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बिहार में शपथ ग्रहण की तैयारी!: एक डिप्टी सीएम रिटायर होंगे, निशांत कुमार को पद दिए जाने की चर्चा
Thu, 05 Nov 2026 04:01 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आदित्य आनंद
Updated Thu, 05 Nov 2026 04:01 PM IST
सार
Bihar News : बिहार में फिर शपथ ग्रहण समारोह होने जा रहा है! बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मुलाकात में विजेंद्र यादव को रिटायर कर निशांत कुमार को डिप्टी सीएम बनाने की बात हुई।
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पिता नीतीश कुमार के साथ निशांत कुमार की ऐसी ही तस्वीरें आती हैं। मंत्री शपथ से पहले की यह फाइल फोटो है।
- फोटो : amar ujala digital
विस्तार
बिहार में एक बार फिर शपथ ग्रहण समारोह होगा। सुबह महागठबंधन के साथ जनता दल यूनाईटेड और जन सुराज को मिलाकर सरकार बनाने की चर्चा निकली। फिर जदयू को खुलकर कहना पड़ा कि भाजपा के साथ उसका फेविकोल का मजबूत जोड़ है। टूटेगा नहीं। इसके कुछ घंटे बाद जनता दल यूनाईटेड की महाबैठक खत्म होने के पहले एक बात तेजी से चर्चा में आई है कि जदयू कोटे के मौजूदा दोनों उप मुख्यमंत्रियों में से एक विजेंद्र प्रसाद यादव को रिटायर कराया जा रहा है। उनकी जगह राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को डिप्टी सीएम बनाया जाएगा। इतना ही नहीं, शुक्रवार 6 नवंबर को शपथ ग्रहण होने की भी बात सामने आई है। कुछ घंटे में यह साफ हो जाएगा कि यह भी महज अफवाह है या यह सब फाइनल हो चुका है।
सचिवालय में कल की तैयारी नहीं थी, ऐसा होने के पीछे तर्क भी समझें
दिल्ली से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लौटे तो पूर्व सीएम और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे। कहा गया कि जदयू की 5 नवंबर को होने वाली बैठक से पहले यह मुलाकात राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के लिए जरूरी थी। विधान परिषद चुनाव के परिणाम से भाजप-जदयू में खटास की बात सामने आ रही थी। ऐसे में मौजूदा और पूर्व मुख्यमंत्री की मुलाकात को जरूरी बताने वाले सूत्र अब यह खबर सामने ला रहे हैं कि इसी बैठक में बिहार की एनडीए सरकार के नए रूप को लेकर फैसला हो गया था।
5 जून को बैठक हुई तो राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार भी नहीं पहुंचे। कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के नहीं पहुंचने से भी चर्चाएं थीं, लेकिन वह मौके पर आ गए। इसके बाद इस चर्चा को बल मिला कि निशांत को संगठन की जगह मंत्री से ज्यादा ताकतवर दिखाना जरूरी है। ऐसे में निशांत कुमार को डिप्टी सीएम बनाने की तैयारी हो रही है।
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इन चर्चाओं की हकीकत शाम तक साफ भी हो सकती है और नहीं भी। ऐसा इसलिए, क्योंकि जब नीतीश कुमार ने कुर्सी छोड़ी थी तो निशांत को डिप्टी सीएम बनाने की मांग उठ गई थी। जदयू के भविष्य को बचाने के लिए भी इसकी जरूरत बताई जा रही थी। दूसरी तरफ, गुरुवार को दोपहर बाद तीन बजे तक सचिवालय में इस तरह की कोई तैयारी नहीं दिखी कि कल शपथ ग्रहण हो जाए। मुख्यमंत्री भी कार्यक्रम में व्यस्त हैं और कई मंत्री सचिवालय में बैठकें ले रहे हैं।
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सचिवालय में कल की तैयारी नहीं थी, ऐसा होने के पीछे तर्क भी समझें
दिल्ली से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लौटे तो पूर्व सीएम और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे। कहा गया कि जदयू की 5 नवंबर को होने वाली बैठक से पहले यह मुलाकात राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के लिए जरूरी थी। विधान परिषद चुनाव के परिणाम से भाजप-जदयू में खटास की बात सामने आ रही थी। ऐसे में मौजूदा और पूर्व मुख्यमंत्री की मुलाकात को जरूरी बताने वाले सूत्र अब यह खबर सामने ला रहे हैं कि इसी बैठक में बिहार की एनडीए सरकार के नए रूप को लेकर फैसला हो गया था।
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5 जून को बैठक हुई तो राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार भी नहीं पहुंचे। कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के नहीं पहुंचने से भी चर्चाएं थीं, लेकिन वह मौके पर आ गए। इसके बाद इस चर्चा को बल मिला कि निशांत को संगठन की जगह मंत्री से ज्यादा ताकतवर दिखाना जरूरी है। ऐसे में निशांत कुमार को डिप्टी सीएम बनाने की तैयारी हो रही है।
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इन चर्चाओं की हकीकत शाम तक साफ भी हो सकती है और नहीं भी। ऐसा इसलिए, क्योंकि जब नीतीश कुमार ने कुर्सी छोड़ी थी तो निशांत को डिप्टी सीएम बनाने की मांग उठ गई थी। जदयू के भविष्य को बचाने के लिए भी इसकी जरूरत बताई जा रही थी। दूसरी तरफ, गुरुवार को दोपहर बाद तीन बजे तक सचिवालय में इस तरह की कोई तैयारी नहीं दिखी कि कल शपथ ग्रहण हो जाए। मुख्यमंत्री भी कार्यक्रम में व्यस्त हैं और कई मंत्री सचिवालय में बैठकें ले रहे हैं।