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Bihar: बिहार में पहली बार होगी एशिया रग्बी U-20 चैंपियनशिप 2025, सीएम नीतीश ने किया शुभंकर और लोगो का अनावरण
Fri, 01 Aug 2025 09:14 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Fri, 01 Aug 2025 09:14 PM IST
सार
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 'संकल्प' (1, अणे मार्ग, पटना) में एशिया रग्बी (अंडर-20) चैंपियनशिप-2025 के शुभंकर ‘अशोक’ और लोगो का अनावरण किया। यह अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट 9-10 अगस्त 2025 को राजगीर स्थित बिहार खेल विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित होगा।
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को 1, अणे मार्ग स्थित 'संकल्प' में आगामी एशिया रग्बी (अंडर-20) चैंपियनशिप–2025 के लोगो और शुभंकर 'अशोक' का अनावरण किया। यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट 9-10 अगस्त 2025 को राजगीर स्थित राज्य खेल अकादमी-सह-बिहार खेल विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित होगा, जिसमें भारत समेत कुल 9 देशों की टीमें भाग लेंगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा, “यह बिहार के लिए गर्व की बात है कि हम पहली बार एशिया रग्बी चैंपियनशिप की मेज़बानी कर रहे हैं। रग्बी बिहार में काफी लोकप्रिय हो रहा है और हमारे खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आयोजन से राज्य की खेल संस्कृति को नया आयाम मिलेगा।”
कार्यक्रम में रग्बी इंडिया के अध्यक्ष राहुल बोस, रग्बी इंटरनेशनल एथलीट आरती सिन्हा और गौरव कुमार ने मुख्यमंत्री को प्रतीक चिह्न और पुस्तक भेंट की। राहुल बोस ने बिहार में खेल अधोसंरचना और रग्बी के बढ़ते प्रभाव की सराहना करते हुए कहा, “मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार खेलों में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है।”
शुभंकर ‘अशोक’ और लोगो का संदेश
शुभंकर ‘अशोक’ को सम्राट अशोक से प्रेरणा लेते हुए एक तेज, फुर्तीला खरगोश के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो अनुशासन, संकल्प और रणनीति जैसे गुणों का प्रतीक है। उसका कवच और रग्बी बॉल यह दर्शाते हैं कि बिहार अब खेलों के क्षेत्र में नेतृत्व के लिए तैयार है। वहीं, टूर्नामेंट का लोगो बिहार की प्राकृतिक विविधता, सांस्कृतिक विरासत और खेल भावना को दर्शाता है। इसमें प्रयोग किए गए नीला, हरा और मिट्टी जैसे रंग राज्य की जीवन ऊर्जा और परंपरा को रेखांकित करते हैं।
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ये भी पढ़ें: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटे वोटरों में सबसे ज्यादा पटना वाले; किशनगंज से अधिक पूर्णिया के मतदाता कटे
राजगीर बनेगा अंतरराष्ट्रीय रग्बी का केंद्र
राजगीर में आयोजित इस दो दिवसीय टूर्नामेंट में भारत, चीन, हांगकांग, संयुक्त अरब अमीरात, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, श्रीलंका, मलेशिया (केवल पुरुष) और नेपाल (केवल महिला) टीमें भाग लेंगी। कुल 8 पुरुष व 8 महिला टीमों की शिरकत तय है। सभी टीमें 7 अगस्त से राजगीर पहुंचेंगी और 8 अगस्त को कबड्डी हॉल में उद्घाटन समारोह का आयोजन होगा। सरकार ने टूर्नामेंट के आयोजन के लिए 4.08 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक और सांस्कृतिक प्रभाव पड़ने की संभावना है। आयोजन से स्थानीय पर्यटन, रोजगार और युवाओं में खेल के प्रति जागरूकता को भी बल मिलेगा।
बिहार की रग्बी में बढ़ती पहचान
बिहार को यह आयोजन इसलिए भी मिला है क्योंकि हाल के वर्षों में राज्य ने रग्बी में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। नेशनल गेम्स में महिला टीम ने रजत पदक जीता, जबकि स्कूल गेम्स में बिहार की टीमों ने कई वर्गों में चैंपियनशिप हासिल की। यह टूर्नामेंट राज्य के युवा खिलाड़ियों को वैश्विक मंच देगा और रग्बी को लेकर नया उत्साह पैदा करेगा।
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कार्यक्रम में रग्बी इंडिया के अध्यक्ष राहुल बोस, रग्बी इंटरनेशनल एथलीट आरती सिन्हा और गौरव कुमार ने मुख्यमंत्री को प्रतीक चिह्न और पुस्तक भेंट की। राहुल बोस ने बिहार में खेल अधोसंरचना और रग्बी के बढ़ते प्रभाव की सराहना करते हुए कहा, “मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार खेलों में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है।”
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शुभंकर ‘अशोक’ और लोगो का संदेश
शुभंकर ‘अशोक’ को सम्राट अशोक से प्रेरणा लेते हुए एक तेज, फुर्तीला खरगोश के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो अनुशासन, संकल्प और रणनीति जैसे गुणों का प्रतीक है। उसका कवच और रग्बी बॉल यह दर्शाते हैं कि बिहार अब खेलों के क्षेत्र में नेतृत्व के लिए तैयार है। वहीं, टूर्नामेंट का लोगो बिहार की प्राकृतिक विविधता, सांस्कृतिक विरासत और खेल भावना को दर्शाता है। इसमें प्रयोग किए गए नीला, हरा और मिट्टी जैसे रंग राज्य की जीवन ऊर्जा और परंपरा को रेखांकित करते हैं।
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राजगीर बनेगा अंतरराष्ट्रीय रग्बी का केंद्र
राजगीर में आयोजित इस दो दिवसीय टूर्नामेंट में भारत, चीन, हांगकांग, संयुक्त अरब अमीरात, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, श्रीलंका, मलेशिया (केवल पुरुष) और नेपाल (केवल महिला) टीमें भाग लेंगी। कुल 8 पुरुष व 8 महिला टीमों की शिरकत तय है। सभी टीमें 7 अगस्त से राजगीर पहुंचेंगी और 8 अगस्त को कबड्डी हॉल में उद्घाटन समारोह का आयोजन होगा। सरकार ने टूर्नामेंट के आयोजन के लिए 4.08 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक और सांस्कृतिक प्रभाव पड़ने की संभावना है। आयोजन से स्थानीय पर्यटन, रोजगार और युवाओं में खेल के प्रति जागरूकता को भी बल मिलेगा।
बिहार की रग्बी में बढ़ती पहचान
बिहार को यह आयोजन इसलिए भी मिला है क्योंकि हाल के वर्षों में राज्य ने रग्बी में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। नेशनल गेम्स में महिला टीम ने रजत पदक जीता, जबकि स्कूल गेम्स में बिहार की टीमों ने कई वर्गों में चैंपियनशिप हासिल की। यह टूर्नामेंट राज्य के युवा खिलाड़ियों को वैश्विक मंच देगा और रग्बी को लेकर नया उत्साह पैदा करेगा।