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Bihar News: हार्ट अटैक से सेना के जवान की मौत पर गांव में शोक, प्रशासन की गैरमौजूदगी से जवानों में नाराजगी
Sun, 01 Dec 2024 09:00 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छपरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छपरा
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Sun, 01 Dec 2024 09:00 PM IST
सार
Chhapra News: शव यात्रा के दौरान स्थानीय प्रशासन की अनुपस्थिति पर सेना के जवानों और ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। जवानों ने इसे अपमानजनक बताते हुए कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी जरूरी थी। पढ़ें पूरी खबर...।
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दस साल के बेटे ने शहीद जवान को दी मुखाग्नि
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
यूपी के बरेली में ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से सेना के जवान संतोष सिंह की मृत्यु पर उनके पैतृक गांव नचाप, छपरा में मातम का माहौल है। जवान का पार्थिव शरीर रविवार को गांव पहुंचा, जहां तिरंगे में लिपटे ताबूत को देख परिजन और ग्रामीण बिलख उठे।
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जवान की अंतिम विदाई
जानकारी के मुताबिक, डूमाईगढ़ स्थित सरयू नदी घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ जवान संतोष सिंह का अंतिम संस्कार किया गया। सेना के जवानों ने सशस्त्र सलामी दी और दस वर्षीय बेटे सत्यम कुमार ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान उपस्थित लोगों ने ‘भारत माता की जय’ और ‘संतोष अमर रहें’ के नारे लगाए।
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वहीं, मृतक की पत्नी गुंजा कुमारी, बेटे सत्यम और शिवम, बुजुर्ग मां और अन्य परिजन शव से लिपटकर विलाप करते रहे। संतोष सिंह के तीन भाई और एक बहन हैं। पूरे गांव में शोक की लहर है।
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प्रशासन की गैरमौजूदगी पर आक्रोश
शव यात्रा के दौरान स्थानीय प्रशासन की अनुपस्थिति पर सेना के जवानों और ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। जवानों ने इसे अपमानजनक बताते हुए कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी जरूरी थी। वहीं, थानाध्यक्ष अमित कुमार ने स्पष्टीकरण देते हुए बताया कि जिला प्रशासन को जवान के शव आगमन की सूचना नहीं थी, इसलिए कोई अधिकारी उपस्थित नहीं हो सका।
वहीं, ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से शहीद जवान के परिवार को आर्थिक सहायता और उचित सम्मान देने की मांग की है। यह घटना न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव के लिए दुखद है। जवान संतोष सिंह की शहादत को सभी ने गर्व और शोक के साथ याद किया।