Bihar Election: उपेंद्र कुशवाहा की डील फाइनल, विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे; जानिए क्या-क्या मिलने के आसार
Upendra Kushwaha : पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा बिहार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। जितने प्रत्याशियों की सीटें मिली थीं, उतनी ही रहेंगी। कुछ सीटें बदलने की बात चल रही है। बाकी, उनकी डील अब जाकर फाइनल हुई है।
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केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में राज्यमंत्री रह चुके उपेंद्र कुशवाहा का गुस्साना उनके लिए फायदेमंद रहा है। वह पदावनत नहीं, प्रोन्नत होने वाले हैं। अब केंद्र में उनकी वापसी की बात फाइनल हो गई है। दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से बातचीत के बाद दो-तीन बातें फाइनल हो गई बताई जा रही हैं। सूत्र बता रहे हैं कि इस बार विधानसभा चुनाव में उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को जो छह सीटें (सासाराम, उजियारपुर, दिनारा, मधुबनी, बाजपट्टी, महुआ) दी गई हैं, उसमें कोई परिवर्तन नहीं होगा। लेकिन, उन्हें (उपेंद्र कुशवाहा) बिहार चुनाव की प्रक्रिया के बाद केंद्रीय मंत्री बनाया जाएगा। इसके बाद दोबारा राज्यसभा भेजा जाएगा। इतना ही नहीं राष्ट्रीय लोक मोर्चा के एक सदस्य को बिहार विधान परिषद् भेजा जाएगा। इसके अलावा पार्टी के वरिष्ट सदस्य को बोर्ड-निगमों में भी पार्टी के लोगों को पद मिलेगा।
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कुशवाहा ने कहा था- एनडीए में सबकुछ ठीक नहीं है
सूत्र बता रहे हैं कि सीट बंटवारे के बाद से नाराज हुए उपेंद्र कुशवाहा को मना लिया गया है। सोमवार मध्य रात्रि को केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कुशवाहा के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की थी। करीब एक घंटे तक मीटिंग के बाद जब कुशवाहा बाहर निकले तो उन्होंने पत्रकारों से स्पष्ट कह दिया कि एनडीए में कुछ भी अच्छा नहीं है। मैं बात करने दिल्ली जा रहा हूं। इसके बाद वह दिल्ली चले गए। बता दें कि कुशवाहा का राज्यसभा का टर्म 2026 में ही खत्म हो रहा है। इसलिए भाजपा ने उन्हें दोबारा राज्यसभा भेजने का ऑफर दिया है।
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आज कांग्रेस ने दिया था यह ऑफर
सूत्रों की मानें तो उपेंद्र कुशवाहा को दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करनी थी। पहली बार में मुलकात नहीं हो पाई। दूसरी मुलकात के बाद यह डील फाइनल हुई। इधर, उपेंद्र कुशवाहा के दिल्ली जाने के साथ ही सियासी गलियारे में इस बात की चर्चा होने लगी थी कि वह एनडीए गठबंधन छोड़ देंगे। यह कयास उनके बयानों के बाद लगाए जा रहे थे। इतना ही कांग्रेस ने तो उन्हें ऑफर भी दे दिया था। दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा था कि उपेंद्र कुशवाहा स्वेच्छा से एनडीए छोड़ महागठबंधन में आना चाहते हैं तो पार्टी उनका स्वागत करेगी। कांग्रेस के इस ऑफर के बाद सियासत गरमा गई थी। लेकिन, अब सूचना मिल रही है उपेंद्र कुशवाहा की नाराजगी दूर हो गई है। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें मना लिया है।