Bihar: कैमूर में तालाब सौंदर्यीकरण के नाम पर हुआ गोलमाल, संवेदक के भुगतान पर रोक के बावजूद हुआ 50% भुगतान
Kaimur News: कैमूर जिलाधिकारी सावन कुमार ने बताया कि करणपुरा में परमारथ नाथ पोखर का जीर्णोद्धार 75 लाख की लागत से लघु जल सिंचाई विभाग से तालाब का सौंदर्यीकरण का कार्य स्वीकृत किया गया है। उसी की जांच के दौरान पाया कि एक मीटर भी खुदाई वहां नहीं की गई है। पढ़ें पूरी खबर...।
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कैमूर से तालाब सौंदर्यीकरण के नाम पर किया गया गड़बड़झाला सामने आया है। दरअसल, जिले के दुर्गावती थाना क्षेत्र के कर्णपुरा में बाबा परमारथ पोखर का जीर्णोद्धार करने के लिए लघु जल संसाधन विभाग की तरफ से 73 लाख का प्राकलन तैयार हुआ था। फिर 16 जनवरी को 2024 को तत्कालीन रामगढ़ विधायक सुधाकर सिंह ने शिलान्यास किया था, जिसे 21 मई 2024 तक पूरा कर लेना था। लेकिन समय बीतने के बाद भी कार्य धरातल पर पूरा नहीं हुआ।
वहीं, जब जिलाधिकारी ने स्थल की जांच की तो पाया डेढ़ मीटर की खुदाई की जगह एक मीटर से भी कम खुदाई की गई है। जो सीढ़ी बनाई गई थी उसमें दो महीने के अंदर ही दरारें उभरने लगीं। इसे ध्यान में रख जिलाधिकारी ने कार्य करा रही एजेंसी के वेतन पर रोक लगाने और मानक के अनुरूप काम न होने पर संवेदक को ब्लैक लिस्ट करने का निर्देश लघु जल संसाधन विभाग के पदाधिकारी को दिया था। लेकिन काम मानक के अनुरूप न होने पर भी जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद काम करा रही एजेंसी को विभाग ने 50% का भुगतान कर दिया है।
ग्रामीण सतीश सिंह ने बताया कि इस पोखरा की जांच जिलाधिकारी करने आए थे। इस योजना का कार्य 21 मई 2024 को ही खत्म हो गया है। संवेदक पदाधिकारी और जन प्रतिनिधि की मिलीभगत से लूट मचाई गई है। एक मीटर से भी कम खुदाई की गई है। चेंजिंग रूम भी गलत बनाया गया है। जबकि समय अवधि बीत चुकी है। उसकी सीढ़ी भी चटक रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें बड़े स्तर पर घोटाला हुआ है। हम मांग करेंगे इस घोटाले की जांच हो और जो भी इसमें ठेकेदार पदाधिकारी नेता शामिल हों, उनके ऊपर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
वहीं, लघु जल संसाधन विभाग की एसडीओ अंजू कुमारी ने बताया कि डीएम सर ने निरीक्षण किया था। कमियां पाई गईं थी। साफ-सफाई को लेकर बताया गया था। चेंजिंग रूम का डायरेक्शन गलत है। उन सभी बिंदुओं पर कार्य किया जा रहा है। एजेंसी का 50% राशि भुगतान कर दिया गया है। डेढ़ मीटर गड्ढा करना है, लेकिन उतना गड्ढा किया जा चुका है। ठेकेदार की लापरवाही से योजना पूर्ण नहीं हुई है। समय अवधि विस्तार के लिए योजना की जाएगी। चार से पांच दिन में कार्य पूर्ण करा लिया जाएगा।
कैमूर जिलाधिकारी सावन कुमार ने बताया कि करणपुरा में परमारथ नाथ पोखर का जीर्णोद्धार 75 लाख की लागत से लघु जल सिंचाई विभाग से तालाब का सौंदर्यीकरण का कार्य स्वीकृत किया गया है। उसी की जांच के दौरान पाया कि एक मीटर भी खुदाई वहां नहीं की गई है। जो चेंजिंग रूम है वह गलत डायरेक्शन में बन रहा है। उसकी छत की ढलाई भी नहीं की गई है। सिर्फ ईंट पर खड़ा कर दिया गया है। सीढ़ी में भी कई जगह दरारें उभर गई हैं, जबकि इसको बने दो महीने भी नहीं हुए हैं। पूरी तरह से कार्य में लापरवाही बरती जा रही है। कार्य से पहले भी वहां निरीक्षण किया था। इसलिए संयोजक के भुगतान पर रोक लगाई है। मैंने सहायक अभियंता को भी कहा था कि मानक अनुरूप काम नहीं होने पर विभाग को लिखा जाएगा। एजेंसी बढ़िया काम नहीं करेगी तो उसको ब्लैक लिस्ट भी किया जाएगा।