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Bihar News: मजबूत डिजिटल सुशासन के लिए आधार सत्यापन, विकास आयुक्त एस सिद्धार्थ ने बताया सबसे महत्वपूर्ण माध्यम

Wed, 10 Sep 2025 05:13 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: शबाहत हुसैन Updated Wed, 10 Sep 2025 05:13 PM IST
सार

Bihar Hindi News Today: विकास आयुक्त ने कहा कि आधार सत्यापन के माध्यम से कई फर्जी राशन कार्डों की पहचान कर उन्हें रद्द किया गया है। उन्होंने बताया कि अक्सर एक व्यक्ति के पास विभिन्न सरकारी कार्ड और उनके नंबर अलग-अलग होते हैं, जिससे सही पहचान में समस्याएँ आती हैं।

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Bihar News: Aadhar verification is the most important medium for strong digital governance
दाएं विकास आयुक्त - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार के विकास आयुक्त डॉ. एस. सिद्धार्थ ने कहा कि सुदृढ़ डिजिटल गवर्नेंस के लिए आधार सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने बताया कि आधार के माध्यम से न केवल विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ सही तरीके से लोगों तक पहुंचाया जा सकता है, बल्कि योग्य लाभार्थियों की सही पहचान भी सुनिश्चित की जा सकती है।

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डॉ. सिद्धार्थ बुधवार को राजधानी पटना में बिहार सरकार के सूचना प्रावैधिकी विभाग द्वारा आयोजित “आधार सत्यापन सह सुदृढ़ डिजिटल सुशासन” विषयक एक दिवसीय कार्यशाला को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, विभाग के विशेष सचिव, यूआईडीएआई के उप महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। कार्यशाला में बिहार सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

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विकास आयुक्त ने कहा कि आधार सत्यापन के माध्यम से कई फर्जी राशन कार्डों की पहचान कर उन्हें रद्द किया गया है। उन्होंने बताया कि अक्सर एक व्यक्ति के पास विभिन्न सरकारी कार्ड और उनके नंबर अलग-अलग होते हैं, जिससे सही पहचान में समस्याएँ आती हैं। यदि एक व्यक्ति के पास केवल एक यूनिक पहचान संख्या हो तो सही लाभार्थी की पहचान आसान हो जाएगी और डिजिटल सुशासन में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। उन्होंने यह भी बताया कि आधार संख्या किसी भी व्यक्ति के लिए आजीवन वैध होती है और इसे विभिन्न पहचान उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

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डॉ. सिद्धार्थ ने बच्चों के आधार कार्ड से जुड़ी चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिहार में बच्चों का स्कूलों में नामांकन अक्सर बिना आधार के हो रहा है, जिससे शिक्षा विभाग को विभिन्न कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई मामलों में बच्चों के आधार कार्ड में मोबाइल नंबर, नाम, जन्मतिथि और माता-पिता के नाम गलत पाए गए हैं। कभी-कभी मोबाइल नंबर आधार केंद्र संचालक का भी दर्ज होता है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों का आधार जन्म के समय बनवा लिया जाए तो यह समस्याएं काफी हद तक दूर हो सकती हैं।

सूचना प्रावैधिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने कहा कि आधार का सत्यापन सरकार के सभी विभागों से जुड़ा मामला है। सरकार द्वारा शुरू की जाने वाली प्रत्येक योजना में आधार सत्यापन को प्रभावी बनाने के लिए यह कार्यशाला आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि बिहार आधार कार्ड का इस्तेमाल करने में देश के शीर्ष छह राज्यों में शामिल है और इसका उद्देश्य योजनाओं का लाभ सीधे योग्य व्यक्ति तक पहुंचाना है। इस प्रणाली को दुरुस्त कर लेने से प्रमाणपत्रों की जांच आसान और समय की बचत भी होगी।

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