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Bihar News: पटना एम्स में कार्डिकोन 2024 का उद्घाटन, हृदय रोग विशेषज्ञों का वार्षिक सम्मेलन शुरू
Sat, 19 Oct 2024 08:08 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Sat, 19 Oct 2024 08:08 PM IST
सार
Patna News: एम्स पटना के निदेशक ने बताया कि एम्स पटना में 22 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक कार्डियक कैथ लैब की स्थापना की स्वीकृति मिल चुकी है। यहां कार्डियक साइंसेज का एक व्यापक सेंटर जल्द ही शुरू होगा, जिसमें नवीनतम तकनीक से हृदय रोगों का इलाज किया जाएगा।
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दीप प्रज्ज्वलित कर उद्धाटन करते हुए एम्स के निदेशक , डॉ संजीव कुमार और डॉ अनुपम भमभानी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पटना के एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) में कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (CSI) बिहार चैप्टर का 30वां वार्षिक अधिवेशन ‘कार्डिकोन 2024’ शुरू हो गया है। इस दो दिवसीय सम्मेलन में बिहार और देश भर के शीर्ष कार्डियोलॉजिस्ट और कार्डियक सर्जन एकत्रित हुए हैं, जहां हृदय रोगों से जुड़ी नवीनतम तकनीक और उपचार पर वैज्ञानिक सत्रों में विचार-विमर्श हुआ।
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जानकारी के मुताबिक, सम्मेलन का उद्घाटन एम्स पटना के कार्यपालक निदेशक डॉ. गोपाल कृष्ण पाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पंडित बीडी शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की कुलपति और एम्स दिल्ली की पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. अनीता सक्सेना रहीं। विशिष्ट अतिथियों में बेंगलुरु की डॉ. विजयलक्ष्मी (CSI की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष) और एम्स दिल्ली के डॉ. राकेश यादव शामिल रहे।
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उद्घाटन के दौरान एम्स पटना के निदेशक ने बताया कि एम्स पटना में 22 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक कार्डियक कैथ लैब की स्थापना की स्वीकृति मिल चुकी है। इसके साथ ही, एम्स पटना में कार्डियक साइंसेज का एक व्यापक सेंटर जल्द ही शुरू होगा, जिसमें नवीनतम तकनीक से हृदय रोगों का इलाज किया जाएगा।
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सम्मेलन के पहले दिन युवा कार्डियोलॉजिस्ट के लिए एक विशेष बूट कैंप आयोजित किया गया। इसमें त्रिवेंद्रम के डॉ. के एम कृष्णमूर्ति ने बच्चों में जन्मजात हृदय रोगों की पहचान के लिए कार्डियक कैथ तकनीक पर चर्चा की। चेन्नई के डॉ. दीपचंद राजा ने कार्डियक अर्देमिया (हृदय की अनियमित धड़कन) के बारे में जानकारी दी। वहीं, कोलकाता के डॉ. दिलीप कुमार ने बैलून एंजियोप्लास्टी के बारे में चर्चा की। साथ ही नई दिल्ली के डॉ. तोमर ने बच्चों में ईको कार्डियोग्राफी के द्वारा जटिल हृदय रोगों की पहचान के तरीकों पर जोर दिया।
इस सम्मेलन में कई प्रमुख विशेषज्ञों ने शिरकत की, जिनमें कोलकाता के कुंतल भट्टाचार्य, लखनऊ के डॉ. पीके गोयल, ऋषिकेश के डॉ. वरुण कुमार और एम्स दिल्ली के डॉ. राकेश यादव सहित अन्य विशेषज्ञों का योगदान उल्लेखनीय रहा।
कार्डियक सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. संजीव कुमार और कार्डियोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ. अनुपम भमभानी की भी प्रशंसा की गई, जिन्होंने एम्स पटना में कार्डियक साइंसेज को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सम्मेलन के अंत में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें मुंबई के प्रसिद्ध गजल सम्राट डॉ. मनीष सिंह ने अपने मधुर संगीत से चिकित्सकों और उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।