{"_id":"6818a43b054f14ad0708b7f3","slug":"atta-ka-sangram-reality-and-key-issues-in-kaimur-ahead-of-bihar-assembly-elections-2025-2025-05-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"सत्ता का संग्राम: कैमूर की जमीनी हकीकत और विधानसभा चुनाव 2025 के मुद्दे, विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सत्ता का संग्राम: कैमूर की जमीनी हकीकत और विधानसभा चुनाव 2025 के मुद्दे, विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
Mon, 05 May 2025 05:34 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कैमूर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कैमूर
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Mon, 05 May 2025 05:34 PM IST
सार
Bihar: अमर उजाला के विशेष कार्यक्रम सत्ता के संग्राम में जनप्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी उपलब्धियां गिनवाई। बिहार के विकास को लेकर खूब सारी चर्चाएं भी हुई। आइये जानते हैं।
विज्ञापन
सत्ता का संग्राम
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिहार विधानसभा चुनाव की आहट के बीच अमर उजाला ने ‘सत्ता का संग्राम’ की शुरुआत कैमूर जिले के चैनपुर विधानसभा क्षेत्र से की। इस मंच पर जनप्रतिनिधियों ने जहां अपनी उपलब्धियां गिनाईं, वहीं विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए विकास कार्यों की पोल खोली।
विज्ञापन
नेटवर्क की समस्या, वर्चुअल संग्राम से मंत्री ने बनाया दूरी
चैनपुर से बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर जीतकर बाद में जेडीयू में शामिल हुए मंत्री जमा खान नेटवर्क की समस्या का हवाला देते हुए इस वर्चुअल चर्चा में शामिल नहीं हुए। कैमूर की अधौरा पहाड़ी इलाके में आज भी मोबाइल नेटवर्क बेहद कमजोर है, जिससे बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई प्रभावित होती है और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी उन तक नहीं पहुंच पाती। यह मुद्दा पिछली बार की तरह इस बार भी चुनावी मुद्दा बनने को तैयार है।
विज्ञापन
सरकार की बहुप्रचारित नल-जल योजना पहाड़ी और दूरदराज के इलाकों में विफल साबित हो रही है। गर्मियों में यहां के ग्रामीण आज भी पानी के लिए कई किलोमीटर दूर तक जाने को मजबूर हैं। शिक्षा व्यवस्था की स्थिति भी चिंताजनक है। जिले के कई सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है। इसके चलते ग्रामीणों को मजबूरी में अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में भेजना पड़ रहा है। जन सुराज पार्टी के जिला अध्यक्ष आनंद सिंह ने सरकार पर शिक्षा के क्षेत्र में पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगाया।
विज्ञापन
दल-बदल पर भी उठे सवाल, जनता ने महसूस किया खुद को ठगा
विधानसभा चुनाव बसपा के टिकट पर जीतने वाले जमा खान के बाद में जेडीयू में शामिल हो जाने से क्षेत्र के मतदाता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। इस राजनीतिक असंतोष को भी विपक्ष ने जमकर उठाया।
पढ़ें: 'केवल बैठकें करते हैं, बिहार-केरल में राजनीति न करें'....पहलगाम हमले पर पप्पू यादव का PM मोदी पर कटाक्ष
विकास से कोसों दूर कैमूर, रोजगार बना बड़ी चुनौती
कैमूर में बेरोजगारी भी एक गंभीर मुद्दा है। युवा रोजगार की तलाश में लगातार बाहर पलायन कर रहे हैं। बसपा नेता विकास सिंह उर्फ लल्लू पटेल ने अधौरा पहाड़ी क्षेत्र की बदहाली को उजागर करते हुए कहा कि यहां अब भी मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंच पाई हैं। गर्मी के दिनों में लोग पानी के लिए पहाड़ से नीचे उतरकर समतल इलाकों में आकर बसेरा करने को मजबूर हैं।
भभुआ के पूर्व कांग्रेस विधायक रामचंद्र यादव ने कहा कि राज्य और केंद्र, दोनों जगह बीजेपी की सरकार होते हुए भी कैमूर का विकास ठप पड़ा है।
बीजेपी ने विपक्ष के आरोपों को किया खारिज
वहीं बीजेपी महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष जागृति सिंह ने विपक्ष के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सरकार हर क्षेत्र में काम कर रही है और जल्द ही सभी विकास कार्य पूरे होंगे।