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Bihar News : बिहार का क्रेडिट डिपॉजिट रेशियो पहली बार 60 फीसदी के पार, NPA घटा; बिहार किसान ऋण पोर्टल शुरू

Tue, 23 Jun 2026 08:29 PM IST
प्रतीक पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: प्रतीक पांडेय Updated Tue, 23 Jun 2026 08:29 PM IST
सार

बिहार सरकार ने राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में ‘बिहार किसान ऋण पोर्टल’ लॉन्च किया। बिहार ने पहली बार 60 प्रतिशत से अधिक क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो हासिल किया है और राज्य की कुल बैंक जमा राशि 6.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। एनपीए घटकर 6.91 प्रतिशत रह गया है।

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Bihar credit deposit ratio crosses 60 percent for the first time NPAs decline Bihar Kisan Loan Portal launched
उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार के बैंकिंग एवं वित्तीय क्षेत्र की राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति, बिहार की 96वीं एवं 97वीं संयुक्त बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव द्वारा ‘बिहार किसान ऋण पोर्टल’ का शुभारंभ किया गया। बैंकर्स समिति द्वारा विकसित यह पोर्टल किसान क्रेडिट कार्ड प्रणाली को बैंकों, जनसमर्थ पोर्टल तथा भविष्य में एग्री-स्टैक से जोड़ते हुए कृषि ऋण वितरण को अधिक पारदर्शी, त्वरित एवं तकनीक-सक्षम बनाएगा।
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बैठक में जुटे सरकार और बैंकिंग क्षेत्र के शीर्ष अधिकारी
बैठक में नगर विकास एवं आवास तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नीतीश मिश्रा, ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार, पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री नंद किशोर राम, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, वित्त विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह, भारत सरकार के वित्तीय सलाहकार समर कुमार, भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक सुजीत कुमार, विभिन्न विभागों के सचिवगण, बैंकिंग संस्थानों के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं सभी प्रमुख बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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पहली बार 60% के पार पहुंचा बिहार का क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात
बिहार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में पहली बार 60 प्रतिशत से अधिक का क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात हासिल कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। राज्य में कुल बैंक जमा राशि लगभग 6.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। साथ ही, बैंकों की गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों में उल्लेखनीय कमी दर्ज करते हुए इसे 6.91 प्रतिशत तक लाया गया है। वार्षिक साख योजना के तहत राज्य ने 87 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की, जिसमें MSME क्षेत्र ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए लगभग 84 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया, जबकि कृषि क्षेत्र में लगभग 67 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई।
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स्थानीय निवेश और रोजगार बढ़ाने पर जोर
उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा कि बिहार में बैंकिंग क्षेत्र की प्रगति उत्साहजनक है, किंतु राज्य में उपलब्ध विशाल जमा राशि का अधिकाधिक उपयोग स्थानीय निवेश, उद्यमिता और रोजगार सृजन के लिए किया जाना आवश्यक है। उन्होंने विशेष रूप से बड़े बैंकों से ऋण वितरण बढ़ाने तथाक्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात में और सुधार लाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जिन बैंकों का क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात 50 प्रतिशत से कम तथा वार्षिक साख योजना उपलब्धि 60 प्रतिशत से कम होगी, उनकी प्रत्येक छह माह पर समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कृषि प्रधान बिहार में किसानों को अधिक ऋण उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि बैंकिंग संसाधनों को राज्य के विकास से सीधे जोड़ना समय की मांग है।

डिजिटल कृषि वित्तपोषण को मिलेगा नया बल
विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने कहा कि पहली बार 60 प्रतिशत से अधिक क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात प्राप्त करना बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर है। उन्होंने कृषि वित्तपोषण में डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग को बढ़ाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड, जनसमर्थ पोर्टल, एग्री-स्टैक और अन्य कृषि सेवाओं को एकीकृत कर किसानों के लिए एक सहज एवं समग्र ऋण व्यवस्था विकसित की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि केसीसी से संबंधित सेवाओं को ‘सहयोग शिविरों’ के माध्यम से व्यापक स्तर पर किसानों तक पहुंचाया जाए।

