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Bihar : जानिए, कैसी होगी बिहार के इन दो म्यूजियम को जोड़ने वाली सुरंग; इसमें क्या-क्या होगा खास
Mon, 24 Apr 2023 06:14 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आदित्य आनंद
Updated Mon, 24 Apr 2023 06:14 PM IST
सार
यह सुरंग एक आर्ट गैलरी (कला वीथिका) की तरह होगी जिसमें मधुबनी पेंटिंग्स द्वारा राज्य की कला, संस्कृति, विरासत, भित्तिचित्र एवं अन्य कलाकृतियों को सुरंग की दीवारों पर प्रदर्शित किया जायेगा।
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बिहार के दो म्यूजियम को जोड़ने वाली सुरंग कुछ ऐसी ही दिखेगी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पटनावासियों को जल्दी ही एक 'विश्व-स्तरीय सांस्कृतिक विरासत की सुरंग' मिलने वाली है। यह सुरंग बिहार संग्रहालय एवं पटना संग्रहालय को आपस में भूमिगत मार्ग से जोड़ेगी। नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा इस प्रस्तावित इस 1.5 किमी. लम्बी सुरंग का कार्य दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) को दिया गया है। यह बिहार संग्रहालय (बेली रोड स्थित) और पटना संग्रहालय (छज्जू बाग स्थित) को जोड़ने का काम करेगी।
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तकनीक के बेहतरीन इस्तेमाल से दो संग्रहालयों को जोड़ने वाली अपनी तरह की ये भारत की पहली सुरंग होगी। प्रवेश और निकास भवन में एक भूतल और प्रथम तल होगा और इसमें तीन-लेवल का बेसमेंट होगा। प्रवेश और निकास भवन में अनेक सुविधाएं होंगी जैसे सुरक्षा जांच, सामान लिफ्ट एवं जनता के लिए अन्य आवश्यक सुविधाएं। यह सुरंग एक आर्ट गैलरी (कला वीथिका) की तरह होगी जिसमें मधुबनी पेंटिंग्स द्वारा राज्य की कला, संस्कृति, विरासत, भित्तिचित्र एवं अन्य कलाकृतियों को सुरंग की दीवारों पर प्रदर्शित किया जायेगा। इस तरह ये सुरंग दोनों संग्रहालयों को जोड़ने के अतिरिक्त कला प्रेमियों और अन्य आगंतुकों को भी आकर्षित करेगी।
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दो म्यूजियम को जोड़ने वाली सुरंग ऐसी ही दिखने वाली है।
- फोटो : अमर उजाला
सुरंग के दोनों सिरों पर दो लिफ्ट होंगी
प्रस्तावित सुरंग पूर्ण रूप से वातानुकूलित होगी और सुरंग के दोनों सिरों पर दो लिफ्ट होंगी। जो लोग पैदल चलकर दूरी तय करना चाहेंगे, उनके लिए सीढ़ियां एवं पैदल पथ होगा। आगंतुकों के सुगम, सुविधाजनक एवं पर्यावरण-अनुकूल आवागमन के लिए सुरंग में बैटरी चालित गोल्फ कार की सुविधा भी होगी। यह सुरंग अग्नि सुरक्षा एवं लोगों के सुरक्षित निकास के लिए सभी सुरक्षा उपायों से युक्त होगी। मेट्रो सिस्टम के साथ जोड़ने एवं संयुक्त टिकट प्रावधानों को भी ध्यान में रखा गया है जिससे ये लोगों के लिए सरल एवं सुविधाजनक हो सके।
सुरंग के निर्माण के लिए टनल बोरिंग मशीन का प्रयोग
8 मीटर व्यास (डायमीटर) की सुरंग के निर्माण के लिए 16.5 मीटर की गहराई पर टनल बोरिंग मशीन (TBM) का प्रयोग किया जायेगा। यह भूमिगत सुरंग ज़मीन से 15 से 20 मीटर नीचे होगी। क्रासिंग पॉइंट पर पटना मेट्रो की सुरंग 29 मीटर नीचे से गुज़रेगी। बेली रोड के नीचे क्रासिंग पॉइंट पर इस भूमिगत सुरंग और पटना मेट्रो की सुरंग में लगभग 6.5 मीटर की दूरी होगी। बिहार सरकार ने मई 2022 में 373 करोड़ के इस काम को मंज़ूरी दी थी। बिहार सरकार के नगरीय विकास एवं आवास विभाग (यूडीएचडी) और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) के बीच एक समझौते पर जनवरी 2023 में दस्तखत किये गए और इससे सम्बंधित निविदाएं आमंत्रित की जा चुकी हैं।
प्रस्तावित सुरंग पूर्ण रूप से वातानुकूलित होगी और सुरंग के दोनों सिरों पर दो लिफ्ट होंगी। जो लोग पैदल चलकर दूरी तय करना चाहेंगे, उनके लिए सीढ़ियां एवं पैदल पथ होगा। आगंतुकों के सुगम, सुविधाजनक एवं पर्यावरण-अनुकूल आवागमन के लिए सुरंग में बैटरी चालित गोल्फ कार की सुविधा भी होगी। यह सुरंग अग्नि सुरक्षा एवं लोगों के सुरक्षित निकास के लिए सभी सुरक्षा उपायों से युक्त होगी। मेट्रो सिस्टम के साथ जोड़ने एवं संयुक्त टिकट प्रावधानों को भी ध्यान में रखा गया है जिससे ये लोगों के लिए सरल एवं सुविधाजनक हो सके।
सुरंग के निर्माण के लिए टनल बोरिंग मशीन का प्रयोग
8 मीटर व्यास (डायमीटर) की सुरंग के निर्माण के लिए 16.5 मीटर की गहराई पर टनल बोरिंग मशीन (TBM) का प्रयोग किया जायेगा। यह भूमिगत सुरंग ज़मीन से 15 से 20 मीटर नीचे होगी। क्रासिंग पॉइंट पर पटना मेट्रो की सुरंग 29 मीटर नीचे से गुज़रेगी। बेली रोड के नीचे क्रासिंग पॉइंट पर इस भूमिगत सुरंग और पटना मेट्रो की सुरंग में लगभग 6.5 मीटर की दूरी होगी। बिहार सरकार ने मई 2022 में 373 करोड़ के इस काम को मंज़ूरी दी थी। बिहार सरकार के नगरीय विकास एवं आवास विभाग (यूडीएचडी) और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) के बीच एक समझौते पर जनवरी 2023 में दस्तखत किये गए और इससे सम्बंधित निविदाएं आमंत्रित की जा चुकी हैं।