{"_id":"678b778e25cbd15f9c0adfbd","slug":"muzaffarpur-high-court-gives-3-months-time-to-cbi-on-yashi-singh-case-says-search-for-missing-student-soon-2025-01-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar News: यशी सिंह मामले पर हाईकोर्ट ने CBI को दी तीन महीने की मोहलत, कहा- जल्द करें लापता छात्रा की तलाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar News: यशी सिंह मामले पर हाईकोर्ट ने CBI को दी तीन महीने की मोहलत, कहा- जल्द करें लापता छात्रा की तलाश
Sat, 18 Jan 2025 03:12 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Sat, 18 Jan 2025 03:12 PM IST
सार
Yashi Singh Missing Case: साल 2022 के अंत से लापता MBA छात्रा यशी सिंह का अबतक कुछ पता नहीं चल पाया है। इस मामले की सुनवाई में हाईकोर्ट ने सीबीआई को मोहलत देते हुए छात्रा को जल्द तलाशने का निर्देश दिया है। वहीं, पीड़ित परिवार ने पूरे मामले पर असंतोष जाहिर किया है।
विज्ञापन
छात्रा यशी सिंह साल 2022 के अंत से लापता हैं
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुजफ्फरपुर जिले की बहुचर्चित यशी सिंह लापता मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। पटना हाईकोर्ट ने इस केस की सुनवाई के दौरान सीबीआई को जांच पूरी करने के लिए तीन महीने का अतिरिक्त समय दिया है। हाईकोर्ट ने जांच एजेंसी को सख्त निर्देश दिया है कि वह जल्द से जल्द एमबीए की छात्रा यशी सिंह का पता लगाए और अदालत में प्रगति रिपोर्ट पेश करे।
विज्ञापन
क्या है यशी सिंह मामला?
जानकारी के मुताबिक, मुजफ्फरपुर के सदर थाना क्षेत्र के बीबीगंज मोहल्ला निवासी यशी सिंह एमबीए की छात्रा थी। वह 12 दिसंबर 2022 को रहस्यमय तरीके से घर से लापता हो गई थी। परिजन और स्थानीय प्रशासन ने शुरुआती जांच की, लेकिन कोई सुराग न मिलने पर मामला सीआईडी को सौंपा गया। इसके बाद भी जब कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया, तो केस को सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया।
विज्ञापन
सुनवाई में क्या हुआ?
पटना हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद की एकलपीठ में हुई। सीबीआई ने सुनवाई के दौरान अपनी जांच की प्रगति को लेकर सीलबंद रिपोर्ट पेश की। अदालत ने रिपोर्ट का अवलोकन किया और फिर इसे दोबारा सील कर दिया। वहीं, सीबीआई ने कोर्ट से अतिरिक्त समय की मांग करते हुए कहा कि मामले की जांच में कुछ नए पहलू उभरे हैं, जिन पर काम किया जा रहा है। इसके लिए तीन महीने का समय चाहिए।
विज्ञापन
इधर, अदालत ने सीबीआई की मांग को स्वीकार कर एजेंसी को तीन महीने की मोहलत दी। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिया कि इस अवधि में लापता यशी सिंह का पता लगाया जाए। इसके साथ ही कोर्ट ने सीबीआई से अगली सुनवाई में जांच की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
वादी पक्ष का असंतोष
यशी सिंह के परिवार के वकील अरविंद कुमार ने सीबीआई की जांच पर असंतोष जताया। उनका कहना था कि सीबीआई की जांच भी सीआईडी और पुलिस की शुरुआती जांच से अधिक प्रभावी नहीं दिख रही। अरविंद कुमार ने कहा कि जांच में कोई नया ठोस सुराग नहीं मिला है। परिवार को आज भी यह समझ नहीं आ रहा कि उनकी बेटी कहां है और कैसे गायब हुई। उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया वही पुराने कदमों की पुनरावृत्ति लगती है।
परिवार का छलका दर्द
यशी सिंह के परिवार ने भी जांच की धीमी गति पर नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि अब तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचा गया है। इस वजह से उनके दुःख और तनाव में और इजाफा हुआ है।