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Asia Cup Hockey 2025: राजगीर में आज तय होगा एशियाई हॉकी का असली बादशाह, भारत के सामने दक्षिण कोरिया की चुनौती
Sun, 07 Sep 2025 11:06 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगीर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगीर
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Sun, 07 Sep 2025 11:06 AM IST
सार
आज राजगीर में एशिया कप हॉकी 2025 का फाइनल भारत और दक्षिण कोरिया के बीच खेला जाएगा। सुपर-4 चरण में दोनों टीमों का पिछला मुकाबला 2–2 से बराबरी पर खत्म हुआ था।
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राजगीर में एशिया कप हॉकी 2025 का रोमांचक फाइनल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एशिया कप हॉकी 2025 का सबसे बहुप्रतीक्षित मुकाबला आज राजगीर के मैदान में खेला जाएगा। फाइनल में भारत (FIH रैंक-07) और दक्षिण कोरिया (FIH रैंक-15) आमने-सामने होंगे। यह मुकाबला दोनों टीमों की रणनीति, ताकत और अनुभव की असली परीक्षा साबित होगा। सुपर-4 चरण में दोनों टीमों का पिछला मुकाबला 2–2 से बराबरी पर समाप्त हुआ था।
पांच बार की विजेता कोरिया खिताब बचाने उतरेगी, जबकि तीन बार की चैंपियन भारत एशियाई हॉकी की बादशाहत छीनने के इरादे से मैदान में उतरेगी।
भारत की तैयारी को लेकर कोच क्रेग फुल्टन ने कही ये बात
भारत के कोच क्रेग फुल्टन की रणनीति हाई प्रेसिंग और आक्रामक खेल पर केंद्रित है। पेनल्टी कॉर्नर में हरमनप्रीत और युवा जुगराज सिंह निर्णायक साबित हो सकते हैं। मिडफील्ड में हार्दिक, मनप्रीत और विवेक सागर की भूमिका अहम है। फॉरवर्ड लाइन में अभिषेक, मंदीप सिंह, शिलानंद और सुखजीत की मौजूदगी भारत को गोल करने में सक्षम बनाती है। गोलकीपर कृष्ण पाठक और सुरज करकरे की रोटेशन पॉलिसी टीम के आत्मविश्वास को बढ़ाती है। घरेलू दर्शकों का समर्थन भारत के लिए अतिरिक्त ऊर्जा का स्रोत होगा।
हालांकि, भारत की कमजोरियों में कभी-कभी फिनिशिंग चूक और रिवर्स टॉमहॉक व सर्कल शॉट्स में सटीकता की कमी शामिल है। तेज़ काउंटर अटैक झेलते समय दबाव में आने की प्रवृत्ति में सुधार की आवश्यकता है।
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कोरिया की ताकत
कोरिया की टीम अनुशासित डिफेंस, तेज़ काउंटर अटैक और पेनल्टी कॉर्नर में माहिर है। अनुभवी खिलाड़ियों की वजह से टीम दबाव में भी संतुलित रहती है। जांग जोंगह्यून, किम जुंगहून और ली नामयोंग को भारत के लिए सबसे बड़े खतरे के रूप में देखा जा रहा है। आक्रामक खेल में कमी और लगातार गोल करने में दिक्कत कोरिया की चुनौतियां हो सकती हैं।
जानें क्या कहते हैं आंकड़े
भारत और कोरिया के बीच अब तक एशिया कप में 21 मुकाबले खेले गए हैं। भारत ने 10 मैच जीते, कोरिया ने 2 और 9 मैच बराबरी पर समाप्त हुए। आँकड़े भारत के पक्ष में हैं, लेकिन कोरिया की अनुशासित हॉकी और अनुभव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। राजगीर में दर्शकों का उत्साह इस टूर्नामेंट की सफलता का प्रतीक है। राज्य सरकार, खेल विभाग और हॉकी इंडिया के सहयोग से यह आयोजन बिहार में हॉकी का उत्सव बन गया है। हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह और आयोजन सचिव रवींद्रन शंकरण की मेहनत विशेष रूप से सराहनीय है।
