हर्ष राज हत्याकांड: ABVP ने कहा- शिक्षा के मंदिर में हिंसा की कोई जगह नहीं, दोषियों को शीघ्र दी जाए फांसी
Harsh Raj Murder Case: एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ल ने कहा कि पटना विश्वविद्यालय के छात्र हर्ष राज को बेरहमी तरीके से हत्या करने का कृत्य अत्यंत दुःखदाई और निंदनीय है। विश्विद्यालय प्रशासन एंव राज्य सरकार से इस हत्याकांड के दोषियों को चिन्हित कर अविलंब फांसी दी जाए।
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने पटना विश्वविद्यालय के बिहार नेशनल कॉलेज के बीए फंक्शनल इंग्लिश के छात्र हर्ष राज की हत्या को बहुत ही दुःखद बताया। एबीवीपी की ओर से कहा गया है कि पटना विश्वविद्यालय परिवार ने एक होनहार और समाजसेवी छात्र को खोया है। कॉलेज कैंपस में एक छात्र का इस प्रकार से निर्मम तरीके से हत्या विश्वविद्यालय प्रशासन पर बहुत ही बड़ा सवाल खड़ा करता है। एबीवीपी ने कहा कि कॉलेज कैंपस में हत्या जैसी जघन्य घटना का होना इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने हाल के दिनों में घटित आपराधिक घटनाओं की हमेशा लीपा-पोती की है और आपराधिक किस्म के छात्रों को सजा के बदले संरक्षण दिया है।
एबीवीपी के दक्षिण बिहार प्रांत मंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि शिक्षा के मंदिर में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। पटना विश्वविद्यालय की लगातार बिगड़ती हुई कानून व्यवस्था को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन को कई बार ज्ञापन भी दिया था। लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। पटना विश्वविद्यालय कैंपस में लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं ने वैश्विक स्तर पर इसकी छवि को धूमिल किया है। एबीवीपी छात्र हर्ष राज की हत्या में शामिल सभी अपराधियों को अविलंब गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा की मांग करती है। इस दुख की घड़ी में एबीवीपी की संवेदनाएं दुःख संतप्त परिवार के साथ हैं।
वहीं, एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ल ने कहा कि पटना विश्वविद्यालय के छात्र हर्ष राज को बेरहमी तरीके से हत्या करने का कृत्य अत्यंत दुःखदाई और निंदनीय है। विश्विद्यालय प्रशासन एंव राज्य सरकार से इस हत्याकांड के दोषियों को चिन्हित कर अविलंब फांसी दी जाए। उन्होंने कहा कि पटना विश्विद्यालय के लॉ कॉलेज के छात्रावासों का वातावरण अपराधियों से भयभीत करने वाला है। पटना विश्वविद्यालय प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि छात्रावासों में रहने वाले छात्र हों न कि अपराध जगत से जुड़े हुए लोग। विश्वविद्यालय में हिंसा के वातावरण से शिक्षण कार्यों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। विश्वविद्यालय की शुचिता को समृद्ध करने की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की है।