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Bihar: पुलिस में अनफिट होने पर घर लौट रहा था युवक, ट्रेन से गिरकर दोनों पैर कटे; अस्पताल ने नहीं दी एम्बुलेंस
Sat, 21 Dec 2024 02:53 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Sat, 21 Dec 2024 02:53 PM IST
सार
Vaishali News: हादसे के तुरंत बाद RPF के जवानों ने गंभीर घायल मुन्ना को प्राथमिक उपचार के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल पहुंचाया। लेकिन अस्पताल में सरकारी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं थी। करीब आधे घंटे तक युवक स्ट्रेचर पर तड़पता रहा। पढ़ें पूरी खबर...।
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अस्पताल में इलाजरत घायल युवक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार में स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं की बदहाली का एक और मामला सामने आया है। बिहार पुलिस की शारीरिक परीक्षा में अनफिट होने के बाद घर लौट रहे युवक के ट्रेन में चढ़ने के दौरान नीचे गिरने से दोनों पैर कट गए। घायल युवक को इलाज के लिए वैशाली के हाजीपुर सदर अस्पताल लाया गया। लेकिन सरकारी एंबुलेंस की अनुपलब्धता के कारण उसे लंबे समय तक स्ट्रेचर पर तड़पते रहना पड़ा। आखिर में निजी एंबुलेंस से उसे पटना के पीएमसीएच भेजा गया।
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ट्रेन में चढ़ने के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, यह दर्दनाक घटना हाजीपुर जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर-3 पर हुई। जब 22 वर्षीय मोहम्मद मुन्ना अंसारी चलती हुई बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में चढ़ने की कोशिश कर रहे थे। मुन्ना छपरा जिले के बनियापुर थाना क्षेत्र के निवासी हैं और अपने परिवार के सबसे छोटे बेटे थे। ट्रेन में चढ़ने के दौरान असंतुलित होकर वह गिर पड़े और ट्रेन के चक्के की चपेट में आ गए। इस हादसे में उसके दोनों पैर कटकर शरीर से अलग हो गए।
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आपातकालीन सेवाओं की लापरवाही
घटना के तुरंत बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों ने मुन्ना को प्राथमिक उपचार के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल पहुंचाया। लेकिन अस्पताल में सरकारी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं थी। करीब आधे घंटे तक युवक स्ट्रेचर पर तड़पता रहा। अंततः आरपीएफ पुलिस ने निजी एंबुलेंस का इंतजाम कर घायल को पटना के पीएमसीएच भेजा। डॉक्टरों ने घायल की स्थिति को गंभीर बताते हुए तुरंत बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया था, लेकिन समय पर एंबुलेंस न मिलने के कारण बहुमूल्य समय बर्बाद हो गया।
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बिहार पुलिस में भर्ती होने गए थे मुन्ना
मोहम्मद मुन्ना अंसारी बिहार पुलिस की भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने पटना गए थे। शारीरिक परीक्षा में अनफिट होने के बाद वह हाजीपुर से छपरा लौटने के लिए ट्रेन पकड़ रहे थे। मुन्ना तीन भाइयों में सबसे छोटे थे, और उनके बड़े भाई मेहनत-मजदूरी करके उन्हें पढ़ा रहे थे। परिवार को उनसे काफी उम्मीदें थीं, जो इस हादसे के बाद टूट गईं।
हाजीपुर आरपीएफ थाना अध्यक्ष साकेत कुमार ने बताया कि घटना प्लेटफार्म नंबर-3 पर हुई, जब युवक चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहा था। दोनों पैर कट जाने के बाद उसे तत्काल सदर अस्पताल भेजा गया, जहां से पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया गया।
स्वास्थ्य और रेलवे सेवाओं की स्थिति पर सवाल
इस घटना ने बिहार की स्वास्थ्य और रेलवे आपातकालीन सेवाओं की पोल खोल दी है। समय पर एंबुलेंस की व्यवस्था न होने के कारण घायल युवक को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। यह हादसा प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि राज्य में आपातकालीन सेवाओं को सुधारने की सख्त जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और दुर्घटनाग्रस्त लोगों को समय पर उचित इलाज मिल सके।