Bihar : सड़क धंसने पर पथ निर्माण मंत्री ने तेजस्वी को दी नसीहत, कहा- स्थल निरीक्षण करने से दूर होगी अज्ञानता
Bihar: सड़क धंसने पर विपक्ष के साथ भाजपा नेता भी इस मामले पर सवाल उठा रहे हैं। पथ निर्माण मंत्री ने इसे संप हाउस द्वारा पानी को ड्रैन आउट करने की वजह बताई, तो नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाया। भाजपा के एक नेता ने कार्रवाई करने की अपील कर दी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पटना के व्यस्ततम मीठापुर फ्लाईओवर के नीचे अचानक सड़क धंस गई, जिससे एक पिकअप ट्रक और कई अन्य वाहन उसमें फंस गए। हालांकि गनीमत रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन इस घटना ने शहर की सड़कों की गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल जरुर खड़े कर दिए हैं। घटना के संबंध में प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सड़क पर अचानक एक बड़ी गड्ढे जैसी धंसी हुई जगह बन गई, जिसमें सबसे पहले एक पिकअप ट्रक गिरा। इसके बाद पीछे से आ रहे दोपहिया और तिपहिया वाहन भी उसमें फंस गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और नगर निगम को सूचित किया, जिसके बाद राहत कार्य शुरू किया गया। इस मामले पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर तंज कसा, जिसका पलटवार करते हुए पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि तेजस्वी यादव को बयानवीर की जगह कर्मवीर बनने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं उनको स्थल निरीक्षण करने की चुनौती देता हूँ ताकि आपकी अज्ञानता दूर हो सके।
यह खबर भी पढ़ें-Bihar : राबड़ी आवास में राजद कार्यकर्ताओं ने अपने ही विधायक के खिलाफ किया हंगामा, टिकट नहीं देने की लगाई गुहार
पथ निर्माण मंत्री ने बताई वजह
हालांकि घटना की सूचना मिलते ही पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन घटनास्थल पर पहुंचे और स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें बूडको एवं नगर निगम के संबंधित अधिकारियों को तत्परता से जांच कर रिपोर्ट देने एवं स्थानीय लोगों को वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराते हुए अलग रास्ता बनाने का निर्देश दिया। इस संबंध में नितिन नवीन ने कहा कि मीठापुर फ्लाईओवर के पास 35 साल पहले बने संप हाउस का साइड लेन घंसा है। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के दौरान संप हाउस द्वारा तेजी से पानी को ड्रैन आउट किया जा रहा था, इसी क्रम में वहां की मिट्टी बह गयी और आज यह धंसाव हुआ। बुडको और नगर निगम के कर्मचारी सुबह से जल निकासी अभियान में जुटे हुए हैं। राजधानी के अलग-अलग इलाकों के लिए क्यूआरटी टीम को भी सक्रिय कर दिया गया है। बुडको के अधिकारी प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और राहत कार्यों में जुटा है।
यह खबर भी पढ़ें-Bihar Elections 2025 : बिहार चुनाव से पहले सुझाव यात्रा पर निकलेगी भाजपा, घर-घर जाकर इन वर्गों से लेगी फीडबैक
तेजस्वी यादव पर किया पलटवार
पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि तेजस्वी यादव को बयानवीर की जगह कर्मवीर बनने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने तेजस्वी यादव पर हमला करते हुए कहा कि जो व्यक्ति अपने समय में एक बार भी विभाग की समीक्षा करने नहीं जाता वह आज जनता के प्रति अपनी चिंता व्यक्त कर रहा। तेजस्वी यादव आप सिर्फ बरसाती मेढ़क हैं, जब मौका था तो परिवार की चिंता में उलझे रहे और आज चुनावी काल में आपको जनता की चिंता हो रही है। आपके दोहरे चरित्र को जनता बहुत अच्छे से समझ चुकी है। मैं उनको स्थल निरीक्षण करने की चुनौती देता हूँ ताकि आपकी अज्ञानता दूर हो सके। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार में जनता के हितों का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। सड़कों से लेकर रेलवे तक प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार का दोगुनी गति से विकास हो रहा है।
भाजपा नेता ने सीएम नीतीश कुमार से जांच की मांग की
भाजपा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य कृष्ण सिंह कल्लू ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह घटना अपने आप में चिंताजनक है। भाजपा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य कृष्ण सिंह कल्लू ने कहा कि मीठापुर के स्थानीय सड़क का अचानक धंस जाना आश्चर्यजनक तो था ही, लेकिन इसमें अब भ्रष्टाचार और बंदर-बांट की बू आ रही है। उन्होंने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करने की मांग की है। कृष्ण सिंह कल्लू ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से आग्रह करते ही कहा कि वह इस पूरी घटना की उच्च स्तरीय जांच करावें। उन्होंने कहा कि जिस कंपनी के द्वारा इस कार्य को किया गया उस कंपनी को त्वरित ब्लैकलिस्टेड किया जाए। इस संबंध में उन्होंने पटना के जिलाधिकारी से फोन पर स्थानीय लोगों के समक्ष बात करते हुए कहा कि जल्द से जल्द इस सड़क की मरम्मत तो होनी ही चाहिए, लेकिन साथ ही ठेकेदार, इंजीनियर, पदाधिकारी सहित अन्य लोग चाहे जितने भी बड़े लोगों की भ्रष्टाचार में संलिप्तता हो उनकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।