Bihar: मुजफ्फरपुर के शहीद सूबेदार राकेश कुमार सिंह को नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई, चारों ओर गूंजा 'अमर रहे'
Bihar: पहले पार्थिव शरीर को पटना एयरपोर्ट से दानापुर आर्मी कैंट ले जाया गया था। वहां से मुजफ्फरपुर पहुंचने पर जगह-जगह लोगों ने फूल बरसाकर शहीद को श्रद्धांजलि दी। जिस-जिस मार्ग से उनका अंतिम यात्रा काफिला गुजरा, लोग सड़क किनारे खड़े होकर सलामी देते रहे।
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मुजफ्फरपुर जिले के सरैया थाना क्षेत्र के सिउरीएमा गांव का माहौल बुधवार की शाम गमगीन हो उठा। थल सेना के सूबेदार राकेश कुमार सिंह (50 वर्ष) का पार्थिव शरीर जैसे ही पैतृक गांव पहुंचा, वहां भारत माता की जय और शहीद राकेश सिंह अमर रहें के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी। सेना के जवानों की मौजूदगी में शहीद का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया।
इससे पहले पार्थिव शरीर को पटना एयरपोर्ट से दानापुर आर्मी कैंट ले जाया गया था। वहां से मुजफ्फरपुर पहुंचने पर जगह-जगह लोगों ने फूल बरसाकर शहीद को श्रद्धांजलि दी। जिस-जिस मार्ग से उनका अंतिम यात्रा काफिला गुजरा, लोग सड़क किनारे खड़े होकर सलामी देते रहे। गौरतलब है कि 9 अगस्त की रात अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले के जिमनी ढांग क्षेत्र में चीन सीमा के समीप ड्यूटी के दौरान सड़क हादसे में सूबेदार राकेश कुमार सिंह शहीद हो गए थे। सेना ने लगातार आठ दिनों तक सर्च अभियान चलाया और 17 अगस्त को उनका पार्थिव शरीर घटनास्थल से करीब 12 किलोमीटर दूर नदी से बरामद किया।
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शहीद राकेश कुमार सिंह वर्ष 1994 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे और अगले वर्ष मार्च 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले थे। वे अपने पीछे पत्नी, पुत्र आयुष कुमार (17) और पुत्री साक्षी कुमारी (19) को छोड़ गए हैं। उनकी शहादत की खबर से गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र ने एक वीर सपूत खो दिया है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती।