फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Patna News ›   Bihar News: Doctors and police will testify in court through app: Bihar Police, pending case

Bihar: डॉक्टर और पुलिस को गवाही देने के लिए नहीं जाना पड़ेगा कोर्ट, इस एप ने कर दिया समाधान; पढ़िए पूरी खबर

Sat, 16 Aug 2025 06:10 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: आदित्य आनंद Updated Sat, 16 Aug 2025 06:10 PM IST
सार

डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि निर्धारित समय पर कोर्ट में पुलिसकर्मियों और डॉक्टरों की गवाही सुनिश्चित कराने पर खासतौर से फोकस किया जा रहा है। एप के साथ ही इस पोर्टल को भी पूरी तरह सक्रिय करने की योजना को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। 

विज्ञापन
Bihar News: Doctors and police will testify in court through app: Bihar Police, pending case
दुष्कर्म के आरोपियों को कोर्ट ने सुनाई सजा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार में लंबित पड़े मुकदमों का निपटारा तेजी से करने और पीड़ितों को न्याय दिलाने के उदेश्य से पुलिस महकमा गवाही पर खासतौर से फोकस कर रहा है। इसके लिए एक विशेष ऑनलाइन व्यवस्था विकसित की गई है। इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से गवाहों को प्रस्तुत करने की कवायद शुरू करने के साथ ही आने वाले समय जल्द ही इससे संबंधित एक एप या एप्लिकेशन की शुरुआत होने जा रही है। इस पर खासतौर से पोस्टमार्टम या किसी मुकदमे में इंज्यूरी रिपोर्ट तैयार करने वाले डॉक्टरों को प्रस्तुत करने की व्यवस्था की गई है। क्योंकि मुकदमों की तारीख पर पेशी के दौरान डॉक्टरों की पेशी सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्हें कोर्ट तक आने में कोई परेशानी नहीं हो, इसका ध्यान रखते हुए यह खास एप विकसित किया गया है, जिसका नाम ‘मेडलीप पीआर’ है। किसी स्तर के कोर्ट में जिस दिन मुकदमे की तारीख मुकर्र है, उस दिन संबंधित गवाह अनिवार्य रूप से उपस्थित हो, इसका ध्यान रखा जा रहा है। संबंधित पदाधिकारियों या जांच पदाधिकारियों को इस मसले पर ध्यान देने के लिए कहा गया है कि हर हाल में गवाहों की उपस्थिति निर्धारित समय पर कोर्ट के समक्ष हो सके।

विज्ञापन


जानिए इस एप के बारे में
मेडलीप पीआर एप को अंतिम रूप दिया जा रहा है। आगामी 20 दिन में इसके शुरू हो जाने की संभावना जताई जा रही है। इस पर राज्य में किसी स्थान या अस्पताल में तैनात जिस डॉक्टर या मेडिकल ऑफिसर को गवाह के तौर पर जिस मुकदमे में उपस्थित होना होगा, उसे इस एप से जोड़ दिया जाएगा। उन्हें कुछ दिन पहले की केस में उपस्थित होने की तारीख और समय बता दिया जाएगा। अगर वह इस निर्धारित समय पर उपस्थित होने में समर्थ नहीं होने की स्थिति में इसी एप पर लॉग-इन करके सीधे विधायी प्रक्रिया से जुड़ सकते हैं और गवाही की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इससे केस में गवाही की उपस्थिति मानी जाएगी और संबंधित केस में गवाही भी हो जाएगी। इससे केस को तय समय में निपटारा करने में समस्या नहीं आएगी।
विज्ञापन

ज्यादा रोजगार देने वाले उद्योगों को मुफ्त में मिलेगी जमीन, जन्माष्टमी पर सीएम नीतीश कुमार का बड़ा एलान
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस वालों के लिए भी एप 
किसी मुकदमे में पुलिसकर्मी को कोर्ट में उपस्थित होकर हर हाल में गवाही देना अनिवार्य कर दिया गया है। इनकी सहूलियत का ध्यान रखते हुए 2007 में ही एक खास तरह का पोर्टल विकसित किया गया था। अब इस पोर्टल को फिर से पूरी तरह से सक्रिया किया जा रहा है। जिन पुलिसकर्मियों की तैनात संबंधित कोर्ट से दूर-दराज के स्थान पर है, उनकी कोर्ट में गवाही इस पोर्टल के जरिए ही होगी। 

जानिए क्या बोले डीजीपी
डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि निर्धारित समय पर कोर्ट में पुलिसकर्मियों और डॉक्टरों की गवाही सुनिश्चित कराने पर खासतौर से फोकस किया जा रहा है। ताकि सभी केस में समय पर गवाही करवाकर जल्द ही इन्हें अंजाम तक पहुंचाया जा सके। इससे केस को जल्द निपटाने में सहूलियत होगी और लंबित मामलों का निपटारा जल्द हो सकेगा। केसों में गवाही तेज होने से दोषियों को सजा दिलाने में भी तेजी आएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed