फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Patna News ›   Bihar: Fraud in name of pond beautification in Kaimur, 50% payment made despite ban on payment to contractor

Bihar: कैमूर में तालाब सौंदर्यीकरण के नाम पर हुआ गोलमाल, संवेदक के भुगतान पर रोक के बावजूद हुआ 50% भुगतान

Fri, 09 Aug 2024 06:59 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कैमूर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कैमूर Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Fri, 09 Aug 2024 06:59 PM IST
सार

Kaimur News: कैमूर जिलाधिकारी सावन कुमार ने बताया कि करणपुरा में परमारथ नाथ पोखर का जीर्णोद्धार 75 लाख की लागत से लघु जल सिंचाई विभाग से तालाब का सौंदर्यीकरण का कार्य स्वीकृत किया गया है। उसी की जांच के दौरान पाया कि एक मीटर भी खुदाई वहां नहीं की गई है। पढ़ें पूरी खबर...।

विज्ञापन
Bihar: Fraud in name of pond beautification in Kaimur, 50% payment made despite ban on payment to contractor
तालाब के सौंदर्यीकरण के कार्य में किया गया घोटाला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कैमूर से तालाब सौंदर्यीकरण के नाम पर किया गया गड़बड़झाला सामने आया है। दरअसल, जिले के दुर्गावती थाना क्षेत्र के कर्णपुरा में बाबा परमारथ पोखर का जीर्णोद्धार करने के लिए लघु जल संसाधन विभाग की तरफ से 73 लाख का प्राकलन तैयार हुआ था। फिर 16 जनवरी को 2024 को तत्कालीन रामगढ़ विधायक सुधाकर सिंह ने शिलान्यास किया था, जिसे 21 मई 2024 तक पूरा कर लेना था। लेकिन समय बीतने के बाद भी कार्य धरातल पर पूरा नहीं हुआ।

विज्ञापन

 

Bihar: Fraud in name of pond beautification in Kaimur, 50% payment made despite ban on payment to contractor
तालाब के सौंदर्यीकरण के कार्य में किया गया घोटाला - फोटो : अमर उजाला

वहीं, जब जिलाधिकारी ने स्थल की जांच की तो पाया डेढ़ मीटर की खुदाई की जगह एक मीटर से भी कम खुदाई की गई है। जो सीढ़ी बनाई गई थी उसमें दो महीने के अंदर ही दरारें उभरने लगीं। इसे ध्यान में रख जिलाधिकारी ने कार्य करा रही एजेंसी के वेतन पर रोक लगाने और मानक के अनुरूप काम न होने पर संवेदक को ब्लैक लिस्ट करने का निर्देश लघु जल संसाधन विभाग के पदाधिकारी को दिया था। लेकिन काम मानक के अनुरूप न होने पर भी जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद काम करा रही एजेंसी को विभाग ने 50% का भुगतान कर दिया है।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

Bihar: Fraud in name of pond beautification in Kaimur, 50% payment made despite ban on payment to contractor
तालाब के सौंदर्यीकरण के कार्य में किया गया घोटाला - फोटो : अमर उजाला

ग्रामीण सतीश सिंह ने बताया कि इस पोखरा की जांच जिलाधिकारी करने आए थे। इस योजना का कार्य 21 मई 2024 को ही खत्म हो गया है। संवेदक पदाधिकारी और जन प्रतिनिधि की मिलीभगत से लूट मचाई गई है। एक मीटर से भी कम खुदाई की गई है। चेंजिंग रूम भी गलत बनाया गया है। जबकि समय अवधि बीत चुकी है। उसकी सीढ़ी भी चटक रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें बड़े स्तर पर घोटाला हुआ है। हम मांग करेंगे इस घोटाले की जांच हो और जो भी इसमें ठेकेदार पदाधिकारी नेता शामिल हों, उनके ऊपर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
 

विज्ञापन

Bihar: Fraud in name of pond beautification in Kaimur, 50% payment made despite ban on payment to contractor
तालाब के सौंदर्यीकरण के कार्य में किया गया घोटाला - फोटो : अमर उजाला

वहीं, लघु जल संसाधन विभाग की एसडीओ अंजू कुमारी ने बताया कि डीएम सर ने निरीक्षण किया था। कमियां पाई गईं थी। साफ-सफाई को लेकर बताया गया था। चेंजिंग रूम का डायरेक्शन गलत है। उन सभी बिंदुओं पर कार्य किया जा रहा है। एजेंसी का 50% राशि भुगतान कर दिया गया है। डेढ़ मीटर गड्ढा करना है, लेकिन उतना गड्ढा किया जा चुका है। ठेकेदार की लापरवाही से योजना पूर्ण नहीं हुई है। समय अवधि विस्तार के लिए योजना की जाएगी। चार से पांच दिन में कार्य पूर्ण करा लिया जाएगा।
 

Bihar: Fraud in name of pond beautification in Kaimur, 50% payment made despite ban on payment to contractor
तालाब के सौंदर्यीकरण के कार्य में किया गया घोटाला - फोटो : अमर उजाला

कैमूर जिलाधिकारी सावन कुमार ने बताया कि करणपुरा में परमारथ नाथ पोखर का जीर्णोद्धार 75 लाख की लागत से लघु जल सिंचाई विभाग से तालाब का सौंदर्यीकरण का कार्य स्वीकृत किया गया है। उसी की जांच के दौरान पाया कि एक मीटर भी खुदाई वहां नहीं की गई है। जो चेंजिंग रूम है वह गलत डायरेक्शन में बन रहा है। उसकी छत की ढलाई भी नहीं की गई है। सिर्फ ईंट पर खड़ा कर दिया गया है। सीढ़ी में भी कई जगह दरारें उभर गई हैं, जबकि इसको बने दो महीने भी नहीं हुए हैं। पूरी तरह से कार्य में लापरवाही बरती जा रही है। कार्य से पहले भी वहां निरीक्षण किया था। इसलिए संयोजक के भुगतान पर रोक लगाई है। मैंने सहायक अभियंता को भी कहा था कि मानक अनुरूप काम नहीं होने पर विभाग को लिखा जाएगा। एजेंसी बढ़िया काम नहीं करेगी तो उसको ब्लैक लिस्ट भी किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed