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Bihar: सीएम नीतीश कुमार ने अथमलगोला में ताजपुर पुल निर्माण का किया निरीक्षण, धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी
Sun, 13 Jul 2025 08:00 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,पटना
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Sun, 13 Jul 2025 08:00 PM IST
सार
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अथमलगोला क्षेत्र में गंगा नदी पर बन रहे ताजपुर पुल परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण में देरी पर नाराजगी जताई और अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। परियोजना की लागत बढ़कर 2543 करोड़ रुपये हो गई है और इसे 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पटना जिले के बार अनुमंडल अंतर्गत अथमलगोला क्षेत्र में गंगा नदी पर बन रहे बहुप्रतीक्षित ताजपुर पुल (ड्रीम प्रोजेक्ट) के निर्माण कार्य का शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने लगभग आधे घंटे तक परियोजना स्थल का दौरा किया और निर्माण की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण में हो रही देरी पर गहरी नाराजगी जताई और स्पष्ट निर्देश दिया कि कार्य में अब और ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पुल निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। इस मौके पर पटना प्रमंडल आयुक्त डॉ. चंद्रशेखर सिंह, पटना जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
2014 में शुरू हुआ था ड्रीम प्रोजेक्ट, लागत में हुई वृद्धि
बताया गया कि ताजपुर पुल परियोजना की शुरुआत वर्ष 2014 में हुई थी। प्रारंभिक लागत 1608 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर करीब 2543 करोड़ रुपये हो चुकी है। यह पुल परियोजना तीन भागों में विभाजित है:
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मुख्यमंत्री ने गंगा नदी पर बनाए जा रहे पिलर एक से सात तक की लांचिंग प्रक्रिया का निरीक्षण किया और करजान से कास्टिंग यार्ड तक का दौरा भी किया। उन्होंने भू-अर्जन और राशि संबंधित समस्याओं की समीक्षा करते हुए आश्वासन दिया कि राशि की कमी के कारण परियोजना प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।
2026 तक पूरा होगा प्रोजेक्ट, यातायात दबाव होगा कम
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि इस ड्रीम प्रोजेक्ट को 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया गया है। यह पुल बख्तियारपुर से समस्तीपुर तक के मार्ग को जोड़ेगा, जिससे यात्रियों को लगभग 60 किलोमीटर की दूरी कम तय करनी होगी और 4 घंटे तक का समय बचाया जा सकेगा।इस पुल के निर्माण से महात्मा गांधी सेतु और राजेंद्र सेतु पर यातायात का दबाव भी काफी हद तक कम होगा, जिससे पूरे क्षेत्र में यातायात सुगमता और कनेक्टिविटी में व्यापक सुधार आएगा।
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निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण में हो रही देरी पर गहरी नाराजगी जताई और स्पष्ट निर्देश दिया कि कार्य में अब और ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पुल निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। इस मौके पर पटना प्रमंडल आयुक्त डॉ. चंद्रशेखर सिंह, पटना जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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2014 में शुरू हुआ था ड्रीम प्रोजेक्ट, लागत में हुई वृद्धि
बताया गया कि ताजपुर पुल परियोजना की शुरुआत वर्ष 2014 में हुई थी। प्रारंभिक लागत 1608 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर करीब 2543 करोड़ रुपये हो चुकी है। यह पुल परियोजना तीन भागों में विभाजित है:
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- चक लाल तक का कार्य पूर्ण हो चुका है।
- चक लाल शाही से डुमरी तक और
- डुमरी से करजान तक का कार्य अभी प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री ने गंगा नदी पर बनाए जा रहे पिलर एक से सात तक की लांचिंग प्रक्रिया का निरीक्षण किया और करजान से कास्टिंग यार्ड तक का दौरा भी किया। उन्होंने भू-अर्जन और राशि संबंधित समस्याओं की समीक्षा करते हुए आश्वासन दिया कि राशि की कमी के कारण परियोजना प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।
2026 तक पूरा होगा प्रोजेक्ट, यातायात दबाव होगा कम
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि इस ड्रीम प्रोजेक्ट को 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया गया है। यह पुल बख्तियारपुर से समस्तीपुर तक के मार्ग को जोड़ेगा, जिससे यात्रियों को लगभग 60 किलोमीटर की दूरी कम तय करनी होगी और 4 घंटे तक का समय बचाया जा सकेगा।इस पुल के निर्माण से महात्मा गांधी सेतु और राजेंद्र सेतु पर यातायात का दबाव भी काफी हद तक कम होगा, जिससे पूरे क्षेत्र में यातायात सुगमता और कनेक्टिविटी में व्यापक सुधार आएगा।