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Bihar Land : परिवार की जमीन हो तो हिस्सेदारों में बंटवारा अब एक आवेदन पर; जमाबंदी की नई व्यवस्था लागू
Sun, 28 Dec 2025 09:51 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Sun, 28 Dec 2025 09:51 AM IST
सार
बिहार सरकार ने पारिवारिक भूमि बंटवारे की प्रक्रिया को सरल और विवाद-मुक्त बनाने के लिए बिहारभूमि पोर्टल पर नई व्यवस्था लागू कर दी है। 27 दिसंबर से इस व्यवस्था के तहत परिवार के सभी हिस्सेदार एक ही आवेदन के जरिए अपनी जमीन पर जमाबंदी कर सकते हैं।
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सीएम नीतीश कुमार।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार सरकार ने पारिवारिक भूमि बंटवारे की प्रक्रिया को सरल, आसान और विवाद-मुक्त बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। 27 दिसंबर से बंटवारा दाखिल–खारिज की नई व्यवस्था राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के बिहारभूमि पोर्टल पर लागू कर दी गई है। अब एक ही आवेदन के माध्यम से परिवार के सभी हिस्सेदारों के नाम उनके हिस्से की जमीन पर जमाबंदी आसानी से हो सकेगी।
इस व्यवस्था की घोषणा उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शनिवार को अपने आवासीय कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में की। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि पूर्व की व्यवस्था में पारिवारिक बंटवारे के बाद प्रत्येक हिस्सेदार को अपने हिस्से की जमीन के लिए अलग-अलग दाखिल–खारिज कराना पड़ता था, जिससे आम लोगों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने विभागीय अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि प्रधान सचिव सीके अनिल के नेतृत्व में विभागीय टीम ने अल्प समय में नई व्यवस्था विकसित की, जिसे अब बिहारभूमि पोर्टल की दाखिल–खारिज सेवा के अंतर्गत लागू कर दिया गया है। इस नई प्रणाली से आम रैयतों को काफी सहूलियत मिलेगी।
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उपमुख्यमंत्री ने आम नागरिकों से अपील की कि वे अपने पूर्वजों की भूमि का विधिवत बंटवारा कर डिजिटल माध्यम से अपने हिस्से की जमीन की जमाबंदी अपने नाम से अवश्य कराएं। उन्होंने विशेष रूप से उन लोगों से आग्रह किया, जिनके यहां मौखिक बंटवारा के आधार पर जमीन पर कब्जा और उपयोग हो रहा है, वे इस नई सुविधा का लाभ उठाकर अपने मौखिक बंटवारे को सरकारी दस्तावेजों में दर्ज कराएं। उन्होंने चेतावनी दी कि मौखिक बंटवारा भविष्य में पारिवारिक विवाद और सरकारी योजनाओं तथा सुविधाओं से वंचित होने का कारण बन सकता है।
पढे़ं: देशभर के वेब जर्नलिस्ट जुटे बिहार में, डिजिटल और सोशल मीडिया की खूबी-चुनौतियों पर चर्चा हुई
विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत उत्तराधिकार-सह-बंटवारा की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसके अंतर्गत पूर्वज की मृत्यु के बाद उनकी भूमि का बंटवारा करते हुए सभी उत्तराधिकारियों के नाम उनके हिस्से की जमीन पर एक साथ जमाबंदी की जा सकेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इसी वर्ष अगस्त–सितंबर में चलाए गए राजस्व महा-अभियान के दौरान 46 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 40 लाख से अधिक आवेदन बंटवारा और उत्तराधिकार नामांतरण से संबंधित थे। इन आवेदनों को 31 दिसंबर तक अपलोड कर दिया जाएगा और जनवरी से मार्च के बीच पुनः पंचायतों में शिविर लगाकर सभी आवेदनों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि भूमि से संबंधित परेशानियों से जनता को राहत देने के उद्देश्य से भूमि सुधार जनकल्याण संवाद की शुरुआत की गई है। इस संवाद के माध्यम से आम लोगों की समस्याओं को जिलों में जाकर समझा जाएगा और समय सीमा में उनका समाधान किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह पहल भूमि प्रशासन को पारदर्शी, सरल और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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इस व्यवस्था की घोषणा उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शनिवार को अपने आवासीय कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में की। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि पूर्व की व्यवस्था में पारिवारिक बंटवारे के बाद प्रत्येक हिस्सेदार को अपने हिस्से की जमीन के लिए अलग-अलग दाखिल–खारिज कराना पड़ता था, जिससे आम लोगों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने विभागीय अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए।
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उन्होंने बताया कि प्रधान सचिव सीके अनिल के नेतृत्व में विभागीय टीम ने अल्प समय में नई व्यवस्था विकसित की, जिसे अब बिहारभूमि पोर्टल की दाखिल–खारिज सेवा के अंतर्गत लागू कर दिया गया है। इस नई प्रणाली से आम रैयतों को काफी सहूलियत मिलेगी।
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उपमुख्यमंत्री ने आम नागरिकों से अपील की कि वे अपने पूर्वजों की भूमि का विधिवत बंटवारा कर डिजिटल माध्यम से अपने हिस्से की जमीन की जमाबंदी अपने नाम से अवश्य कराएं। उन्होंने विशेष रूप से उन लोगों से आग्रह किया, जिनके यहां मौखिक बंटवारा के आधार पर जमीन पर कब्जा और उपयोग हो रहा है, वे इस नई सुविधा का लाभ उठाकर अपने मौखिक बंटवारे को सरकारी दस्तावेजों में दर्ज कराएं। उन्होंने चेतावनी दी कि मौखिक बंटवारा भविष्य में पारिवारिक विवाद और सरकारी योजनाओं तथा सुविधाओं से वंचित होने का कारण बन सकता है।
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विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत उत्तराधिकार-सह-बंटवारा की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसके अंतर्गत पूर्वज की मृत्यु के बाद उनकी भूमि का बंटवारा करते हुए सभी उत्तराधिकारियों के नाम उनके हिस्से की जमीन पर एक साथ जमाबंदी की जा सकेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इसी वर्ष अगस्त–सितंबर में चलाए गए राजस्व महा-अभियान के दौरान 46 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 40 लाख से अधिक आवेदन बंटवारा और उत्तराधिकार नामांतरण से संबंधित थे। इन आवेदनों को 31 दिसंबर तक अपलोड कर दिया जाएगा और जनवरी से मार्च के बीच पुनः पंचायतों में शिविर लगाकर सभी आवेदनों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि भूमि से संबंधित परेशानियों से जनता को राहत देने के उद्देश्य से भूमि सुधार जनकल्याण संवाद की शुरुआत की गई है। इस संवाद के माध्यम से आम लोगों की समस्याओं को जिलों में जाकर समझा जाएगा और समय सीमा में उनका समाधान किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह पहल भूमि प्रशासन को पारदर्शी, सरल और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।