पढ़ें; जमीनी विवाद में बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या, गांव में तनाव; पुलिस जांच में जुटी
सुपर-4 में भारत का प्रदर्शन
भारत ने सुपर-4 में चीन को 7–0 से हराकर अपनी ताकत दिखा दी है। कोरिया ने अपने अनुशासित खेल और अनुभव के दम पर फाइनल का टिकट हासिल किया है।
आज का कार्यक्रम:
पांचवां–छठा स्थान: जापान बनाम बांग्लादेश – 02:30 बजे
तीसरा–चौथा स्थान: मलेशिया बनाम चीन – 05:00 बजे
फाइनल: भारत बनाम दक्षिण कोरिया – 07:30 बजे
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पांच बार की विजेता कोरिया खिताब बचाने उतरेगी, जबकि तीन बार की चैंपियन भारत एशियाई हॉकी की बादशाहत छीनने के इरादे से मैदान में उतरेगी।
भारत की तैयारी को लेकर कोच क्रेग फुल्टन ने कही ये बात
भारत के कोच क्रेग फुल्टन की रणनीति हाई प्रेसिंग और आक्रामक खेल पर केंद्रित है। पेनल्टी कॉर्नर में हरमनप्रीत और युवा जुगराज सिंह निर्णायक साबित हो सकते हैं। मिडफील्ड में हार्दिक, मनप्रीत और विवेक सागर की भूमिका अहम है। फॉरवर्ड लाइन में अभिषेक, मंदीप सिंह, शिलानंद और सुखजीत की मौजूदगी भारत को गोल करने में सक्षम बनाती है। गोलकीपर कृष्ण पाठक और सुरज करकरे की रोटेशन पॉलिसी टीम के आत्मविश्वास को बढ़ाती है। घरेलू दर्शकों का समर्थन भारत के लिए अतिरिक्त ऊर्जा का स्रोत होगा।
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हालांकि, भारत की कमजोरियों में कभी-कभी फिनिशिंग चूक और रिवर्स टॉमहॉक व सर्कल शॉट्स में सटीकता की कमी शामिल है। तेज़ काउंटर अटैक झेलते समय दबाव में आने की प्रवृत्ति में सुधार की आवश्यकता है।
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कोरिया की ताकत
कोरिया की टीम अनुशासित डिफेंस, तेज़ काउंटर अटैक और पेनल्टी कॉर्नर में माहिर है। अनुभवी खिलाड़ियों की वजह से टीम दबाव में भी संतुलित रहती है। जांग जोंगह्यून, किम जुंगहून और ली नामयोंग को भारत के लिए सबसे बड़े खतरे के रूप में देखा जा रहा है। आक्रामक खेल में कमी और लगातार गोल करने में दिक्कत कोरिया की चुनौतियां हो सकती हैं।
जानें क्या कहते हैं आंकड़े
भारत और कोरिया के बीच अब तक एशिया कप में 21 मुकाबले खेले गए हैं। भारत ने 10 मैच जीते, कोरिया ने 2 और 9 मैच बराबरी पर समाप्त हुए। आँकड़े भारत के पक्ष में हैं, लेकिन कोरिया की अनुशासित हॉकी और अनुभव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। राजगीर में दर्शकों का उत्साह इस टूर्नामेंट की सफलता का प्रतीक है। राज्य सरकार, खेल विभाग और हॉकी इंडिया के सहयोग से यह आयोजन बिहार में हॉकी का उत्सव बन गया है। हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह और आयोजन सचिव रवींद्रन शंकरण की मेहनत विशेष रूप से सराहनीय है।
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सुपर-4 में भारत का प्रदर्शन
भारत ने सुपर-4 में चीन को 7–0 से हराकर अपनी ताकत दिखा दी है। कोरिया ने अपने अनुशासित खेल और अनुभव के दम पर फाइनल का टिकट हासिल किया है।
आज का कार्यक्रम:
पांचवां–छठा स्थान: जापान बनाम बांग्लादेश – 02:30 बजे
तीसरा–चौथा स्थान: मलेशिया बनाम चीन – 05:00 बजे
फाइनल: भारत बनाम दक्षिण कोरिया – 07:30 बजे