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बिहार: साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश, तीन भाइयों समेत सात आरोपी गिरफ्तार; इनमें तीन सगे भाई
Wed, 16 Sep 2026 07:30 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 16 Sep 2026 07:30 PM IST
सार
नालंदा के कतरीसराय थाना क्षेत्र में पुलिस ने अंतरजिला साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश कर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें तीन सगे भाई शामिल हैं। आरोपियों से 19 मोबाइल, 13 एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, टैब और 2.28 लाख रुपये नकद बरामद हुए। पुलिस गिरोह के अन्य संपर्कों की जांच कर रही है।
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साइबर क्राइम
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
विस्तार
नालंदा के कतरीसराय थाना क्षेत्र के ताराबिगहा गांव में पुलिस ने छापेमारी कर अंतरजिला साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक ही परिवार के तीन सहोदर भाई भी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल किए जाने वाले 19 मोबाइल फोन, 13 एटीएम कार्ड, एक टैब, एक सिम कार्ड, पांच बैंक पासबुक, दो चेकबुक और 2,28,000 रुपये नकद बरामद किए हैं।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर राजगीर अनुमंडल पुलिस अधिकारी संजीत कुमार गुप्ता के नेतृत्व में कतरीसराय, गिरियक और पावापुरी थाने की पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की। तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन और बैंकिंग दस्तावेज मिले हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि पता लगाया जा सके कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को निशाना बनाया है और साइबर ठगी के जरिये कितनी राशि जुटाई है।
ये भी पढ़ें- बिहार: मोतिहारी में छापेमारी के दौरान मिले 4.15 लाख रुपये, चार सिपहियों ने हड़प लिए तीन लाख; चारों बर्खास्त
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सस्ते कर्ज और लॉटरी के नाम पर ठगी
अनुमंडल पुलिस अधिकारी संजीत गुप्ता ने बताया कि शुरुआती जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपी सीधे और भोले-भाले लोगों को सस्ते कर्ज का लालच देकर फंसाते थे। वे लोगों को भारी-भरकम राशि की लॉटरी निकलने की बात कहकर भी अपने जाल में लेते थे। आरोपी फोन और अन्य माध्यमों से लोगों से संपर्क साधते थे। वे पहले आसान कर्ज या लॉटरी में बड़ी रकम मिलने का झांसा देते थे और फिर विभिन्न बहानों से उनसे पैसों की मांग करते थे। साइबर ठगी की इस प्रक्रिया में लोगों से बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी या रुपये हासिल करने के बाद आरोपी उनसे पूरी तरह संपर्क तोड़ लेते थे। बरामद मोबाइल फोन के डेटा, कॉल विवरण और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस गिरोह के काम करने के तरीके की विस्तृत जानकारी जुटा रही है।
प्राथमिकी दर्ज, संपर्कों-सहयोगियों की तलाश
पुलिस ने ताराबिगहा गांव के रहने वाले तीन सहोदर भाइयों गोलू कुमार, कुंदन कुमार और पंकज कुमार को पकड़ा है। इनके साथ ही ताराबिगहा निवासी आदित्य कुमार उर्फ चिंटू और दीपक कुमार को भी गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान इस गिरोह में अन्य जिलों के अपराधियों के शामिल होने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने बिंद क्षेत्र के जमसारी निवासी रवि कुमार और शेखपुरा जिले के बरबीघा थाना क्षेत्र के किशनपुर निवासी मनोज कुमार को भी दबोचा है। पुलिस अब अंतरजिला स्तर पर गिरोह के संपर्कों और सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। बरामद एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक और चेकबुक के स्वामियों का सत्यापन किया जा रहा है. ताकि यह पता चल सके कि इनके माध्यम से ठगी की रकम का लेन-देन होता था या नहीं।
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जानकारी के मुताबिक, पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर राजगीर अनुमंडल पुलिस अधिकारी संजीत कुमार गुप्ता के नेतृत्व में कतरीसराय, गिरियक और पावापुरी थाने की पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की। तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन और बैंकिंग दस्तावेज मिले हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि पता लगाया जा सके कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को निशाना बनाया है और साइबर ठगी के जरिये कितनी राशि जुटाई है।
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सस्ते कर्ज और लॉटरी के नाम पर ठगी
अनुमंडल पुलिस अधिकारी संजीत गुप्ता ने बताया कि शुरुआती जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपी सीधे और भोले-भाले लोगों को सस्ते कर्ज का लालच देकर फंसाते थे। वे लोगों को भारी-भरकम राशि की लॉटरी निकलने की बात कहकर भी अपने जाल में लेते थे। आरोपी फोन और अन्य माध्यमों से लोगों से संपर्क साधते थे। वे पहले आसान कर्ज या लॉटरी में बड़ी रकम मिलने का झांसा देते थे और फिर विभिन्न बहानों से उनसे पैसों की मांग करते थे। साइबर ठगी की इस प्रक्रिया में लोगों से बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी या रुपये हासिल करने के बाद आरोपी उनसे पूरी तरह संपर्क तोड़ लेते थे। बरामद मोबाइल फोन के डेटा, कॉल विवरण और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस गिरोह के काम करने के तरीके की विस्तृत जानकारी जुटा रही है।
प्राथमिकी दर्ज, संपर्कों-सहयोगियों की तलाश
पुलिस ने ताराबिगहा गांव के रहने वाले तीन सहोदर भाइयों गोलू कुमार, कुंदन कुमार और पंकज कुमार को पकड़ा है। इनके साथ ही ताराबिगहा निवासी आदित्य कुमार उर्फ चिंटू और दीपक कुमार को भी गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान इस गिरोह में अन्य जिलों के अपराधियों के शामिल होने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने बिंद क्षेत्र के जमसारी निवासी रवि कुमार और शेखपुरा जिले के बरबीघा थाना क्षेत्र के किशनपुर निवासी मनोज कुमार को भी दबोचा है। पुलिस अब अंतरजिला स्तर पर गिरोह के संपर्कों और सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। बरामद एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक और चेकबुक के स्वामियों का सत्यापन किया जा रहा है. ताकि यह पता चल सके कि इनके माध्यम से ठगी की रकम का लेन-देन होता था या नहीं।