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Bihar News: रक्षक बने भक्षक! लूट की शिकायत करने पहुंचे पीड़ित को थाने में पीटा, मानवाधिकार आयोग में शिकायत
Thu, 10 Jul 2025 05:20 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Thu, 10 Jul 2025 05:20 PM IST
सार
मुजफ्फरपुर के रामपुर हरि थाना में लूट की शिकायत करने पहुंचे लेखापाल विशाल कुमार को थाने में ही बंद कर पीटा गया। थानाध्यक्ष पर मारपीट, मोबाइल छीनने और झूठा बयान देने का दबाव बनाने का आरोप है। पीड़ित फिलहाल अस्पताल में भर्ती है। मामले में राष्ट्रीय और राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई गई है।
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बिहार पुलिस पर मानवाधिकार हनन का आरोप
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से पुलिस की क्रूरता का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रामपुर हरि थाना में लूट की शिकायत दर्ज कराने पहुंचे एक पीड़ित को थानेदार ने न सिर्फ पीटा, बल्कि उसे हिरासत में लेकर गाली-गलौज और दुर्व्यवहार किया। अब यह मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) और बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग (BHRC) तक पहुंच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विशुनदेव नारायण सिंह इंटर महाविद्यालय, नरमा में लेखापाल के पद पर कार्यरत विशाल कुमार 8 जुलाई को बैंक में पैसे जमा कराने जा रहे थे। उसी दौरान बाइक सवार अपराधियों ने रास्ते में उन्हें रोका और ₹2,11,200 की लूट कर ली। घटना के बाद जब विशाल कुमार शिकायत दर्ज कराने रामपुर हरि थाना पहुंचे, तो वहां मौजूद थानाध्यक्ष सुजीत मिश्रा ने उल्टे उन्हें ही संदिग्ध मानते हुए थाने में बंद कर दिया और बेरहमी से मारपीट की।
थाने में की गई मारपीट, मोबाइल छीना, जबरन बयान देने का दबाव
पीड़ित का आरोप है कि थानाध्यक्ष ने न केवल उन्हें थाने में बंद किया बल्कि मोबाइल भी छीन लिया और यह कबूल करने के लिए दबाव डाला कि पैसे की लूट उन्होंने खुद करवाई है। जब उन्होंने झूठा बयान देने से इनकार किया, तो उनके साथ और ज्यादा मारपीट की गई। रात करीब 10:30 बजे उन्हें गंभीर हालत में थाने से भगा दिया गया। अगले दिन परिजनों ने उन्हें सदर अस्पताल, मुजफ्फरपुर में भर्ती कराया, जहां फिलहाल उनका इलाज चल रहा है।
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यह भी पढ़ें: बिहार चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज, सम्राट चौधरी के बयान पर RJD का पलटवार
माफी मांगते थानेदार का वीडियो वायरल
मामला जब तूल पकड़ने लगा तो थानाध्यक्ष सुजीत मिश्रा खुद अस्पताल पहुंचे और पीड़ित से माफी मांगते नजर आए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है और लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है।
मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज
पीड़ित विशाल कुमार ने अधिवक्ता के माध्यम से राष्ट्रीय और राज्य मानवाधिकार आयोग में दो अलग-अलग परिवाद दर्ज कराए हैं। अधिवक्ता ने इसे "मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन" बताया और कहा कि अब पुलिस रक्षक की जगह भक्षक की भूमिका निभा रही है। उन्होंने मामले में उच्च स्तरीय जांच और दोषी पुलिस अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, विशुनदेव नारायण सिंह इंटर महाविद्यालय, नरमा में लेखापाल के पद पर कार्यरत विशाल कुमार 8 जुलाई को बैंक में पैसे जमा कराने जा रहे थे। उसी दौरान बाइक सवार अपराधियों ने रास्ते में उन्हें रोका और ₹2,11,200 की लूट कर ली। घटना के बाद जब विशाल कुमार शिकायत दर्ज कराने रामपुर हरि थाना पहुंचे, तो वहां मौजूद थानाध्यक्ष सुजीत मिश्रा ने उल्टे उन्हें ही संदिग्ध मानते हुए थाने में बंद कर दिया और बेरहमी से मारपीट की।
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थाने में की गई मारपीट, मोबाइल छीना, जबरन बयान देने का दबाव
पीड़ित का आरोप है कि थानाध्यक्ष ने न केवल उन्हें थाने में बंद किया बल्कि मोबाइल भी छीन लिया और यह कबूल करने के लिए दबाव डाला कि पैसे की लूट उन्होंने खुद करवाई है। जब उन्होंने झूठा बयान देने से इनकार किया, तो उनके साथ और ज्यादा मारपीट की गई। रात करीब 10:30 बजे उन्हें गंभीर हालत में थाने से भगा दिया गया। अगले दिन परिजनों ने उन्हें सदर अस्पताल, मुजफ्फरपुर में भर्ती कराया, जहां फिलहाल उनका इलाज चल रहा है।
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माफी मांगते थानेदार का वीडियो वायरल
मामला जब तूल पकड़ने लगा तो थानाध्यक्ष सुजीत मिश्रा खुद अस्पताल पहुंचे और पीड़ित से माफी मांगते नजर आए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है और लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है।
मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज
पीड़ित विशाल कुमार ने अधिवक्ता के माध्यम से राष्ट्रीय और राज्य मानवाधिकार आयोग में दो अलग-अलग परिवाद दर्ज कराए हैं। अधिवक्ता ने इसे "मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन" बताया और कहा कि अब पुलिस रक्षक की जगह भक्षक की भूमिका निभा रही है। उन्होंने मामले में उच्च स्तरीय जांच और दोषी पुलिस अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।