Bihar: 7 महीने बाद प्रिंसिपल हत्याकांड से उठा पर्दा, 8 लाख के विवाद में हुई थी हत्या; ढाई लाख की दी गई सुपारी
Bihar: नालंदा के एकंगरसराय में पिछले वर्ष नंबर महीने में प्रभारी प्रधानाचार्य अरुण कुमार को स्कूल जाने वक़्त अज्ञात अपराधियों के द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 7 महीने बाद पुलिस ने प्रभारी प्रधानाचार्य के हत्याकांड का खुलासा करते हुए एक हत्यारोपी को देसी कट्टा एवं कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया है।
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हिलसा डीएसपी-2 इस्लामपुर गोपाल कृष्ण ने बताया कि तकनीकी वैज्ञानिक एवं मानवीय आधार पर इस कांड का मुख्य शूटर हिलसा थाना क्षेत्र के कौशिक नगर निवासी अनिल प्रसाद के पुत्र अमित कुमार को देसी कट्टा एवं कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया है। अमित पर एक दर्जन से अधिक मामले हिलसा, थरथरी एवं अन्य थानों में लूट,डकैती,आर्म्स एक्ट समेत अन्य संगीन मामले दर्ज है।
8 लाख के विवाद में हुई थी हत्या
एकंगरसराय थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार झा ने बताया कि इस कांड की मास्टरमाइंड चण्डी थाना क्षेत्र के कान्धु पीपर की रहने वाली राम उदेश प्रसाद की पत्नी रिंकू कुमारी है। जिसने नौकरी के लिए 8 लाख रुपए मृतक अरुण कुमार को दी थी। जब रिंकू कुमारी की नौकरी नहीं लगी और वह पैसे की डिमांड अरुण कुमार से करने लगी तो दोनों के बीच मनमुटाव हो गया। इसके बाद रिंकू ने अरुण कुमार की हत्या की प्लानिंग बना डाली। इसके बाद महिला ने हिलसा थाना क्षेत्र के कौशिक नगर निवासी अपने भतीजे सूरज कुमार से संपर्क किया। सूरज ने अपने ही गांव के वैजू को मर्डर करने की बात बताया। इसके बाद वैजू ने अपने दोस्त नोनिया वीघा निवासी बिहारी कुमार एवं अमित कुमार के साथ मिलकर मर्डर की पूरी प्लानिंग तैयार किया।
2.50 लाख में तय हुई थी डील
बैजू और बिहारी ने शूटर कौशिक नगर निवासी अमित कुमार से संपर्क साधा इसके बाद प्रधानाध्यापक के हत्या की प्लानिंग बनाई गई। दो-चार दिनों तक अरुण कुमार के आने-जाने की रेकी की गई। वैजू मोटरसाइकिल चोरी करने में एक्सपर्ट था। घटना के दिन उसने चोरी की मोटरसाइकिल से ही गोली मारने की वारदात को अंजाम दिया था। दो मोटरसाइकिल पर सवार होकर अमित कुमार, बैजू और बिहारी ने मिलकर अरुण को एकंगरसराय स्थित रेलवे फाटक पार करने के उपरांत अमित ने गोली मारी थी। इसके बाद वहां से फरार हो गया था। पूरी डील ढाई लाख रुपए में हुई थी। इसमें से रिंकू ने वारदात के दिन 60 हजार रुपए अमित के अकाउंट पर ट्रांसफर किए थे। जबकि 30 से 35 हजार रुपए घटना के पूर्व नगद दिया गया था।
ऐसे हुआ कांड का खुलासा
थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार झा ने बताया कि अरुण कुमार की पत्नी को रिंकू पर पहले से ही संदेह हो रहा था। हालांकि पुलिस रिंकू को हिरासत में लेकर पूछताछ करती तो वह इस पूरे घटना से अपना पल्ला झाड़ लेती क्योंकि पुलिस के पास कोई सबूत नहीं था। वहीं बार बार वादिनी का संदेह अन्य अन्य लोगो पर भी हो रहा था। ठोस सबूत के तलाश में अरुण कुमार के घर वालों एवं रिंकू समेत अन्य लोगों के मोबाइल एवं बैंक अकाउंट को खंगाला गया। इसके बाद कड़ी जोड़ने पर पता चला कि रिंकू कुमारी ने अमित कुमार को घटना के दिन 60 हजार रुपए ट्रांसफर की थी। पुलिस ने जब अमित कुमार के बारे में पता लगया तो जांच में यह बात सामने आई कि अमित आदतन अपराधी है। इसी संदेह पर अमित कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इसके बाद उसने इस घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और अपने सहयोगियों का भी नाम बताया। इस पूरे हत्याकांड में चार लोगों की संलिप्तता सामने आई है। इनमें से शूटर अमित कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी की जा रही है।
छापेमारी में ये रहे शामिल
अमित कुमार के पास से एक देसी कट्टा, एक जिंदा कारतूस एवं एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। जबकि छापेमारी टीम में एकंगरसराय इंस्पेक्टर श्रीकांत कुमार, थाना अध्यक्ष अखिलेश कुमार झा, अनुसंधानकर्ता प्रभाकर कुमार झा, दारोगा ओम किशन सिंह, प्रशिक्षु दारोगा कंचन कुमारी समेत एकंगरसराय थाना की सशस्त्र पुलिस बल शामिल रही।