312 बैंक शाखाओं में केसीसी वितरण पर विशेष फोकस
उन्होंने बताया कि एग्री-स्टैक आधारित कृषि ऋण वितरण में अभी पर्याप्त संभावनाएं मौजूद हैं। राज्य में कृषि प्रधान क्षेत्रों की 312 बैंक शाखाओं में केसीसी वितरण अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाया है, जिस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। कृषि अवसंरचना कोष से संबंधित लंबित ऋण मामलों के त्वरित निस्तारण तथा कृषि निवेश को गति देने के लिए वित्त विभाग द्वारा विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी।

डेयरी और मत्स्य किसानों को जल्द ऋण देने की मांग
पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री नंद किशोर राम ने डेयरी एवं मत्स्यपालन क्षेत्र के किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड एवं अन्य ऋण सुविधाओं का लाभ शीघ्र उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि छोटे पशुपालकों एवं मत्स्य किसानों को बार-बार बैंक शाखाओं के चक्कर लगाने की स्थिति समाप्त होनी चाहिए तथा छोटे ऋणों में अनावश्यक बाधाओं को दूर किया जाना चाहिए।

एसएचजी ऋण स्वीकृति की धीमी रफ्तार पर चिंता
ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने स्वयं सहायता समूहों को ऋण स्वीकृति की धीमी गति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में लगभग 11.88 लाख स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने बैंक सखी एवं जीविका दीदियों की भूमिका को और मजबूत करने तथा ग्रामीण बैंक शाखाओं में बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता बताई, ताकि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को और गति मिल सके।

पीएम स्वनिधि के लंबित आवेदनों पर सरकार सख्त
नगर विकास एवं आवास तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नीतीश मिश्रा ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य में 3.37 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में आवेदन अभी लंबित हैं। उन्होंने आवेदन और स्वीकृति के बीच के अंतर को कम करने, अस्वीकृत मामलों की समीक्षा करने तथा बैंक शाखाओं के स्तर पर जागरूकता एवं उत्तरदायित्व बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

PMEGP और सौर ऊर्जा योजनाओं की भी हुई समीक्षा
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत 122.53 प्रतिशत उपलब्धि तथा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत 72.47 प्रतिशत उपलब्धि की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत मई 2026 तक लगभग 3,700 ऋण स्वीकृत किए जाने की जानकारी दी गई। राज्य की उच्च सौर ऊर्जा क्षमता को देखते हुए योजना के अंतर्गत ऋण स्वीकृति की गति बढ़ाने तथा अस्वीकृति दर कम करने के निर्देश दिए गए।

महिला किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष चर्चा
महिला किसानों के अंतरराष्ट्रीय वर्ष के अवसर पर डेयरी, मत्स्यपालन, कुक्कुटपालन, सब्जी उत्पादन एवं अन्य कृषि आधारित गतिविधियों से जुड़ी महिला किसानों के वित्तीय सशक्तिकरण पर विशेष चर्चा हुई। साथ ही वित्तीय समावेशन, डिजिटल भुगतान, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, सी-केवाईसी 2.0, कृषि अवसंरचना वित्तपोषण, स्वयं सहायता समूह बैंक लिंकेज एवं ग्रामीण बैंकिंग सेवाओं के विस्तार की भी विस्तृत समीक्षा की गई।

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राज्य के विकास में बैंकों की भूमिका अहम
वित्त विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह ने कहा कि बैंकों की भूमिका केवल व्यावसायिक लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बैंकिंग क्षेत्र के साथ साझेदारी को और मजबूत करेगी तथा बेहतर प्रदर्शन करने वाले बैंकों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में ऋण बढ़ाने का आह्वान
कार्यक्रम के अंत में विकास आयुक्त ने सभी बैंकों से कृषि, एमएसएमई, स्वयं सहायता समूहों, डेयरी, मत्स्यपालन, अक्षय ऊर्जा एवं ग्रामीण उद्यमिता जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि बैंकिंग प्रणाली को बिहार के समावेशी एवं तीव्र आर्थिक विकास का प्रमुख आधार बनाना होगा।
 
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