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Bihar News: बिहार का पहला एकीकृत औद्योगिक टाउनशिप बनने की ओर एक बड़ा कदम, पर्यावरण, IMC गया को मिली मंजूरी
Sat, 10 May 2025 08:11 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: अरविंद कुमार
Updated Sat, 10 May 2025 08:11 PM IST
सार
IMC Gaya: पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा IMC गया को मंजूरी मिल गई है। बिहार का पहला एकीकृत औद्योगिक टाउनशिप बनने की ओर एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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IMC गया
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा के नेतृत्व में बिहार के औद्योगिक विकास की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (AKIC) के अंतर्गत प्रस्तावित ग्रीनफील्ड परियोजना इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) गया को भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से पर्यावरणीय मंजूरी प्राप्त हुई है।
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भारत सरकार और राज्य सरकार के साझा प्रयासों एवं दूरदर्शी नेतृत्व में आईएमसी गया (IMC Gaya) पूर्वी भारत में औद्योगिक विकास का केंद्र बनने जा रहा है। यह परियोजना आर्थिक अवसरों को टिकाऊ विकास से जोड़ते हुए क्षेत्र को नवाचार, उद्यमिता और समावेशी प्रगति का गतिशील केंद्र बनाएगी। यह मंजूरी ‘इंडस्ट्रियल एरिया’ श्रेणी के तहत केवल सात महीनों में दी गई है, जिससे भविष्य में आने वाली औद्योगिक इकाइयों को अलग से जनसुनवाई कराने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे राज्य स्तरीय अनुमोदनों की प्रक्रिया तेज़ होगी और निवेशकों के लिए समय एवं संसाधनों की बचत होगी।
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यह परियोजना बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड (BIMCGL) के माध्यम से कार्यान्वित की जा रही है, जो भारत सरकार और बिहार सरकार के बीच गठित एक विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) है। यह बिहार में औद्योगिक उत्कृष्टता, रोजगार सृजन और टिकाऊ शहरी विकास का आदर्श मॉडल बनेगा। हाल ही में एक संयुक्त निरीक्षण का आयोजन किया गया, जिसमें जल भंडारण स्थल और पाइपलाइन के प्रस्तावित मार्ग का अध्ययन किया गया। यह निरीक्षण जल स्रोत की दीर्घकालिक उपलब्धता और क्लस्टर योजना में इसके एकीकरण के उद्देश्य से किया गया।
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साइट विजिट में नैशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NICDC), बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA), जल संसाधन विभाग बिहार, राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (NIH) रुड़की, वन विभाग बिहार तथा गया जिला प्रशासन के अधिकारी शामिल हुए। यह दौरा पूर्व में किए गए बाह्य सड़क संपर्क मूल्यांकन के बाद किया गया, जो इस औद्योगिक टाउनशिप को एकीकृत और समन्वित रूप से विकसित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।