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Bihar: पितरों को मोक्ष दिलाने की आस्था के साथ नेपाल के तीर्थयात्रियों को चिंता, हिंसा के कारण कम हो रही संख्या

Wed, 10 Sep 2025 04:52 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया जी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया जी Published by: शबाहत हुसैन Updated Wed, 10 Sep 2025 04:52 PM IST
सार

Bihar News: नेपाल बॉर्डर से आए तीर्थयात्री छज्जू कुमार यादव ने बताया कि वह करीब 60 लोगों के ग्रुप के साथ गया पहुंचे हैं। यहां 15 दिन तक श्राद्ध करेंगे। उन्होंने चिंता जताई कि वापसी के समय सीमा पार करने में दिक्कत हो सकती है, मगर पिंडदान किए बिना लौटना संभव नहीं है।

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Bihar News: Pilgrims from Nepal with the faith of getting salvation for their ancestors are worried
पिंडदान करने गया जी पहुंचे नेपाली तीर्थयात्री - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पितृपक्ष मेला चल रहा है और देश–विदेश से लाखों श्रद्धालु गया पहुंचकर पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध कार्य कर रहे हैं। मान्यता है कि यहां पिंडदान करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस बार नेपाल में जारी हिंसा का असर मेला पर भी दिख रहा है। नेपाल से आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी कमी आई है।

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गया के रामसागर तालाब रोड स्थित नेपाली धर्मशाला में रुके नेपाल से आए श्रद्धालु राजकुमार साव ने बताया कि जैसे ही वह भारत की सीमा में दाखिल हुए, उन्हें नेपाल में आगजनी और हिंसा की जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि छोटे–छोटे बच्चों और परिजनों को छोड़कर वह पिंडदान करने आए हैं, लेकिन हिंसा के बीच परिवार की चिंता लगातार बनी हुई है।

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इसी तरह नेपाल बॉर्डर से आए तीर्थयात्री छज्जू कुमार यादव ने बताया कि वह करीब 60 लोगों के ग्रुप के साथ गया पहुंचे हैं। यहां 15 दिन तक श्राद्ध करेंगे। उन्होंने चिंता जताई कि वापसी के समय सीमा पार करने में दिक्कत हो सकती है, मगर पिंडदान किए बिना लौटना संभव नहीं है।

नेपाली धर्मशाला में दर्जनों श्रद्धालु ठहरे हुए हैं और खुद खाना बनाकर खा रहे हैं। धर्मशाला के केयर टेकर ने बताया कि हिंसा के कारण नेपाल से आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में काफी कमी आ गई है। कई तीर्थयात्री जो पहले आने वाले थे, उन्होंने फिलहाल अपनी यात्रा रद्द कर दी है।

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