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गिरफ्तारी या चार्जशीट के बाद तेजस्वी देंगे इस्तीफा, मान गए नीतीश?
ब्यूरो/ अमर उजाला, पटना
Updated Mon, 17 Jul 2017 09:59 PM IST
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तेजस्वी और नीतीश
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बिहार में राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान खत्म होने के साथ ही सियासत भी अपने पुराने रंग में लौटती दिख रही है। तेजस्वी यादव के बारे में नीतीश कुमार के अंतिम फैसले को लेकर जो तूफानी कयास लगाए जा रहे थे, वो मतदान केंद्र पर सुस्त चर्चा में तब्दील होती दिखी।
सूत्रों की मानें तो तेजस्वी के इस्तीफे या बर्खास्तगी को लेकर तत्काल कुछ नहीं होगा। इस बात के संकेत हैं कि जदयू अब तेजस्वी के खिलाफ सीबीआई की अगली कार्रवाई का इंतजार करेगा। कहा जा रहा है कि राजद और लालू दोनों इस बात पर राजी हैं कि अगर गिरफ्तारी या चार्जशीट होती है तो ऐसी स्थिति में तेजस्वी तुरंत इस्तीफा देंगे।
कांग्रेस ने भी नीतीश को महज एफआईआर के आधार पर कार्रवाई करने से बचने की अपील की है। भाजपा भी मानती है कि ऐसी परंपरा आगे किसके सामने कौन सा झंझट पैदा कर देती, कोई नहीं जानता था। यही कारण है कि तेजस्वी पर अब कोई गंभीर नेता टीका टिप्पणी को तैयार नहीं है।
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जदयू ने इस पर चाहे अपनी खुलकर कोई राय न रखी हो, लेकिन जदयू के प्रवक्ता संजय सिंह एक बार फिर अपने पुराने रोल में लौट गए हैं। उन्होंने सुशील कुमार मोदी पर फिर से हमला बोलना शुरू कर दिया है। जानकारों की मानें तो नीतीश कुमार तेजस्वी को बर्खास्त कर भाजपा के साथ सरकार बना लेते लेकिन सोनिया गांधी से हुई बातचीत के बाद उनको भी लग रहा है कि राजनीतिक तौर पर अभी भाजपा के साथ चले जाने का सही समय नहीं आया है। वैसे नीतीश कुमार के मन को पढ़ पाना किसी के लिए भी नामुमकिन रहा है, सो जानकार भी उनके अंतिम निर्णय को लेकर साफ तौर पर कुछ नहीं कह रहे हैं।
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सूत्रों की मानें तो तेजस्वी के इस्तीफे या बर्खास्तगी को लेकर तत्काल कुछ नहीं होगा। इस बात के संकेत हैं कि जदयू अब तेजस्वी के खिलाफ सीबीआई की अगली कार्रवाई का इंतजार करेगा। कहा जा रहा है कि राजद और लालू दोनों इस बात पर राजी हैं कि अगर गिरफ्तारी या चार्जशीट होती है तो ऐसी स्थिति में तेजस्वी तुरंत इस्तीफा देंगे।
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कांग्रेस ने भी नीतीश को महज एफआईआर के आधार पर कार्रवाई करने से बचने की अपील की है। भाजपा भी मानती है कि ऐसी परंपरा आगे किसके सामने कौन सा झंझट पैदा कर देती, कोई नहीं जानता था। यही कारण है कि तेजस्वी पर अब कोई गंभीर नेता टीका टिप्पणी को तैयार नहीं है।
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जदयू ने इस पर चाहे अपनी खुलकर कोई राय न रखी हो, लेकिन जदयू के प्रवक्ता संजय सिंह एक बार फिर अपने पुराने रोल में लौट गए हैं। उन्होंने सुशील कुमार मोदी पर फिर से हमला बोलना शुरू कर दिया है। जानकारों की मानें तो नीतीश कुमार तेजस्वी को बर्खास्त कर भाजपा के साथ सरकार बना लेते लेकिन सोनिया गांधी से हुई बातचीत के बाद उनको भी लग रहा है कि राजनीतिक तौर पर अभी भाजपा के साथ चले जाने का सही समय नहीं आया है। वैसे नीतीश कुमार के मन को पढ़ पाना किसी के लिए भी नामुमकिन रहा है, सो जानकार भी उनके अंतिम निर्णय को लेकर साफ तौर पर कुछ नहीं कह रहे हैं।