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NEET UG Result 2025: 'दादा का सपना, पोते की मेहनत', 99.77% परसेंटाइल लाकर आयुष ने लहराया सफलता का परचम
Sat, 14 Jun 2025 09:12 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Sat, 14 Jun 2025 09:12 PM IST
सार
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने शनिवार को NEET UG 2025 के परिणाम घोषित किए, जिसमें बिहार के औरंगाबाद जिले के बैजनाथ बिगहा गांव निवासी आयुष कुमार ने सफलता हासिल की है।
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औरंगाबाद के आयुष कुमार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने शनिवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG 2025) के नतीजों की घोषणा कर दी है। इस बार बिहार के औरंगाबाद जिले के बैजनाथ बिगहा गांव के आयुष कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 99.779 परसेंटाइल अंक हासिल किए हैं। आयुष को ऑल इंडिया जनरल कैटेगरी में 5042वां और ओबीसी कैटेगरी में 1969वां स्थान मिला है।
दादा ने कहा-पोते ने पूरा किया सपना
आयुष की इस बड़ी उपलब्धि से परिवार और पूरे गांव में खुशी की लहर है। आयुष के दादा सूर्यदेव यादव, जो रामलखन सिंह यादव कॉलेज, औरंगाबाद के रिटायर्ड लैब इंचार्ज हैं, ने कहा कि उन्होंने पोते को डॉक्टर बनाने का सपना देखा था और अपनी पेंशन की राशि उसकी पढ़ाई पर खर्च की। उन्होंने कहा, "आज मेरे जीवन का सपना पूरा हुआ है, मुझे बेहद गर्व और संतोष है।"
वहीं दादी शांति देवी भी पोते की सफलता से बेहद खुश नजर आईं।
मां ने जताया गर्व, बताया दादा को प्रेरणा स्रोत
आयुष की मां रेणु देवी ने कहा कि आयुष की इस सफलता के पीछे उसके दादा का मार्गदर्शन रहा है। उन्होंने कहा, "हमारे परिवार के सभी बच्चे उन्हीं की प्रेरणा से आगे बढ़ रहे हैं। आयुष ने मेरी और परिवार की प्रतिष्ठा बढ़ाई है।"
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आयुष की चाची शांति देवी और बड़े चाचा विनय कुमार सुमन ने भी भतीजे की सफलता पर गर्व जताया।
यह भी पढ़ें: अपराधियों की अब खैर नहीं! पटना पुलिस का ऑपरेशन लंगड़ा शुरू, दो थाना क्षेत्रों में मुठभेड़
पिता ने कहा – बेटे ने बढ़ाया गांव और जिले का मान
आयुष के पिता सुबोध कुमार सुमन ने कहा कि बेटे ने अपनी मेहनत और लगन से परिवार ही नहीं, बल्कि गांव, प्रखंड और जिले का भी नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा, "हमें अपने बेटे की इस सफलता पर गर्व है।"
आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत से मिली सफलता
आयुष ने कहा कि पिछली बार नीट में सफलता नहीं मिली थी, लेकिन उसने हार नहीं मानी। बल्कि दोगुने जोश से 12 से 14 घंटे पढ़ाई की। इस मेहनत का ही परिणाम है कि आज उसे यह सफलता मिली है। उसने बताया कि कक्षा 6 से 10वीं तक की पढ़ाई नवोदय विद्यालय, बारूण से की और वर्ष 2022 में 10वीं में 500 में 476 अंक (95.2%) प्राप्त किए। आईएससी की पढ़ाई सच्चिदानंद सिंहा कॉलेज, औरंगाबाद से की और वर्ष 2024 में 500 में 422 अंक (84.4%) लाकर प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण किया। आयुष ने सभी छात्रों को संदेश देते हुए कहा, "मेहनत करने वालों को सफलता जरूर मिलती है। आत्मविश्वास और नियमित अभ्यास ही सफलता की कुंजी है।"
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दादा ने कहा-पोते ने पूरा किया सपना
आयुष की इस बड़ी उपलब्धि से परिवार और पूरे गांव में खुशी की लहर है। आयुष के दादा सूर्यदेव यादव, जो रामलखन सिंह यादव कॉलेज, औरंगाबाद के रिटायर्ड लैब इंचार्ज हैं, ने कहा कि उन्होंने पोते को डॉक्टर बनाने का सपना देखा था और अपनी पेंशन की राशि उसकी पढ़ाई पर खर्च की। उन्होंने कहा, "आज मेरे जीवन का सपना पूरा हुआ है, मुझे बेहद गर्व और संतोष है।"
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वहीं दादी शांति देवी भी पोते की सफलता से बेहद खुश नजर आईं।
मां ने जताया गर्व, बताया दादा को प्रेरणा स्रोत
आयुष की मां रेणु देवी ने कहा कि आयुष की इस सफलता के पीछे उसके दादा का मार्गदर्शन रहा है। उन्होंने कहा, "हमारे परिवार के सभी बच्चे उन्हीं की प्रेरणा से आगे बढ़ रहे हैं। आयुष ने मेरी और परिवार की प्रतिष्ठा बढ़ाई है।"
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आयुष की चाची शांति देवी और बड़े चाचा विनय कुमार सुमन ने भी भतीजे की सफलता पर गर्व जताया।
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पिता ने कहा – बेटे ने बढ़ाया गांव और जिले का मान
आयुष के पिता सुबोध कुमार सुमन ने कहा कि बेटे ने अपनी मेहनत और लगन से परिवार ही नहीं, बल्कि गांव, प्रखंड और जिले का भी नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा, "हमें अपने बेटे की इस सफलता पर गर्व है।"
आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत से मिली सफलता
आयुष ने कहा कि पिछली बार नीट में सफलता नहीं मिली थी, लेकिन उसने हार नहीं मानी। बल्कि दोगुने जोश से 12 से 14 घंटे पढ़ाई की। इस मेहनत का ही परिणाम है कि आज उसे यह सफलता मिली है। उसने बताया कि कक्षा 6 से 10वीं तक की पढ़ाई नवोदय विद्यालय, बारूण से की और वर्ष 2022 में 10वीं में 500 में 476 अंक (95.2%) प्राप्त किए। आईएससी की पढ़ाई सच्चिदानंद सिंहा कॉलेज, औरंगाबाद से की और वर्ष 2024 में 500 में 422 अंक (84.4%) लाकर प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण किया। आयुष ने सभी छात्रों को संदेश देते हुए कहा, "मेहनत करने वालों को सफलता जरूर मिलती है। आत्मविश्वास और नियमित अभ्यास ही सफलता की कुंजी है।"