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Bihar News: वैशाली के बाबा भुईया मंदिर में बहती 'दूध की नदी', लाखों श्रद्धालु करते हैं दुग्धाभिषेक
Wed, 01 Oct 2025 12:01 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Wed, 01 Oct 2025 12:01 PM IST
सार
वैशाली जिले के हाजीपुर प्रखंड में स्थित बाबा भुईया मंदिर में दशहरा और बसंत पंचमी के मौके पर श्रद्धालु दूध चढ़ाते हैं। किसान गाय-भैंस की खरीदारी, पशु जन्म, शादी-विवाह और शुभ कार्य से पहले यहां दुग्धाभिषेक करते हैं।
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मंदिर में जाते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वैशाली जिले में हाजीपुर प्रखंड के बाबा भुईया स्थान पर एक ऐसा प्राचीन मंदिर है, जहां पर दूध की नदी बहती है। यह सुनकर अजीब लग सकता है, लेकिन यह सच्चाई है। दशहरा और बसंत पंचमी के मौके पर भारी संख्या में लोग इस मंदिर में दूध चढ़ाने पहुंचते हैं।
किसान अपने गाय-भैंस की खरीदारी या पशुओं के जन्म के समय सबसे पहले भुईंया बाबा के मंदिर में दूध चढ़ाते हैं। इसके अलावा, किसान अपने घर में शादी, विवाह या कोई शुभ कार्य शुरू करने से पहले भी दूध चढ़ाकर अपने पशुओं की सेहत और खुशहाली की कामना करते हैं।
मंदिर में चढ़ाए गए दूध से इतनी आय होती है कि वृद्धों को पेंशन तक दी जाती है। वैशाली जिला मुख्यालय से यह मंदिर लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित है। मंदिर समिति के अनुसार, सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को दुग्धाभिषेक का विशेष महत्व है। इन दिनों लगभग 30 से 35 क्विंटल दूध अर्पित किया जाता है।
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हालांकि श्रद्धालु साल भर दूध चढ़ाने आते हैं, लेकिन खास तौर पर बसंत पंचमी और दशहरे के अवसर पर पूरे बिहार, विशेषकर उत्तर बिहार से लोग यहां आते हैं। इस दौरान लगभग 2 लाख से अधिक श्रद्धालु दूध चढ़ाने पहुंचते हैं। बसंत पंचमी के मौके पर मंदिर के आसपास लगभग एक महीने तक मेला भी लगता है। इस मेले में विशेष रूप से पशुओं के लिए सामान और लकड़ी से बने वस्तुएं बेची जाती हैं।
मंदिर समिति के जरिए घर में मंगल कार्य के अवसर पर लोगों को सस्ते दाम पर दूध उपलब्ध कराया जाता है। वहीं, जरूरतमंदों को निःशुल्क दूध भी दिया जाता है। जो दूध चढ़ाया जाता है, वह एक टैंक में जमा होता है और फिर प्रोसेसिंग मशीन के माध्यम से लोगों के उपयोग के लिए तैयार किया जाता है।
मंदिर का संचालन समिति द्वारा किया जाता है। सालाना इस मंदिर से लगभग 55-60 लाख रुपये की आय होती है। इसके जरिए 40-50 वृद्धों को हर माह 400 रुपये की पेंशन दी जाती है। साथ ही, लोगों को बीमारी में मदद मिलती है और एक सामुदायिक विवाह भवन भी बनाया गया है।
लोक देवता के रूप में प्रसिद्ध बाबा बसावन भुईयां में इलाके के राजनेताओं की भी गहरी आस्था है। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय भी दुग्धाभिषेक के लिए आते रहे हैं। पिछली बार चुनाव के दौरान भूपेंद्र यादव, भाजपा के बिहार प्रभारी, ने भी यहां दुग्धाभिषेक किया। यह मंदिर अति प्राचीन है। वर्ष 1993 में वैशाली के तत्कालीन जिलाधिकारी उदय प्रताप सिंह और हाजीपुर सदर की एसडीएम निधि खरे ने यहां भव्य मंदिर निर्माण की नींव रखी थी। मंदिर की ऊंचाई 102 फीट है।
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किसान अपने गाय-भैंस की खरीदारी या पशुओं के जन्म के समय सबसे पहले भुईंया बाबा के मंदिर में दूध चढ़ाते हैं। इसके अलावा, किसान अपने घर में शादी, विवाह या कोई शुभ कार्य शुरू करने से पहले भी दूध चढ़ाकर अपने पशुओं की सेहत और खुशहाली की कामना करते हैं।
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मंदिर में चढ़ाए गए दूध से इतनी आय होती है कि वृद्धों को पेंशन तक दी जाती है। वैशाली जिला मुख्यालय से यह मंदिर लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित है। मंदिर समिति के अनुसार, सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को दुग्धाभिषेक का विशेष महत्व है। इन दिनों लगभग 30 से 35 क्विंटल दूध अर्पित किया जाता है।
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हालांकि श्रद्धालु साल भर दूध चढ़ाने आते हैं, लेकिन खास तौर पर बसंत पंचमी और दशहरे के अवसर पर पूरे बिहार, विशेषकर उत्तर बिहार से लोग यहां आते हैं। इस दौरान लगभग 2 लाख से अधिक श्रद्धालु दूध चढ़ाने पहुंचते हैं। बसंत पंचमी के मौके पर मंदिर के आसपास लगभग एक महीने तक मेला भी लगता है। इस मेले में विशेष रूप से पशुओं के लिए सामान और लकड़ी से बने वस्तुएं बेची जाती हैं।
मंदिर समिति के जरिए घर में मंगल कार्य के अवसर पर लोगों को सस्ते दाम पर दूध उपलब्ध कराया जाता है। वहीं, जरूरतमंदों को निःशुल्क दूध भी दिया जाता है। जो दूध चढ़ाया जाता है, वह एक टैंक में जमा होता है और फिर प्रोसेसिंग मशीन के माध्यम से लोगों के उपयोग के लिए तैयार किया जाता है।
मंदिर का संचालन समिति द्वारा किया जाता है। सालाना इस मंदिर से लगभग 55-60 लाख रुपये की आय होती है। इसके जरिए 40-50 वृद्धों को हर माह 400 रुपये की पेंशन दी जाती है। साथ ही, लोगों को बीमारी में मदद मिलती है और एक सामुदायिक विवाह भवन भी बनाया गया है।
लोक देवता के रूप में प्रसिद्ध बाबा बसावन भुईयां में इलाके के राजनेताओं की भी गहरी आस्था है। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय भी दुग्धाभिषेक के लिए आते रहे हैं। पिछली बार चुनाव के दौरान भूपेंद्र यादव, भाजपा के बिहार प्रभारी, ने भी यहां दुग्धाभिषेक किया। यह मंदिर अति प्राचीन है। वर्ष 1993 में वैशाली के तत्कालीन जिलाधिकारी उदय प्रताप सिंह और हाजीपुर सदर की एसडीएम निधि खरे ने यहां भव्य मंदिर निर्माण की नींव रखी थी। मंदिर की ऊंचाई 102 फीट है।