नीतीश नहीं, लालू यादव चला रहे हैं बिहार की सरकार
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राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव सोमवार को अचानक पटना के इंदिरा गांधी मेडिकल संस्थान पहुंच गए। वहां भर्ती मरीज और डॉक्टर लालू को अपने बीच देखकर भौचक्के रह गए।
पहले तो लोगों ने समझा कि लालू शायद अपने किसी परिचित मरीज को देखने आए हैं, लेकिन संस्थान के निदेशक और अन्य वरिष्ठ डॉक्टरों को तुरंत समझ में आ गया कि लालू अपने अनोखे अंदाज में इस संस्थान का औचक निरीक्षण करने पहुंचे हैं।
इसी बहाने विपक्ष को नीतीश सरकार को घेरने का मौका मिल गया है और उन्होंने कहा कि लालू का यह औचक दौरा बिहार में नीतीश कुमार के सिर्फ एक डमी सीएम होने का प्रमाण है, असल सरकार तो लालू प्रसाद ही चला रहे हैं।
लालू की सक्रियता इसलिए भी है क्योंकि उनके बेटे तेज प्रताप यादव मौजूदा नीतीश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री हैं। संस्थान के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि राजद सुप्रीमो अचानक पहुंचे और करीब 20 से 25 मिनट तक अस्पताल में रहे।
विरोधियों ने उठाई उंगली
बिहार में विरोधी पार्टियां लगातार आरोप लगा रही है कि लालू बिहार में सुपर सीएम हैं। लालू का इस प्रकार औचक दौरा निश्चित रूप से नीतीश सरकार के लिए आगे परेशानी का सबब बन सकता है।
मुद्दे की बात ये भी रही कि इस औचक दौरे में लालू के साथ उनके बेटे और स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप भी नहीं थे। विपक्ष ने इस औचक दौरे को लालू के सुपर सीएम और नीतीश को डमी सीएम होने का प्रमाण बताया है। भाजपा प्रवक्ता विनोद नारायण झा ने कहा कि लालू ही सरकार चला रहे हैं।
इधर, अपने दौरे पर सफाई देते हुए लालू ने कहा कि वो एक निजी अस्पताल में एक मरीज को देखने गए थे। रास्ते में संस्थान में रुक गए, ताकि वहां की स्थिति देख सकें। 1997 में चारा घोटाले में न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद लालू प्रसाद इसी संस्थान में कई महीनों तक रहे थे।