{"_id":"666eee016fa5b3c65701ccde","slug":"kaimur-former-soldier-suffering-from-heat-stroke-dies-due-to-lack-of-treatment-gross-negligence-of-police-2024-06-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar News: लू से पीड़ित पूर्व सैनिक की इलाज के अभाव में मौत, रेफर करने के बाद हायर सेंटर ही नहीं ले गई पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar News: लू से पीड़ित पूर्व सैनिक की इलाज के अभाव में मौत, रेफर करने के बाद हायर सेंटर ही नहीं ले गई पुलिस
Sun, 16 Jun 2024 07:22 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कैमूर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कैमूर
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Sun, 16 Jun 2024 07:22 PM IST
सार
Kaimur News: चिकित्सक रूपेश श्रीवास्तव ने कहा कि मरीज प्रमोद तिवारी को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर करते हुए मोहनिया पुलिस को इसकी सूचना दे दी गई थी। लेकिन रेफर के दौरान मरीज अज्ञात था और किसी भी अज्ञात को पुलिस द्वारा हायर सेंटर ले जाया जाता है। लेकिन कोई नहीं आया जिसके बाद मरीज की मौत हो गई।
विज्ञापन
पुलिस की घोर लापरवाही से रिटायर्ड सेना जवान की मौत हो गई
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार के कैमूर जिले की मोहनिया पुलिस अकसर अपने कारनामों को लेकर सुर्खियों में रहती है, लेकिन इस बार तो लापरवाही की हद ही पार कर दी। दरअसल, बेहतर इलाज के लिए रेफर मरीज को पुलिस हायर सेंटर ही नहीं ले गई, जिस कारण रिटायर्ड आर्मी जवान की मौत हो गई।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, डायल 112 की टीम द्वारा शनिवार की दोपहर दो बजे मोहनिया के डड़वा से लावारिस हालत में एक व्यक्ति को इलाज के लिए मोहनिया के अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया। जहां प्राथमिक उपचार शुरू हुआ, लेकिन रविवार की सुबह तबीयत बिगड़ने लगी। उसके बाद बेहतर इलाज के लिए मरीज को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया, लेकिन पुलिस की लापरवाही के कारण रिटायर्ड आर्मी जवान की मौत हो गई। मृतक रिटायर्ड आर्मी जवान की पहचान रोहतास जिले के कोचस थाना क्षेत्र के अदिलापुर निवासी प्रमोद तिवारी के रूप में हुई है।
विज्ञापन
इस मामले को लेकर मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल के चिकित्सक रूपेश श्रीवास्तव ने कहा कि मरीज प्रमोद तिवारी को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर करते हुए मोहनिया पुलिस को इसकी सूचना दे दी गई थी। लेकिन रेफर के दौरान मरीज अज्ञात था और किसी भी अज्ञात को पुलिस द्वारा हायर सेंटर ले जाया जाता है। लेकिन कोई नहीं आया जिसके बाद मरीज की मौत हो गई। अगर समय से बेहतर इलाज मिलता तो मृतक प्रमोद तिवारी की जान बच सकती थी।
विज्ञापन
इस मामले में मोहनिया थाने के सब इंस्पेक्टर संजय राउत ने बताया की मृतक के परिजन पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते, जिनसे आवेदन ले लिया गया है।