरपीएफ बनकर जमाता था रौब, चलती ट्रेन में यात्रियों को निशाना बनाने वाला गिरफ्तार

Thu, 24 Sep 2026 07:44 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना/ दानापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना/ दानापुर Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Thu, 24 Sep 2026 07:44 AM IST
सार

खगौल में चलती ट्रेन में यात्रियों से लूटपाट करने और उन्हें ट्रेन से नीचे फेंकने के आरोप में रेल पुलिस ने मुख्य आरोपी रोहित तिवारी उर्फ गुड्डू तिवारी को वाराणसी के मोहनसराय से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी कभी खुद को एसटीएफ तो कभी आरपीएफ कर्मी बताकर यात्रियों पर रौब जमाता था।

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khagaul train robbery passengers thrown rohit tiwari arrest varanasi
मुख्य आरोपी रोहित तिवारी वाराणसी से गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चलती ट्रेन में यात्रियों को निशाना बनाकर लूटपाट करने और उन्हें ट्रेन से नीचे फेंकने के आरोप में रेल पुलिस ने मुख्य आरोपी रोहित तिवारी उर्फ गुड्डू तिवारी को वाराणसी के मोहनसराय से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी कभी खुद को एसटीएफ तो कभी आरपीएफ का कर्मचारी बताकर यात्रियों पर रौब जमाता था। वह खासतौर पर नाबालिगों और नशे के आदी युवकों को निशाना बनाता था। लगातार सामने आई घटनाओं को देखते हुए पुलिस उसकी गतिविधियों को गंभीर मानकर जांच कर रही है। पूछताछ के दौरान कई घटनाओं की कड़ियां जुड़ने की बात सामने आई है।

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कैलाश से लूटपाट के बाद हाथ-पैर बांधकर ट्रेन से फेंकने का आरोप

रेल डीएसपी कंचन राज ने बताया कि छह सितंबर को बक्सर से पटना लौट रहे कैलाश कुमार और रितेश कुमार को आरोपी ने निशाना बनाया था। पुलिस के मुताबिक, कैलाश के साथ लूटपाट करने के बाद उसके हाथ-पैर बांध दिए गए और बिहटा-सदीसोपुर के बीच चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया गया। इसके बाद रितेश को भी ट्रेन से नीचे फेंकने का आरोप है। इस घटना में रितेश घायल हो गया था। उसने पुलिस को आरोपी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। इसी पहचान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और आरोपी की तलाश शुरू की।

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नितिन को ट्रेन से फेंकने के बाद परिजनों से मांगे रुपये

पुलिस के अनुसार, 19 सितंबर को हैदराबाद से दानापुर लौट रहे नितिन कुमार को भी आरोपी ने अपना निशाना बनाया। आरोप है कि नितिन को चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी ने नितिन के मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर उसके परिजनों को फोन किया। पुलिस के मुताबिक, उसने खुद को एसटीएफ का कर्मचारी बताते हुए पहले पांच हजार रुपये और बाद में 12 हजार रुपये की मांग की। मोबाइल लोकेशन और तकनीकी जांच के जरिए पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही।

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फुलवारी शरीफ की घटना से भी जुड़ी कथित भूमिका

जांच के दौरान फुलवारी शरीफ में आरा निवासी मनीष कुमार को ट्रेन से नीचे फेंकने की घटना में भी रोहित तिवारी की कथित भूमिका सामने आई है। पुलिस के अनुसार, अलग-अलग घटनाओं में आरोपी के तौर-तरीकों में समानता मिली है। इसके बाद एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी गतिविधियों की पड़ताल शुरू की।

पटना, आरा और बक्सर में छापेमारी के बाद वाराणसी से गिरफ्तारी

आरोपी की तलाश में एसआईटी ने पटना, आरा और बक्सर समेत कई स्थानों पर छापेमारी की। तकनीकी निगरानी के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी वाराणसी के मोहनसराय में मौजूद है। इसके बाद रेल पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपी से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। उसके संपर्क में रहे दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस इन लोगों की भूमिका और अलग-अलग घटनाओं से उनके संभावित संबंधों की भी जांच कर रही है।

कई घटनाओं की कड़ियां खंगाल रही रेल पुलिस

लगातार यात्रियों को निशाना बनाने, लूटपाट करने और उन्हें चलती ट्रेन से नीचे फेंकने के आरोपों को देखते हुए जांच टीम आरोपी की पुरानी गतिविधियों को भी खंगाल रही है। पुलिस को आशंका है कि पूछताछ और तकनीकी जांच आगे बढ़ने के बाद कुछ अन्य घटनाओं की कड़ियां भी सामने आ सकती हैं। रेल पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन, उसके संपर्क में रहे लोगों और पूर्व की घटनाओं से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच टीम संभावित अन्य पीड़ितों और घटनाओं के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।

स्थानीय स्तर पर ‘साइको किलर’ कहे जाने लगा आरोपी

पुलिस की जांच में सामने आए घटनाक्रम के कारण स्थानीय स्तर पर आरोपी को ‘साइको किलर’ कहा जाने लगा है। हालांकि, पुलिस की ओर से इस शब्द को आधिकारिक कानूनी आरोप के रूप में इस्तेमाल किए जाने की पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल रोहित तिवारी से पूछताछ जारी है और रेल पुलिस पूरे मामले की जांच करते हुए उससे जुड़ी अन्य संभावित घटनाओं और पीड़ितों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

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