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Bihar : बिहार के भिक्षुक अब बन रहे उद्यमी, नीतीश सरकार दे रही दस हजार की आर्थिक मदद; ऐसे मिलेगी यह सुविधा

Sun, 04 Jan 2026 06:30 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण Updated Sun, 04 Jan 2026 06:30 PM IST
सार

Bihar : भिक्षुकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें दस हजार रुपए की एकमुश्त आर्थिक सहायता दे रही है। सरकार उनके बैंक खाते खुलवाने, आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवाने में भी पूरी मदद कर रही है।

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Bihar News : Bihar government giving ten thousand rupees beggars start employment patna bihar
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार की सड़कों पर अब भिक्षा मांगते हाथ, आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना' के तहत राज्य सरकार भिक्षुकों को न केवल समाज की मुख्यधारा से जोड़ रही है, बल्कि उन्हें छोटे कारोबार के लिए आर्थिक संजीवनी भी प्रदान कर रही है। अब तक सैकड़ों भिक्षुक इस योजना का लाभ उठाकर सम्मानजनक जीवन की ओर कदम बढ़ा चुके हैं।

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स्वरोजगार के लिए दस हजार की एकमुश्त सहायता
इस संबंध में राज्य के समाज कल्याण विभाग का कहना है कि भिक्षुकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें दस हजार रुपए की एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस राशि का उपयोग वे छोटे व्यवसाय या स्वरोजगार शुरू करने के लिए कर सकते हैं। अब तक कुल 544 भिक्षुकों को यह सहायता प्रदान की जा चुकी है। इसके अलावा, सरकार उनके बैंक खाते खुलवाने, आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवाने में भी पूरी मदद कर रही है।
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6 उत्पादक समूहों से मिला कौशल का साथ
भिक्षुकों के पुनर्वास को गति देने के लिए राज्य में 6 सक्षम उत्पादक समूह कार्य कर रहे हैं। इन केंद्रों पर भिक्षुकों को उनकी रुचि के अनुसार स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग दी जाती है। इसमें इनके द्वारा अगरबत्ती, दीया-बाती, नारियल झाड़ू, चप्पल और जूट के उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इन उत्पादों की बिक्री से जो भी आय होती है, उसे सीधे इनको बनाने वाले भिक्षुकों के बीच वितरित कर दिया जाता है, जिससे उन्हें नियमित कमाई हो रही है। ऐसा करने से यह इनके आय का जरिया बन गया है, जिससे भिक्षुकों में ख़ुशी है।
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इन जिलों में पुनर्वास गृह हैं संचालित
भिक्षावृत्ति को जड़ से खत्म करने के लिए राजधानी पटना समेत गया, नालंदा, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, सहरसा, भागलपुर, मुंगेर और सारण जैसे 10 प्रमुख जिलों में 19 भिक्षुक पुनर्वास गृह चलाए जा रहे हैं। यहाँ भिक्षुकों के रहने, खाने और मुफ्त इलाज की उत्तम व्यवस्था की गई है। इतना ही नहीं बिहार सरकार 14 अन्य जिलों जैसे पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, औरंगाबाद, कटिहार आदि में भी नए पुनर्वास गृह और भोजपुर में 2 'हाफ वे होम' खोलने की तैयारी पर काम कर रही है।

कौन हो सकता है इसका पात्र?
*  इसके लिए सबसे पहली शर्त यह है कि आवेदक बिहार का मूल निवासी हो। 
* आवेदक और उसका परिवार पूरी तरह भिक्षावृत्ति पर निर्भर हो।
* दिव्यांगता की स्थिति में मेडिकल सर्टिफिकेट अनिवार्य है।

कैसे करें आवेदन 
इच्छुक व्यक्ति अपने जिले के जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग या जिला कार्यक्रम प्रबंधन के कार्यालय में जाकर संपर्क कर सकते हैं। वहां से आवेदन फॉर्म प्राप्त कर, जरूरी दस्तावेजों के साथ जमा करना होगा। विभाग द्वारा भौतिक सत्यापन के बाद योग्य पाए जाने पर उन्हें यह लाभ प्रदान किया जाएगा।

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