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Bihar News: मुजफ्फरपुर में 42 साल बाद फिर शुरू हुई रामलीला, गौशाला मैदान में दस दिवसीय भव्य आयोजन
Fri, 12 Dec 2025 07:52 PM IST
तिरहुत ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,मुजफ्फरपुर
Published by: तिरहुत ब्यूरो
Updated Fri, 12 Dec 2025 07:52 PM IST
सार
मुजफ्फरपुर जिले में 42 साल के लंबे अंतराल के बाद रामलीला का भव्य आयोजन शुरू हुआ है। दस दिनों तक चलने वाला यह कार्यक्रम शहर के सिकंदरपुर स्थित गौशाला मैदान में 12 दिसंबर से 21 दिसंबर 2025 तक आयोजित किया जा रहा है।
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42 साल बाद मुजफ्फरपुर में फिर गूंजी रामकथा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुजफ्फरपुर जिले में लगभग चार दशक यानी 42 साल के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर रामलीला का आयोजन शुरू हो गया है। दस दिनों तक चलने वाला यह भव्य आयोजन शहर के सिकंदरपुर स्थित गौशाला मैदान में किया जा रहा है। कार्यक्रम 12 दिसंबर 2025 से 21 दिसंबर 2025 तक चलेगा।
इस रामलीला में अयोध्या और वृंदावन से आए कलाकार मंचन कर रहे हैं। वृंदावन से आए कृष्ण मुरारी कामवन के नेतृत्व में लीला प्रस्तुत की जा रही है। आयोजन की शुरुआत होते ही शहरवासियों में गजब का उत्साह देखने को मिला है और लोग दूर-दूर से इसे देखने पहुंच रहे हैं।
आयोजकों ने बताया कि राम राज्याभिषेक तक की कथा को आकर्षक मंच सज्जा, आधुनिक ध्वनि व प्रकाश व्यवस्था के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है। पहली बार रामलीला को इतने बड़े पैमाने पर आयोजित किया जा रहा है। मुख्य आयोजकों ने विशेष तैयारी की है। जो परंपरा कभी विलुप्त होने की कगार पर थी, उसे बचाने और पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
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ये भी पढ़ें- Bihar News: पटना में 25 जगह बनेंगे वेंडिंग जोन, मंत्री नितिन नवीन बोले- राजधानी को स्मार्ट बनना प्राथमिकता
रामलीला के संरक्षक दीपक पोद्दार ने बताया कि उन्हें इस आयोजन पर गर्व है। यह हमारी संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जो पाश्चात्य सभ्यता के बढ़ते प्रभाव के बीच कहीं खोता जा रहा था। उन्होंने कहा कि 42 वर्ष पहले मुजफ्फरपुर में रामलीला हुई थी और इसे फिर से जीवंत करने का संकल्प अब पूरा हुआ है। अयोध्या और वृंदावन के कलाकार इस रामलीला में विशेष भूमिका निभा रहे हैं। शहर में कार्यक्रम को लेकर खास उत्साह है और बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बुजुर्ग दर्शक रामलीला देखने के लिए पहुंच रहे हैं।
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इस रामलीला में अयोध्या और वृंदावन से आए कलाकार मंचन कर रहे हैं। वृंदावन से आए कृष्ण मुरारी कामवन के नेतृत्व में लीला प्रस्तुत की जा रही है। आयोजन की शुरुआत होते ही शहरवासियों में गजब का उत्साह देखने को मिला है और लोग दूर-दूर से इसे देखने पहुंच रहे हैं।
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आयोजकों ने बताया कि राम राज्याभिषेक तक की कथा को आकर्षक मंच सज्जा, आधुनिक ध्वनि व प्रकाश व्यवस्था के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है। पहली बार रामलीला को इतने बड़े पैमाने पर आयोजित किया जा रहा है। मुख्य आयोजकों ने विशेष तैयारी की है। जो परंपरा कभी विलुप्त होने की कगार पर थी, उसे बचाने और पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
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रामलीला के संरक्षक दीपक पोद्दार ने बताया कि उन्हें इस आयोजन पर गर्व है। यह हमारी संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जो पाश्चात्य सभ्यता के बढ़ते प्रभाव के बीच कहीं खोता जा रहा था। उन्होंने कहा कि 42 वर्ष पहले मुजफ्फरपुर में रामलीला हुई थी और इसे फिर से जीवंत करने का संकल्प अब पूरा हुआ है। अयोध्या और वृंदावन के कलाकार इस रामलीला में विशेष भूमिका निभा रहे हैं। शहर में कार्यक्रम को लेकर खास उत्साह है और बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बुजुर्ग दर्शक रामलीला देखने के लिए पहुंच रहे हैं।