बिहार: मुजफ्फरपुर में कचरे से बनेगी गैस, एआई से होगी सफाई व्यवस्था की निगरानी; जर्मनी-फ्रांस की टीम पहुंची
मुजफ्फरपुर में सिटीज 2.0 परियोजना के तहत कचरे से कंप्रेस्ड बायोगैस बनाने और एआई से सफाई व्यवस्था की निगरानी की तैयारी है। जर्मनी-फ्रांस की टीम ने योजना की समीक्षा की। मंगलवार को रौतिनिया डंपिंग यार्ड समेत प्रस्तावित स्थलों का निरीक्षण किया जाएगा।
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उत्तर बिहार के सबसे बड़े शहर मुजफ्फरपुर को और अधिक व्यवस्थित, स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में पहल तेज हो गई है। सिटीज 2.0 परियोजना के तहत शहर में कचरे से गैस बनाने के लिए कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट स्थापित करने और सफाई व्यवस्था की निगरानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के माध्यम से करने की योजना है।
इस परियोजना के तहत सफाई और ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को एआई आधारित प्रणाली से जोड़ने का प्रस्ताव है। इसके माध्यम से सफाई व्यवस्था की निगरानी को अधिक तकनीकी और व्यवस्थित बनाया जाएगा। प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा और योजना को बेहतर बनाने के लिए जर्मनी और फ्रांस से अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल सोमवार को मुजफ्फरपुर पहुंचा।
इसके अलावा शहर के चयनित स्थलों को स्वच्छ और सुंदर मॉडल स्पॉट के रूप में विकसित करने की योजना पर भी विचार किया गया। लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान को और प्रभावी बनाने पर भी चर्चा हुई। बैठक में नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह मौजूद रहे। उन्होंने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से परियोजना और प्रस्तावित कार्यों की जानकारी दी।
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दरअसल, सिटीज 2.0 के तहत शहर में मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी और कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। इसके जरिए कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलने की दिशा में काम किया जाएगा। बैठक में स्रोत स्तर पर कचरे के पृथक्करण, कचरे से उपयोगी सामग्री और ऊर्जा तैयार करने तथा रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई।
अधिकारियों का कहना है कि इससे ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पर्यावरण अनुकूल बनाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा शहर के अन्य प्रमुख और महत्वपूर्ण स्थलों की निगरानी के लिए भी योजना तैयार कर उसे लागू करने पर चर्चा हुई।
मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी कार्यालय में बैठक और प्रस्तुतीकरण के बाद मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल मड़वन प्रखंड के रौतिनिया स्थित डंपिंग यार्ड समेत अन्य प्रस्तावित स्थलों का निरीक्षण करेगा। टीम मौजूदा स्थिति, उपलब्ध संसाधनों और प्रस्तावित तकनीकी व्यवस्था को जमीन पर लागू करने की संभावनाओं का जायजा लेगी। इस दौरान फिजिबिलिटी और अधिकतम कचरा उपयोग की संभावनाओं पर भी मंथन किया जाएगा।
इस मौके पर एफडी टीम के प्रमुख फैब्रिस जुक्वा समेत एंटोनी मोगेनो, जस्टिन प्लॉर्डे डेहाउमोंट, नितेश चंद्राकर और अमित गोस्वामी मौजूद रहे। एनआईयूए की ओर से सौरभ मनुजा, मोहम्मद आरिफ, दिलशाद अहमद और पुनीत बब्बर शामिल हुए। मुजफ्फरपुर नगर निगम के अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।