बिहार में कांग्रेस की इज्जत बचाने को नीतीश तैयार
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बिहार में जदयू, राजद और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे का फार्मूला अब तैयार होने लगा है। तीनों दलों के बीच बातचीत सिरे चढ़ी तो जनता दल यूनाइटेड और राष्ट्रीय जनता दल दोनों 105-105 सीटों पर राजी हो सकते हैं, जबकि कांग्रेस को 30 सीटें देने की बात चल रही है। इसके अलावा बची तीन सीटें एनसीपी को देने की बात है।
बिहार के प्रभारी कांग्रेस महासचिव सी पी जोशी ने जदयू और राजद के नेताओं की ओर से आई इस नई पेशकश के बारे में पार्टी हाईकमान को बताया है। बिहार में कांग्रेस सम्मानजनक सीटें लेने के लिए संघर्ष कर रही है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कांग्रेस को 30 तक सीटें देने के लिए राजी है। लालू यादव हालांकि कांग्रेस को 18 से 20 सीट देने के लिए तैयार हैं। लेकिन कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को किए गए वायदे को देखते हुए नीतीश कुमार राजद खेमे को इसके लिए मना रहे हैं।
लालू को राजी करने में जुटे मुख्यमंत्री नीतीश
जदयू नेताओं का कहना है कि कांग्रेस का बिहार में कोई जनाधार नहीं है। इसलिए उसे राज्य में ज्यादा टिकट देना नुकसानदेह हो सकता है। मगर केंद्र में मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा लेने की वजह से कांग्रेस को बिहार में कम सीटें देना ठीक नहीं है।
जदयू नेता ने कहा कि कांग्रेस को सम्मानजनक सीटें देने से राज्य में ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी गठबंधन को लेकर सकारात्मक छवि बनेगी। गठबंधन की चौथी पार्टी एनसीपी को तीन सीटें देने की बात चल रही है।
उधर, राजद खेमा अपने खाते की सीटें कांग्रेस को देने के लिए तैयार नहीं है। मगर जदयू ने राजद को साफ कर दिया है कि कांग्रेस को सीटें दोनों के खाते से काटकर दी जाएगी।
सी पी जोशी नीतीश कुमार से मुलाकात कर चुके हैं। सीट बंटवारे के अलावा राहुल और सोनिया के अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के अलावा जदयू और राजद के उम्मीदवारों के लिए भी चुनाव प्रचार करने की योजना बन रही है।