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Bihar: सीतामढ़ी में सरकारी अस्पताल राम भरोसे! गर्भवती मरीजों को भी नहीं मिल रहा इलाज, डॉक्टर-नर्स सब सोते मिले

Sat, 15 Jun 2024 02:03 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतामढ़ी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतामढ़ी Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Sat, 15 Jun 2024 02:03 PM IST
सार

Sitamarhi News: सीतामढ़ी का डुमरा पीएसी भगवान भरोसे चल रहा है। छह दिनों में दो बार वरीय अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किए जाने के बाद भी अस्पताल में ढुलमुल रवैया देखने को मिल रहा है। रात में अचानक मरीज के पहुंचे पर उन्हें कोई देखने-सुनने वाला नहीं। डॉक्टर-नर्स और एंबुलेंस ड्राइवर तक सब नदारद रहते हैं।

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Sitamarhi: Pregnant patients are not getting treatment in Dumra govt hospital, doctors nurses found sleeping
डुमरा पीएचसी का बुरा हाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार के सीतामढ़ी जिला मुख्यालय के डुमरा पीएचसी के हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। जबकि पिछले छह दिनों में दो बार वरीय अधिकारियों द्वारा इसका निरीक्षण भी किया गया है। इसके बावजूद यहां के हालात जस के तस हैं। खास बात तो यह है कि यह पीएचसी डीएम आवास के ठीक सामने है। फिर भी यहां के कर्मियों को बड़े अधिकारियों का बिल्कुल भी खौफ नहीं है। दरअसल, यहां डिलीवरी के लिए आई गर्भवती मरीज की शिकायत पर बीती रात अमर उजाला की टीम पहुंची तो सारी व्यवस्था का खुलासा हुआ। 

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जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार की रात मिश्रौलिया निवासी जय नारायण महतो अपनी पत्नी को लेकर करीब एक बजे पीएचसी पहुंचे। जहां उन्हें चिकित्सक नहीं मिले। मरीज की स्थित गंभीर थी, वहां एंबुलेंस चालक को भी खोजा गया। एंबुलेंस लगी हुई थी, लेकिन ड्राइवर नदारद थे। वहीं, करीब दो बजे अमर उजाला की टीम पहुंची तो हालात कुछ वैसे ही थे। यहां तक की सुरक्षा कर्मी भी तैनात नहीं थे। चिकित्सक रूम में चिकित्सक सोए हुए थे। उठाने पर नहीं उठे। सभी महिला कर्मी भी सोई हुईं थी। वहीं, इमरजेंसी रूम में पंखा चल रहा था, लेकिन कोई कर्मी मौजूद नहीं था। 
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उसी वक्त एक और डिलीवरी पेसेंट डुमरा के भवप्रसाद गांव से पहुंचे थे। भवप्रसाद से पहुंचे मुकेश राय अपनी पत्नी को ई-रिक्शा से लेकर भर्ती कराने आए थे। हालांकि, वह अपने गांव की आशा वर्कर को लेकर आए थे, जिसने एएनएम को जगाया और प्राथमिक उपचार कर उन्हें बेड दे दिया। उसके बाद फिर जाकर सो गई।
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इस संबंध में पूछे जाने पर सिविल सर्जन के झा ने बताया कि दो दिन पूर्व ही निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान नदारद पाए गए कर्मियों का वेतन भी बंद कर दिया गया है। वहीं, स्पष्टीकरण भी पूछा गया है। बीती रात अगर ऐसा मामला सामने आया है तो मरीज के लिखित शिकायती आवेदन पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

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