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बिहार: कोईलवर पीएचसी को मिला सीएचसी का दर्जा, 30 बेड के साथ विशेषज्ञ इलाज की जगी उम्मीद

Tue, 03 Nov 2026 04:28 PM IST
पटना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोजपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोजपुर Published by: पटना ब्यूरो Updated Tue, 03 Nov 2026 04:28 PM IST
सार

भोजपुर के कोईलवर पीएचसी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा मिला है। यहां 30 बेड की सुविधा और विशेषज्ञ डॉक्टरों समेत विभिन्न श्रेणियों के पद स्वीकृत हुए हैं। इससे स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज की उम्मीद बढ़ी है। डॉक्टरों की तैनाती जरूरी होगी।

 

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Health services will be expanded in Koilwar, PHC gets CHC status
कोइलवर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोईलवर प्रखंड सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से अच्छी खबर है। कोईलवर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) को अब आधिकारिक तौर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का दर्जा मिल गया है। बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने 30 अक्टूबर 2026 को अधिसूचना जारी कर राज्य के 135 उत्क्रमित एवं नवनिर्मित स्वास्थ्य संस्थानों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में अधिसूचित किया है। इनमें कोईलवर पीएचसी भी शामिल है। इसके साथ ही इन स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 47 पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है।

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सीएचसी का दर्जा मिलने से कोईलवर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद बढ़ गई है। खासकर आरा-पटना फोरलेन सहित क्षेत्र की प्रमुख सड़कों पर आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं को देखते हुए इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब तक सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए कोईलवर पीएचसी लाया जाता था, लेकिन पर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए आरा या पटना रेफर करना पड़ता था। ऐसे में कई बार मरीजों को अस्पताल पहुंचने में देरी का सामना करना पड़ता था। सीएचसी के अनुरूप सुविधाएं विकसित होने से दुर्घटना पीड़ितों सहित अन्य गंभीर मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार मिलने की संभावना है।

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दो साल पहले ही बनकर तैयार हो चुका है सीएचसी भवन
कोईलवर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए नया भवन करीब दो साल पहले ही बनकर तैयार हो गया था। भवन निर्माण के बाद से ही स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि यहां जल्द ही सीएचसी स्तर की चिकित्सा सुविधाएं शुरू होंगी। हालांकि, भवन तैयार होने के बावजूद विभागीय स्तर पर इसे आधिकारिक मान्यता नहीं मिल पाई थी। अब स्वास्थ्य विभाग की अधिसूचना जारी होने के बाद सीएचसी का दर्जा मिलने से स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का रास्ता साफ हो गया है। इससे भवन के उपयोग के साथ जरूरी चिकित्सा संसाधनों और मानव बल की उपलब्धता की उम्मीद भी बढ़ी है।
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30 बेड की व्यवस्था, विशेषज्ञ डॉक्टरों समेत 47 श्रेणियों के पद स्वीकृत
स्वास्थ्य विभाग की अधिसूचना के अनुसार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के सुचारु संचालन के लिए उपाधीक्षक, जनरल सर्जन, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, एनेस्थेटिस्ट, शिशु रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन और मेडिकल ऑफिसर सहित विभिन्न श्रेणियों के पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा नर्सिंग स्टाफ, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट, नेत्र सहायक और फिजियोथेरेपिस्ट के पद भी शामिल हैं। हड्डी रोग, ईएनटी और नेत्र रोग विशेषज्ञों की व्यवस्था का भी प्रावधान किया गया है।

प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 30 बेड की सुविधा विकसित करने की योजना है। इन पदों पर नियुक्ति और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता के बाद कोईलवर में चिकित्सा सेवाओं का दायरा बढ़ सकेगा। अब तक कोईलवर प्रखंड के मरीजों को सामान्य उपचार के अलावा विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श, विभिन्न जांच और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए आरा सदर अस्पताल या पटना के बड़े अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता था। सीएचसी के रूप में सुविधाओं का विस्तार होने से मरीजों को कई तरह की चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी।

इसका लाभ विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं, बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को मिलने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज की सुविधा विकसित होने से मरीजों और उनके परिजनों को समय के साथ-साथ आर्थिक खर्च में भी राहत मिल सकती है।

डॉक्टरों की तैनाती और संसाधनों की उपलब्धता होगी अहम
सीएचसी का विभागीय दर्जा मिलने के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती यहां स्वीकृत पदों के अनुरूप चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की होगी। इसके साथ ही आधुनिक चिकित्सा उपकरण, पैथोलॉजी जांच, ऑपरेशन थिएटर और अन्य जरूरी संसाधन भी उपलब्ध कराने होंगे। महज अधिसूचना जारी होने से स्वास्थ्य सुविधाएं तत्काल शुरू नहीं हो जाएंगी, बल्कि इसके लिए विभागीय स्तर पर जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करनी होंगी।

बहरहाल, कोईलवर पीएचसी को सीएचसी का दर्जा मिलना क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। अब स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि विभाग जल्द ही डॉक्टरों की तैनाती और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा, ताकि सीएचसी भवन में 30 बेड के साथ बेहतर चिकित्सा सुविधाएं शुरू हो सकें और छोटी-बड़ी बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को बार-बार आरा और पटना की दौड़ नहीं लगानी पड़े।

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