नीतीश ने नोटबंदी पर उठाए सवाल, कहा- पहले मैं समर्थक था लेकिन इससे कितनों को फायदा हुआ?
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कभी नोटबंदी का समर्थन करने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसके नतीजों पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने शनिवार को एक कार्यक्रम के दौरान इसकी विफलता के लिए बैंकों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि नोटबंदी का लाभ जितना लोगों को मिलना चाहिए था, उतना नहीं मिल पाया है।
नीतीश ने कहा 'मैं पहले नोटबंदी का समर्थक था पर इससे कितने लोगों को फायदा हुआ? कुछ लोग अपने नकद रुपये को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में सफल रहे।' उन्होंने यह बात पटना में राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति द्वारा आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कही।
I was a supporter of demonetization,but how many benefited from the move? Some people were able to shift their cash from one place to another: Bihar CM Nitish Kumar (26.5.18) pic.twitter.com/yrLkHRQqAi
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) May 27, 2018
बैंकिंग सिस्टम में सुधार जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंक छोटे लोगों से कर्ज तो वसूल लेते हैं लेकिन उन ताकतवर लोगों का क्या जो लोन लेकर गायब हो जाते हैं। यह आश्चर्यजनक है कि उच्च अधिकारी भी इससे बेखबर रहते हैं। बैंकिंग सिस्टम में सुधार की जरूरत है। मैं आलोचना नहीं कर रहा हूं पर मैं चिंतित हूं। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में बैंक बड़ी भूमिका निभाते हैं। अब बैंकों का काम केवल जमा, निकासी या लोन देना ही नहीं रह गया है बल्कि एक-एक योजना के लिए बैंकों की भूमिका भी बढ़ गई है।
उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों में कर्ज लेने की आदत ज्यादा नहीं है, जो लेना भी चाहते हैं तो उसके लिए बैंकों ने कड़े मापदंड तय कर रखें हैं। इससे लोगों को काफी परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए जो धनराशि सरकार मुहैया करवाती है, उसके सही आवंटन के लिए बैंकों को सिस्टम मजबूत करना होगा। ऊपर से नीचे तक हर चीज को देखना होगा। इससे बैंकों की भूमिका दिन प्रतिदिन बढ़ेगी।